75 और 97 ही नहीं गौतम गंभीर की 137 रन की पारी भी है यादगार

नई दिल्ली, भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर बतौर क्रिकेटर भी टीम इंडिया के लिए बेहद सफल रहे हैं।;

By :  IANS
Update: 2026-10-14 05:21 GMT

नई दिल्ली, भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर बतौर क्रिकेटर भी टीम इंडिया के लिए बेहद सफल रहे हैं। अपने समय के बेहतरीन ओपनर रहे गंभीर के करियर की सबसे यादगार पारियों में टी20 विश्व कप 2007 के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 75 और वनडे विश्व कप 2011 के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ खेली 97 रन की मैच-विजयी पारियां हमेशा अहम रहेंगी, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में भी गंभीर ने ऐसी कई पारियां खेली हैं, जो बतौर बल्लेबाज उनकी संपूर्णता का उदाहरण हैं।

गौतम गंभीर ने अपने टेस्ट करियर में देश और विदेश में कई प्रशंसनीय पारियां खेली हैं, लेकिन न्यूजीलैंड के नेपियर में 2009 में खेली गई 137 रन की पारी उनके टेस्ट करियर की सबसे अद्भुत और बेहतरीन पारी मानी जाती है। गंभीर की उस पारी ने भारत को हार से बचाया था।

न्यूजीलैंड ने उस टेस्ट में पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 619 रन बनाकर पारी घोषित कर दी थी। भारतीय टीम पहली पारी में 305 रन पर आउट होकर फॉलोऑन खेलने को मजबूर थी।

भारत के लिए जरूरी था कि दूसरी पारी में अच्छी शुरुआत मिले, नहीं तो हार तय थी। भारतीय पारी की शुरुआत करने गंभीर सहवाग के साथ उतरे थे। सहवाग ने 22 रन बनाकर अपना विकेट गंवा दिया। इसके बाद गंभीर ने राहुल द्रविड़ (62) के साथ दूसरे विकेट के लिए 133 रन की साझेदारी की। इस दौरान दोनों ने 376 गेंदें खेलीं। द्रविड़ के आउट होने के बाद गंभीर ने तेंदुलकर (64) के साथ तीसरे विकेट के लिए 97 रन की साझेदारी की। इस दौरान दोनों ने 191 गेंदें खेलीं। इसके बाद गंभीर ने लक्ष्मण के साथ चौथे विकेट के लिए 96 रन जोड़े। दोनों ने इस दौरान 289 गेंदें खेलीं। गंभीर चौथे विकेट के रूप में 436 गेंदों पर 137 रन की पारी खेलकर आउट हुए।

गंभीर का विकेट गिरने के बाद वीवीएस लक्ष्मण (नाबाद 124, 212 गेंद) और युवराज सिंह (नाबाद 54, 63 गेंद) ने बचा हुआ समय सफलतापूर्वक निकालकर मैच बचा लिया। मैच समाप्ति के समय भारत का स्कोर 4 विकेट पर 476 रन था।

इस मैच में द्रविड़, सचिन, लक्ष्मण और युवराज सभी ने अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन गंभीर की 436 गेंदों पर खेली 137 रन की पारी और क्रीज पर गुजारे 643 मिनट भारत की इस टेस्ट में हार टालने की अहम वजह रहे। गंभीर की इस पारी को उनके टेस्ट करियर की सबसे बेहतरीन पारी माना जाता है।

2003 से 2016 के बीच बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज गंभीर ने भारत के लिए 58 टेस्ट, 147 वनडे और 37 टी20 मैच खेले। टेस्ट में 9 शतक और 22 अर्धशतक की मदद से उन्होंने 4,154, वनडे में 11 शतक और 34 अर्धशतक लगाते हुए 5,238 रन और टी20 में 7 अर्धशतक लगाते हुए 932 रन बनाए।

वनडे विश्व कप 2011 और टी20 विश्व कप 2007 में भारत को चैंपियन बनाने में यादगार भूमिका निभाने वाले गंभीर ने 2018 में संन्यास ले लिया था।

गंभीर बतौर कोच भारतीय क्रिकेट में अपनी दूसरी पारी खेल रहे हैं। गंभीर 9 जुलाई 2024 को भारतीय टीम के कोच बने थे। उनकी कोचिंग में भारतीय टीम आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और टी20 विश्व कप 2026 जीत चुकी है। उनका बतौर हेड कोच कार्यकाल वनडे विश्व कप 2027 तक है।

14 अक्टूबर 1981 को दिल्ली में जन्मे गंभीर बुधवार को अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं।

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