कपिल पोखरिया ने जीता ब्रॉन्ज मेडल, सेमीफाइनल में मिली हार
निशियो, एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष मुक्केबाज कपिल पोखरिया को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा है। कपिल को 90 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में उज्बेकिस्तान के तुरबेक खबीबुल्लाव के खिलाफ 1-4 से हार का सामना करना पड़ा।;
निशियो, एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष मुक्केबाज कपिल पोखरिया को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा है। कपिल को 90 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में उज्बेकिस्तान के तुरबेक खबीबुल्लाव के खिलाफ 1-4 से हार का सामना करना पड़ा।
सेमीफाइनल मुकाबले में कपिल तुरबेक के सामने संघर्ष करते नजर आए और फाइनल में जगह बनाने का उनका सपना साकार नहीं हो सका। हालांकि, वह अपने एशियन गेम्स डेब्यू में ही ब्रॉन्ज मेडल जीतने में जरूर सफल रहे। तुरबेक ने शुरुआत से ही मैच में अपनी पकड़ बनाए रखी और पहले राउंड को 5-0 से जीता।
इसके बाद दूसरे राउंड में भी उज्बेकिस्तान के मुक्केबाज का दबदबा देखने को मिला और वह राउंड को 4-1 से अपने नाम करने में सफल रहे। कपिल ने वापसी करने का प्रयास किया, लेकिन तुरबेक ने उन्हें ज्यादा मौके नहीं दिए और मुकाबले को आसानी से अपने नाम करते हुए फाइनल का टिकट हासिल किया।
इससे पहले, भारतीय महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने 75 किलोग्राम वर्ग में कजाकिस्तान की मुक्केबाज नताल्या बोगदानोवो को 3-2 से हराते हुए फाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ ही लवलीना ने एशियन गेम्स 2026 में कम से कम अपना सिल्वर मेडल पक्का कर लिया है। लवलीना लगातार दो एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं।
सेमीफाइनल में शुरुआती राउंड में लवलीना अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से दूर नजर आईं और उन्हें 2-3 के अंतर से हार झेलनी पड़ी। हालांकि, इसके बाद उन्होंने अपनी रणनीति बदली और मुकाबले पर पकड़ बनानी शुरू की। भारतीय स्टार मुक्केबाज ने दूसरा और तीसरा दोनों राउंड अपने नाम करते हुए मैच का रुख पलट दिया। उनके सटीक और आक्रामक पंचों ने कजाकिस्तान की प्रतिद्वंद्वी को लगातार दबाव में रखा। दूसरे राउंड में सभी पांच जजों ने लवलीना को 10-10 अंक दिए। वहीं, तीसरे राउंड में दो जजों ने उन्हें 10 अंक और तीन जजों ने 9 अंक दिए, जिससे उनकी जीत सुनिश्चित हो गई।
हालांकि, भारतीय मुक्केबाज प्रिया घंघस को सेमीफाइनल में हार के बाद ब्रॉन्ज मेडल के साथ भारत लौटना होगा। उन्हें चीन की यांग चेंग्यू के खिलाफ 1-4 से हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले के दौरान प्रिया अपनी लय हासिल नहीं कर सकीं और चीनी खिलाड़ी के सटीक हमलों का प्रभावी जवाब देने में नाकाम रहीं। भारतीय बॉक्सर ने शुरुआत आक्रामक अंदाज में की थी, लेकिन यांग का मजबूत डिफेंस और संतुलित खेल उनके लिए बड़ी चुनौती साबित हुआ। मैच आगे बढ़ने के साथ चीनी मुक्केबाज ने मुकाबले पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और जीत दर्ज की।