हरमनप्रीत के भावुक होने को लेकर बोलीं वेदा कृष्णमूर्ति
नई दिल्ली, भारत की पूर्व क्रिकेटर वेदा कृष्णमूर्ति ने नेशनल टीम में हरमनप्रीत कौर के महत्व को रेखांकित किया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज के तीसरे मुकाबले में एक शानदार पारी खेलकर फॉर्म में लौटीं इस अनुभवी बल्लेबाज के बारे में वेदा ने कहा कि पारी के बाद हरमनप्रीत का भावुक होना उनके खेल के प्रति उस जुनून को दर्शाता है, जो आज भी उनमें बरकरार है।;
नई दिल्ली, भारत की पूर्व क्रिकेटर वेदा कृष्णमूर्ति ने नेशनल टीम में हरमनप्रीत कौर के महत्व को रेखांकित किया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज के तीसरे मुकाबले में एक शानदार पारी खेलकर फॉर्म में लौटीं इस अनुभवी बल्लेबाज के बारे में वेदा ने कहा कि पारी के बाद हरमनप्रीत का भावुक होना उनके खेल के प्रति उस जुनून को दर्शाता है, जो आज भी उनमें बरकरार है।
जिम्बाब्वे में भारत की 3-0 की सीरीज जीत के दौरान खेली गई यह पारी इस सीनियर बल्लेबाज के लिए एक बड़ा आत्मविश्वास बढ़ाने वाला कदम है, खासकर तब जब टीम की नजरें आगामी चैंपियंस ट्रॉफी पर टिकी हैं। हरमनप्रीत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 में 41 गेंदों में 91 रनों की धमाकेदार पारी खेली। भले ही हरमनप्रीत अब भारतीय टीम की कप्तान नहीं हैं, लेकिन बल्लेबाजी क्रम में उनकी भूमिका अभी भी बेहद अहम है। एक बड़े टूर्नामेंट के करीब आने और भारत की घरेलू परिस्थितियों में खेलने की तैयारी करने के बीच, कृष्णमूर्ति का मानना है कि टीम आगे भी पूर्व कप्तान के अनुभव और अहम मौकों पर अच्छा प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता पर भरोसा करेगी।
वेदा ने 'जियोस्टार' से कहा, "मुझे लगता है कि उनसे यही उम्मीद की जाती है। भले ही वह अब कप्तान नहीं हैं, फिर भी वह एक ऐसी अहम बल्लेबाज हैं जिन्हें भारत अपनी टीम में रखना चाहेगा, खासकर भारतीय परिस्थितियों में होने वाली आगामी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए। हरमन जैसी अनुभवी खिलाड़ी का टीम में होना बहुत मायने रखता है और यह भी जरूरी है कि वह रन बनाएं। इसी कारण उन्हें फिर से रन बनाते हुए देखकर अच्छा लगा।"
इस तरह, हरमनप्रीत की फॉर्म में वापसी भारत के लिए उम्मीद की एक और किरण लेकर आई है। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चैंपियंस ट्रॉफी के करीब आने के साथ दबाव की स्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करने की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाएगी। हालांकि, केवल बल्लेबाजी प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि हरमनप्रीत की भावुक प्रतिक्रिया ने भी कृष्णमूर्ति का ध्यान खींचा। हरमनप्रीत 91 रनों की पारी खेलने के बाद ब्रॉडकास्टर्स संग बातचीत करते हुए भावुक हो गई थीं। इस पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने गौर किया कि किस तरह यह सीनियर बल्लेबाज मैदान के अंदर और बाहर दोनों ही जगहों पर अपनी भावनाओं को खुलकर जाहिर करती हैं।
उन्होंने कहा, "क्रिकेट खेलते समय काफी जुनून होता है और इस जुनून के साथ भावनाएं भी जुड़ी होती हैं। कुछ खिलाड़ी अपनी भावनाओं को जाहिर नहीं करते, लेकिन हरमन ऐसी खिलाड़ी हैं जिन्होंने पहले भी मैदान पर और इंटरव्यू के दौरान अपनी भावनाओं को खुलकर दिखाया है। वह अपने दिल की बात बेझिझक सामने रखती हैं, शायद वह बाकी खिलाड़ियों के मुकाबले अपनी भावनाओं को कहीं ज्यादा खुलकर जाहिर करती हैं। कभी-कभी आप सब कुछ अपने अंदर दबाकर नहीं रख सकते, और जब आप अपनी बात जाहिर कर देते हैं, तो आपको अच्छा महसूस होता है। मैदान पर भी आप उन्हें मुस्कुराते और हंसते हुए देख सकते हैं। हरमन का स्वभाव ही ऐसा है।"