T20 World Cup: भारत में खेलने से बांग्लादेश का इन्‍कार, ICC के फैसले से बढ़ा विवाद

बांग्लादेश सरकार और क्रिकेट बोर्ड ने साफ कहा है कि भारत में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। इस फैसले के बाद न सिर्फ बांग्लादेश के वर्ल्ड कप भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं, बल्कि ICC और BCCI के साथ उसके रिश्तों में भी तनाव बढ़ गया है।

Update: 2026-01-22 12:29 GMT

ढाका/दुबई। टी-20 वर्ल्ड कप से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने भारत में टी-20 वर्ल्ड कप खेलने से इनकार कर दिया है। बांग्लादेश सरकार और क्रिकेट बोर्ड ने साफ कहा है कि भारत में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। इस फैसले के बाद न सिर्फ बांग्लादेश के वर्ल्ड कप भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं, बल्कि ICC और BCCI के साथ उसके रिश्तों में भी तनाव बढ़ गया है। गुरुवार को राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों के साथ हुई एक अहम बैठक के बाद बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने कहा कि बांग्लादेश वर्ल्ड कप खेलना चाहता है, लेकिन मौजूदा हालात में भारत में खेलने को लेकर भरोसा नहीं बन पा रहा है।

खिलाड़ियों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता: आसिफ नजरुल

आसिफ नजरुल ने कहा, “ICC चाहे जितना भी दावा करे कि कोई सुरक्षा खतरा नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और कहती है। हमारे एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को भारत की घरेलू लीग से बाहर कर दिया गया और वही देश अब वर्ल्ड कप की मेजबानी कर रहा है। ऐसे में हमारे खिलाड़ियों का भरोसा डगमगाना स्वाभाविक है।” उन्होंने कहा कि बैठक का उद्देश्य खिलाड़ियों की राय जानना था और अधिकांश खिलाड़ियों ने सुरक्षा को लेकर आशंका जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम किसी भी कीमत पर अपने खिलाड़ियों को खतरे में नहीं डाल सकते।

ICC ने वेन्यू बदलने से किया इंकार

इस विवाद की जड़ ICC बोर्ड मीटिंग में लिया गया वह फैसला है, जिसमें बांग्लादेश की वेन्यू बदलने की मांग को खारिज कर दिया गया। 21 जनवरी को ICC ने BCB को भारत में खेलने पर अंतिम फैसला लेने के लिए एक दिन की मोहलत दी थी। बांग्लादेश ने आग्रह किया था कि सुरक्षा कारणों से उसके मैच श्रीलंका में कराए जाएं, लेकिन ICC ने इसे मानने से इनकार कर दिया। ICC का तर्क था कि भारत में टूर्नामेंट के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त है और किसी भी टीम के लिए अलग नियम नहीं बनाए जा सकते।

मुस्तफिजुर रहमान मामला बना टकराव की वजह

बांग्लादेश के रुख के पीछे सबसे अहम वजह मानी जा रही है तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान का मामला। बांग्लादेश का आरोप है कि भारत में हिंदुओं पर हमलों के विरोध के बीच बीसीसीआई के दबाव में आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने मुस्तफिजुर को टीम से बाहर कर दिया। BCB का कहना है कि यह फैसला सिर्फ क्रिकेटिंग कारणों से नहीं लिया गया और इसी ने सुरक्षा को लेकर संदेह पैदा किया।

राजनीतिक दबाव और आईपीएल प्रसारण पर बैन

मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर किए जाने के बाद यह मुद्दा बांग्लादेश की राजनीति में भी गरमा गया। विपक्षी दलों ने यूनुस सरकार पर दबाव बनाया, जिसके बाद बांग्लादेश सरकार ने अपने देश में आईपीएल के प्रसारण पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद ही भारत में वर्ल्ड कप खेलने के खिलाफ आवाज तेज हुई और इसे औपचारिक रूप से सुरक्षा चिंताओं से जोड़ दिया गया।

