भारतीय महिला हॉकी टीम ने दमदार प्रदर्शन किया
गिफू, एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है। बुधवार को गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में पूल बी के मैच में भारत ने थाईलैंड को 20-1 से रौंदते हुए एक और बड़ी जीत हासिल की।;
गिफू, एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है। बुधवार को गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में पूल बी के मैच में भारत ने थाईलैंड को 20-1 से रौंदते हुए एक और बड़ी जीत हासिल की।
इस जीत के साथ ही भारत का टूर्नामेंट में अजेय रिकॉर्ड बरकरार है और स्योर्ड मारिजने की कोचिंग वाली टीम पूल स्टैंडिंग में मजबूती से शीर्ष पर बनी हुई है। यह भारत की लगातार तीसरी जीत है। इससे पहले भारतीय टीम ने उज्बेकिस्तान को 19-0 और फिर इंडोनेशिया को 17-1 के बड़े अंतर से शिकस्त दी थी।
थाईलैंड के खिलाफ दीपिका का प्रदर्शन शानदार रहा और उन्होंने मैच में कुल 9 गोल दागे। फॉरवर्ड और ड्रैग-फ्लिक स्पेशलिस्ट दीपिका ने अपने सभी 9 गोल पेनल्टी कॉर्नर से किए, जिससे बार-बार यह साफ हुआ कि थाईलैंड को भारत के सेट-पीस अटैक का सामना करने में कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
नवनीत कौर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार गोल दागे, जबकि रुतुजा पिसल ने हैट्रिक पूरी की। इसके अलावा, नेहा, लालरेम्सियामी, साक्षी राणा और कप्तान सलीमा टेटे ने भी गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। भारतीय टीम ने पूरे मैच में आक्रामक खेल दिखाया और लगातार विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा। शानदार अटैक और बेहतरीन तालमेल के दम पर भारत ने मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण रखा और विपक्ष को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
थाईलैंड चौथे क्वार्टर के आखिर में एक गोल करने में कामयाब हो सका। पेनल्टी कॉर्नर से सुपांसा समंसो का ड्रैग-फ्लिक थोड़ा डिफ्लेक्ट होकर भारतीय गोल में चला गया, जिससे थाईलैंड को मैच का एकमात्र गोल मिला। भारत की यह जीत पूल बी में उसके शानदार प्रदर्शन का हिस्सा रही। इससे पहले टीम ने इंडोनेशिया को 17-1 से हराकर अपनी जबरदस्त गोल करने की क्षमता दिखाई थी। उस मुकाबले में दीपिका, रुतुजा पिसल और नवनीत कौर ने हैट्रिक लगाई थी। वहीं, सुनेलिता टोप्पो, लालरेम्सियामी और साक्षी ने दो-दो गोल किए थे, जबकि इशिका और कप्तान सलीमा टेटे ने भी गोल दागे थे।
भारतीय महिला हॉकी टीम का अगला मुकाबला शुक्रवार को जापान से होगा। इस मैच में एक और मजबूत प्रदर्शन टीम की नॉकआउट चरण से पहले स्थिति को और मजबूत कर सकता है। भारत की नजर हांगझोऊ एशियन गेम्स में जीते गए ब्रॉन्ज मेडल से बेहतर प्रदर्शन करने पर है। टीम 1982 के बाद महिला हॉकी में अपना पहला एशियाई खेलों का गोल्ड मेडल जीतने की कोशिश कर रही है।
भारत ने 1982 में घरेलू मैदान पर हुए एशियाई खेलों में महिला हॉकी में पहला गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। लगातार तीन जीत और शुरुआती मुकाबलों में 56 गोल करने के साथ भारतीय टीम ने पूल बी की सबसे मजबूत टीम के रूप में खुद को स्थापित किया है। टीम का आक्रमण बेहद प्रभावशाली रहा है, जबकि उसका डिफेंस भी मजबूत नजर आया है।