बुमराह के वर्कलोड पर बीसीसीआई की खास रणनीति, 2027 वनडे विश्व कप तक ODI पर रहेगा फोकस
सूत्रों के अनुसार, भारतीय तेज आक्रमण की अगुआई करने वाले बुमराह अगले लगभग डेढ़ साल के दौरान टी-20 अंतरराष्ट्रीय द्विपक्षीय सीरीज की तुलना में ज्यादा वनडे मुकाबले खेल सकते हैं।
नई दिल्ली : टी-20 विश्व कप के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम की जीत में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) की भूमिका बेहद अहम रही थी। अपनी सटीक और धारदार गेंदबाजी से उन्होंने न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा, जिससे विपक्षी टीम लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी। इस शानदार प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में बुमराह भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों में से एक हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) अब उनके वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर विशेष रणनीति तैयार कर रहा है, ताकि आने वाले वर्षों में उनकी फिटनेस और प्रदर्शन दोनों बरकरार रह सकें।
वनडे पर रहेगा ज्यादा फोकससूत्रों के अनुसार, भारतीय तेज आक्रमण की अगुआई करने वाले बुमराह अगले लगभग डेढ़ साल के दौरान टी-20 अंतरराष्ट्रीय द्विपक्षीय सीरीज की तुलना में ज्यादा वनडे मुकाबले खेल सकते हैं। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप के लिए उनकी तैयारियों को सही दिशा में बनाए रखना है। यही कारण है कि अक्टूबर–नवंबर 2027 तक टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों को अपेक्षाकृत कम प्राथमिकता दी जा सकती है। हालांकि इस अवधि में द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहेगा, जिससे टीम प्रबंधन को खिलाड़ियों के कार्यभार को सावधानी से संतुलित करना होगा।
एशियाई खेल और ओलिंपिक पर भी नजर
इसी दौरान जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में भी क्रिकेट टी-20 प्रारूप में खेला जाएगा। माना जा रहा है कि इस प्रतियोगिता में भारतीय टीम की कप्तानी सूर्यकुमार यादव को सौंपी जा सकती है। इसके अलावा जानकारी सामने आई है कि बुमराह समेत भारतीय टीम के कई वरिष्ठ खिलाड़ी 2028 में लॉस एंजेलिस ओलिंपिक में भी हिस्सा लेने के इच्छुक हैं। ओलिंपिक में क्रिकेट को टी-20 प्रारूप में शामिल किया गया है। इसके बावजूद 2027 वनडे विश्व कप तक सीमित ओवरों के क्रिकेट में बुमराह का मुख्य ध्यान वनडे प्रारूप पर ही केंद्रित रहने की संभावना है।
आईपीएल के बाद तेज होंगी तैयारियां
भारतीय टीम की 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियां इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के बाद और तेज होने की उम्मीद है। आईपीएल के दो महीने लंबे और व्यस्त सत्र के दौरान बुमराह मुंबई इंडियंस के तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई करते नजर आएंगे। टूर्नामेंट समाप्त होने के बाद राष्ट्रीय चयन समिति, वीवीएस लक्ष्मण की अगुआई वाले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और टीम प्रबंधन मिलकर आगे की रणनीति तैयार करेंगे। इस योजना का सबसे अहम हिस्सा बुमराह के कार्यभार का संतुलित प्रबंधन होगा, ताकि उन्हें जरूरत के अनुसार आराम भी मिल सके और महत्वपूर्ण मैचों में उनकी उपलब्धता भी बनी रहे।
टेस्ट क्रिकेट भी रहेगा अहम
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के मुकाबले भी बुमराह के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। ऐसे में इन मैचों में उनका खेलना लगभग तय माना जा रहा है। उनके कार्यभार प्रबंधन की रणनीति कुछ हद तक 2023–2026 के दौर जैसी हो सकती है। उस समय उन्होंने एक भी वनडे मैच नहीं खेला था और टीम प्रबंधन ने उनकी फिटनेस को ध्यान में रखते हुए सीमित प्रारूपों में उनकी भागीदारी को संतुलित रखा था।
फिटनेस को लेकर कोई जोखिम नहीं
बीसीसीआई के एक सूत्र के मुताबिक, बुमराह की फिटनेस भारतीय टीम के किसी भी बड़े वैश्विक अभियान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए टीम प्रबंधन को तीनों प्रारूपों को ध्यान में रखते हुए सावधानी से योजना बनानी होगी। सूत्र ने बताया कि टेस्ट क्रिकेट में उनका खेलना लगभग तय है, जबकि वनडे विश्व कप चक्र में उनका फोकस ज्यादा वनडे मुकाबलों पर रहेगा। इस दौरान करीब 30 से 35 मैचों का कार्यक्रम हो सकता है, इसलिए किसी तरह का जोखिम लेना सही नहीं होगा।
वनडे क्रिकेट में भारत के पास तेज गेंदबाजों के विकल्प बहुत ज्यादा नहीं हैं, लेकिन माना जा रहा है कि मुख्य तेज आक्रमण में जसप्रीत बुमराह के साथ मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा शामिल हो सकते हैं। आने वाले समय में यही समूह भारतीय टीम की तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभाल सकता है।
टी-20 विश्व कप में रहा शानदार प्रदर्शन
टी-20 विश्व कप में बुमराह ने अपनी घातक गेंदबाजी से भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में आठ मैचों में 6.21 की किफायती इकोनॉमी रेट से कुल 14 विकेट लिए थे। इस दौरान वह भारत के वरुण चक्रवर्ती के साथ संयुक्त रूप से टीम के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। वरुण चक्रवर्ती ने नौ मैचों में 9.25 की इकोनॉमी के साथ 14 विकेट हासिल किए थे। इन दोनों गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन ने भारत को खिताब दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। यही वजह है कि बीसीसीआई अब बुमराह की फिटनेस और कार्यभार को लेकर बेहद सतर्क रणनीति अपना रहा है, ताकि आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में उनकी सेवाएं पूरी तरह उपलब्ध रह सकें। 🏏