BCB अध्यक्ष बोले- ICC से बातचीत जारी रहेगी

BCB के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने कहा कि बोर्ड ICC से बातचीत बंद नहीं करेगा। उन्होंने कहा, “ICC बोर्ड मीटिंग में कुछ फैसले हमारे लिए चौंकाने वाले रहे हैं। हम एक बार फिर ICC से बात करेंगे और कहेंगे कि हमारी चिंताओं को गंभीरता से सुना जाए। यह लड़ाई हम आखिरी दम तक लड़ेंगे।” हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मौजूदा हालात बांग्लादेश क्रिकेट के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण हैं।

किन देशों ने किया समर्थन, कौन रहे खिलाफ

ICC बोर्ड मीटिंग में बांग्लादेश को ज्यादा समर्थन नहीं मिला। सूत्रों के अनुसार—14 देशों ने बांग्लादेश के खिलाफ वोट किया। सिर्फ पाकिस्तान ने बांग्लादेश का समर्थन किया। भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अन्य प्रमुख क्रिकेट देशों ने ICC के फैसले का समर्थन किया।

भारत में न खेलने के क्या हो सकते हैं नुकसान?

1. टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर हो सकता है बांग्लादेश

ICC ने साफ कर दिया है कि वेन्यू नहीं बदला जाएगा। ऐसे में अगर बांग्लादेश भारत में खेलने से इनकार करता है, तो उसे वर्ल्ड कप से बाहर किया जा सकता है।

2. द्विपक्षीय सीरीज पर असर

BCCI भी जवाबी कदम उठाते हुए भविष्य में भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय सीरीज से इनकार कर सकता है। इससे BCB को भारी आर्थिक नुकसान होगा, क्योंकि भारत के साथ खेलने से सबसे ज्यादा राजस्व मिलता है।

3. वर्ल्ड क्रिकेट में अलग-थलग पड़ने का खतरा

ICC के फैसले को न मानने से बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अलग-थलग पड़ सकता है। बोर्ड मीटिंग में मिले कमजोर समर्थन ने यह संकेत दे दिया है।

4. IPL और दूसरी टी-20 लीग्स पर असर

IPL फ्रेंचाइजियां दुनिया की कई दूसरी लीग्स जैसे SA20, ILT20, MLC और द हंड्रेड में भी सक्रिय हैं। विवाद बढ़ने पर बांग्लादेशी खिलाड़ियों को इन लीग्स से भी बाहर किया जा सकता है।

5. स्पॉन्सरशिप और ब्रांड वैल्यू में गिरावट

भारतीय कंपनियां बांग्लादेशी खिलाड़ियों की बड़ी स्पॉन्सर हैं। मौजूदा विवाद के चलते पहले ही कुछ कॉन्ट्रैक्ट होल्ड किए जा चुके हैं। हालात बिगड़े तो ये पूरी तरह रद्द हो सकते हैं।

पाकिस्तान ने समर्थन किया, लेकिन बहिष्कार नहीं


बांग्लादेश को उम्मीद थी कि पाकिस्तान उसके साथ खड़ा होकर टूर्नामेंट के बहिष्कार का ऐलान करेगा।हालांकि PCB ने ICC मीटिंग में बांग्लादेश के पक्ष में वोट दिया, लेकिन टी-20 वर्ल्ड कप से हटने का फैसला नहीं किया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पाकिस्तान अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकता है, लेकिन फिलहाल PCB ने ऐसी किसी योजना की पुष्टि नहीं की है।

टी-20 वर्ल्ड कप की सबसे बड़ी चुनौती


अब सबकी नजरें ICC के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या ICC अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा?या बांग्लादेश को वर्ल्ड कप से बाहर होना पड़ेगा? 

फिलहाल इतना तय है कि यह विवाद सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें राजनीति, कूटनीति और व्यावसायिक हित सभी शामिल हो चुके हैं। आने वाले दिनों में यह संकट टी-20 वर्ल्ड कप की सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है।

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