न्यूजीलैंड : शिवम दुबे रहेंगे ज्यादा असरदार
नई दिल्ली, भारत के पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर का मानना है कि न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी के मुकाबले गेंदबाजी में ज्यादा असरदार साबित हो सकते हैं। नायर ने इसके पीछे दुबे के अंतरराष्ट्रीय अनुभव, पिच से बाउंस निकालने की क्षमता और दबाव वाले मैचों में उनके प्रदर्शन का हवाला दिया है।;
नई दिल्ली, भारत के पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर का मानना है कि न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी के मुकाबले गेंदबाजी में ज्यादा असरदार साबित हो सकते हैं। नायर ने इसके पीछे दुबे के अंतरराष्ट्रीय अनुभव, पिच से बाउंस निकालने की क्षमता और दबाव वाले मैचों में उनके प्रदर्शन का हवाला दिया है। नायर ने कुलदीप यादव की रिस्ट-स्पिन को भी भारत के लिए एक बड़ा फायदा बताया, खासकर तब जब पिच से गेंद को ज्यादा मूवमेंट न मिल रही हो।
यह बताते हुए कि दुबे गेंदबाजी के लिए एक ज्यादा भरोसेमंद विकल्प क्यों हो सकते हैं, नायर ने घरेलू फ्रेंचाइजी क्रिकेट और भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल मैचों में खेलने के बीच के अंतर पर जोर दिया। नीतीश कुमार रेड्डी ने सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है, जबकि अहम अंतरराष्ट्रीय मैचों में शिवम दुबे का योगदान उन्हें टीम के मौजूदा कॉम्बिनेशन में एक बेहतर विकल्प बनाता है।
अभिषेक नायर ने 'जियोस्टार' से बात करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि शिवम दुबे पर ज्यादा भरोसा किया जा सकता है, क्योंकि उन्होंने भारत के लिए पहले भी ऐसा करके दिखाया है। नीतीश कुमार रेड्डी ने एसआरएच के लिए अच्छी गेंदबाजी की है, लेकिन दुर्भाग्य से भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल मैचों में उन्होंने अभी तक वैसी भूमिका नहीं निभाई है। वर्ल्ड कप के दौरान हमने देखा था कि बड़े मैचों में शिवम दुबे ने अपने बाउंसर, सटीक लाइन और शॉर्ट-पिच गेंदों की मदद से महत्वपूर्ण विकेट लिए थे। इसी कारण कुल मिलाकर मुझे लगता है कि शिवम दुबे पर ज्यादा भरोसा किया जा सकता है।"
पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने कहा, "इसके अलावा, जिस तरह की पावर दुबे के पास है और जिस क्रम पर वह बल्लेबाजी करते हैं, उसे देखते हुए वह मौजूदा भारतीय टीम और उसके ढांचे में बिल्कुल फिट बैठते हैं। यही वजह है कि मेरा मानना है कि न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में शिवम दुबे ज्यादा असरदार साबित होंगे, क्योंकि वह पिच पर जोर से गेंद पटकने (हिट द डेक) में माहिर हैं। शिवम दुबे एक लंबे कद के गेंदबाज हैं, जिससे उन्हें विदेशी परिस्थितियों में नीतीश कुमार रेड्डी के मुकाबले थोड़ा ज्यादा बाउंस मिल जाता है।"
नायर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ कुलदीप को एक अहम रणनीतिक विकल्प के रूप में भी देखा, जहां शुरुआती ओवरों में सीम और स्विंग तेज गेंदबाजों की मदद कर सकती है। उनके अनुसार, इस बाएं हाथ के रिस्ट-स्पिनर की गेंद का प्रक्षेप पथ और विपक्षी बल्लेबाजों के लिए पैदा की गई अनिश्चितता पावरप्ले खत्म होने के बाद काफी काम आ सकती है, जिससे भारत के गेंदबाजी आक्रमण में विविधता आएगी।
उन्होंने कहा, "वहां थोड़ी सीम और स्विंग देखने को मिलेगी। अक्सर ऐसी परिस्थितियों में, जहां पिच से गेंद को ज्यादा टर्न या मूवमेंट नहीं मिलता, वहां एक रिस्ट-स्पिनर काम आता है। उनकी गेंद का प्रक्षेप पथ अलग होता है और गेंद तेजी से फिसलती है। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि जब कुलदीप यादव गेंदबाजी करते हैं, तो हर टीम - खासकर विदेशी खिलाड़ियों - के मन में यह सवाल जरूर होता है कि उनका सामना कैसे किया जाए।"
उन्होंने आगे कहा, "आपको रणनीतिक रूप से सोचना होता है कि वह (कुलदीप) किन ओवरों में गेंदबाजी करेंगे। पावरप्ले में ज्यादातर ओवर तेज गेंदबाज ही डालेंगे। अगर स्पिनर गेंदबाजी करते हैं, तो वे कब करेंगे? कुलदीप यादव का इस्तेमाल कब होगा? पावरप्ले (छह ओवर) के बाद। वरुण चक्रवर्ती का इस्तेमाल कब होगा? पावरप्ले के बाद। मुझे लगता है कि ऐसी परिस्थितियों में, खासकर न्यूजीलैंड के खिलाफ कुलदीप यादव भारतीय टीम के लिए अहम हथियार साबित हो सकते हैं।"