मनीष नरवाल ने पैरालंपिक गेम्स को जयकारे भारत के लिए गर्व

नई दिल्ली, वैश्विक स्तर पर निशानेबाजी में भारतीय एथलीटों और पैरा एथलीटों ने देश का नाम प्रतिष्ठित किया है। मंच चाहें ओलंपिक का हो, कॉमनवेल्थ गेम्स का हो, एशियन गेम्स हों या फिर अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का, भारतीय निशानेबाज देश के लिए पदक जीतते हैं। पैरा निशानेबाजी में मनीष नरवाल भारत के लिए बेहद करिश्माई रहे हैं। इस युवा पैरा-पिस्टल शूटर ने पैरालंपिक में देश के लिए गोल्ड जीता है।;

By :  IANS
Update: 2026-09-30 06:44 GMT

नई दिल्ली, वैश्विक स्तर पर निशानेबाजी में भारतीय एथलीटों और पैरा एथलीटों ने देश का नाम प्रतिष्ठित किया है। मंच चाहें ओलंपिक का हो, कॉमनवेल्थ गेम्स का हो, एशियन गेम्स हों या फिर अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का, भारतीय निशानेबाज देश के लिए पदक जीतते हैं। पैरा निशानेबाजी में मनीष नरवाल भारत के लिए बेहद करिश्माई रहे हैं। इस युवा पैरा-पिस्टल शूटर ने पैरालंपिक में देश के लिए गोल्ड जीता है।

मनीष नरवाल का जन्म 17 अक्टूबर 2001 को बल्लभगढ़, हरियाणा में हुआ था। हरियाणा को भारतीय खेलों का गढ़ माना जाता है। अलग-अलग विधाओं में खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल की है। हरियाणा के युवाओं को आदर्श ढूँढ़ने के लिए कहीं दूर नहीं देखना पड़ता। इसी माहौल का असर मनीष पर पड़ा और उन्होंने निशानेबाजी में करियर बनाने का मन बनाया।

नरवाल के पिता पहलवान रहे हैं और दो भाई निशानेबाजी में थे। इसलिए शूटर के तौर पर नरवाल को करियर को आगे बढ़ाने में किसी घरेलू बाधा का सामना नहीं करना पड़ा। बतौर शूटर उनकी यात्रा की शुरुआत 15 साल की उम्र में हुई। वह पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 कैटेगरी में हिस्सा लेते हैं।

कोच जय प्रकाश नौटियाल की देखरेख में नरवाल ने 16 साल की उम्र में 2017 बैंकॉक वर्ल्ड कप में अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेला। उन्होंने पी1-10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 इवेंट में गोल्ड जीता और क्वालीफिकेशन राउंड के साथ-साथ फाइनल में भी जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। नरवाल ने चैंपियनशिप और वर्ल्ड कप में कई और मेडल जीते। जकार्ता में 2018 एशियन पैरा-गेम्स में उन्होंने पी1-मेन्स 10 मीटर एयर पिस्टल और पी4-मिक्स्ड 50 मीटर फ्री पिस्टल इवेंट्स में एक गोल्ड और एक सिल्वर जीता, जिससे एक स्टार पैरा-शूटर के तौर पर उनकी पहचान और पक्की हो गई।

नरवाल को करियर की सबसे बड़ी सफलता टोक्यो पैरालंपिक में मिली। उन्होंने पी4-मिक्स्ड 50 मीटर पिस्टल इवेंट में गोल्ड जीता था। इसके अलावा, पेरिस पैरालंपिक में उन्होंने 10 मीटर में सिल्वर मेडल जीता था।

मनीष को शूटिंग में उनकी बड़ी सफलता और इस खेल को बढ़ाने में उनके योगदान को देखते हुए, उन्हें भारत सरकार द्वारा मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

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