तैराकी में हिमांशु नंदन ने जीता ब्रॉन्ज मेडल
नागोया, भारतीय तैराक हिमांशु नंदन ने मंगलवार को यहां एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने 5 मिनट 10.91 सेकंड का समय निकालकर पोडियम पर अपनी जगह बनाई। इस स्पर्धा में कुल चार तैराक शामिल थे।;
नागोया, भारतीय तैराक हिमांशु नंदन ने मंगलवार को यहां एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने 5 मिनट 10.91 सेकंड का समय निकालकर पोडियम पर अपनी जगह बनाई। इस स्पर्धा में कुल चार तैराक शामिल थे।
हरियाणा के रोहतक के रहने वाले 22 वर्षीय हिमांशु नंदन ने अपने पैरा-तैराकी करियर में एक और उपलब्धि जोड़ी है। इससे पहले वे एक स्पर्धा में मेडल जीतने से बहुत कम अंतर से चूक गए थे, लेकिन इस बार उन्होंने पूल में अपनी बेहतरीन सहनशक्ति का प्रदर्शन किया। सोमवार को, नंदन पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक एस11 प्रतियोगिता में चौथे स्थान पर रहे थे।
ऑप्टिक नर्व (दृष्टि तंत्रिका) की खराबी के कारण जन्म से ही दृष्टिहीन, नंदन ने भारत के होनहार दृष्टिबाधित तैराकों में से एक के रूप में अपनी पहचान बनाई है। एस11 क्लासिफिकेशन उन एथलीटों के लिए होता है जिनकी दृष्टि लगभग पूरी तरह से चली गई हो। ऐसे में उनका यह हालिया प्रदर्शन उनके खेल करियर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
नंदन के खेल करियर की शुरुआत तैराकी से नहीं हुई थी। उन्होंने सबसे पहले जूडो में हाथ आजमाया और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में मेडल भी जीते। इसके बाद 2021 में उन्होंने तैराकी की ओर रुख किया। यह बदलाव उनके लिए काफी फायदेमंद साबित हुआ। घरेलू चैंपियनशिप में उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें एक ऐसे तैराक के रूप में स्थापित कर दिया, जिस पर सबकी नजरें टिकी रहती हैं।
उदयपुर में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप 2022 में नंदन ने दो गोल्ड मेडल जीते और 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में 1 मिनट 17 सेकंड का समय लेकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। उसी साल बाद में गुवाहाटी में हुई चैंपियनशिप में भी उन्होंने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा और तीन और गोल्ड मेडल जीते, साथ ही नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाए।
इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई। 2023 में एस11 श्रेणी में अंतरराष्ट्रीय क्लासिफिकेशन मिलने के बाद, नंदन ने चीन के हांगझोऊ में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया। 2024 में वह पेरिस पैरालंपिक के लिए न्यूनतम योग्यता मानक हासिल करने वाले पहले भारतीय दृष्टिहीन तैराक बने। उन्होंने सिंगापुर में वर्ल्ड पैरा स्विमिंग चैंपियनशिप 2025 में दुनिया के बेहतरीन तैराकों के खिलाफ खुद को परखा, जहां वह दो फाइनल में पहुंचे।
इस बीच, भारत के रवि कार्तिक बुडिगिना पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 स्पर्धा में 5:41.70 के समय के साथ पांचवें स्थान पर रहे। बुडिगिना ने सोमवार को पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता था। एस13 क्लासिफिकेशन में वह तैराक आते हैं, जिनकी दृष्टि बाधित है, लेकिन उनकी दृष्टि दोष की गंभीरता अपेक्षाकृत कम है।