शिक्षक एमएलसी चुनाव: आगरा में तीन बूथों पर 26 अक्टूबर को फिर होगा मतदान, 23 अक्टूबर की वोटिंग रद्द
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तीन मतदेय स्थलों पर 26 अक्टूबर को पुनर्मतदान कराया जाएगा;
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तीन मतदेय स्थलों पर 26 अक्टूबर को पुनर्मतदान कराया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग ने इन केंद्रों पर 23 अक्टूबर को हुए मतदान को शून्य घोषित कर दिया है। पुनर्मतदान सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक होगा। आयोग ने मामले में जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कराकर 25 अक्टूबर तक रिपोर्ट सौंपने के भी निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शनिवार को बताया कि आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदेय स्थल संख्या-20, तहसील परिसर खेरागढ़ के कक्ष संख्या-1, मतदेय स्थल संख्या-21, क्षेत्र पंचायत कार्यालय सैंया के कक्ष संख्या-1 और मतदेय स्थल संख्या-26, क्षेत्र पंचायत कार्यालय फतेहाबाद के कक्ष संख्या-1 पर पुनर्मतदान कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 58ए(2)(ए) के तहत इन तीनों मतदेय स्थलों पर पहले हुए मतदान को शून्य घोषित किया है। आयोग ने पुनर्मतदान के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने और निर्वाचन लड़ने वाले उम्मीदवारों, मीडिया, आयोग के प्रेक्षकों तथा संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रम की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन व्यक्तियों की अवैध गतिविधियों या अनियमितताओं के कारण पुनर्मतदान की स्थिति उत्पन्न हुई, उन्हें दोबारा मतदान की प्रक्रिया में किसी भी तरह की जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाएगी। पुनर्मतदान के दौरान मतदाताओं के दाहिने हाथ की तर्जनी पर अमिट स्याही लगाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि मामले में जिम्मेदार व्यक्तियों, जिनमें पुलिसकर्मी और मतदान कार्मिक भी शामिल हैं, का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा। इस संबंध में आगरा मंडल के मंडलायुक्त को तत्काल जांच कर 25 अक्टूबर तक भारत निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
नवदीप रिणवा ने बताया कि तीनों मतदेय स्थलों पर पुनर्मतदान सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद मतगणना शुरू करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग से निर्धारित प्रारूप में अनुमति प्राप्त की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को मतदान निष्पक्ष, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए गए हैं।