"जीतने वाली टीम का हिस्सा न होकर निराश हूं": संजू सैमसन
हैदराबाद, भारतीय क्रिकेट टीम को बुधवार को राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए चौथे टी20 में वेस्टइंडीज के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।;
हैदराबाद, भारतीय क्रिकेट टीम को बुधवार को राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए चौथे टी20 में वेस्टइंडीज के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। 248 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम 223 रन ही बना सकी और 24 रन से मैच हार गई। भारतीय टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन का कहना है कि तिलक वर्मा का आउट होना भारत की हार का टर्निंग पॉइंट था।
मैच के बाद सैमसन ने कहा, "मैच का टर्निंग पॉइंट तब आया जब तिलक आउट हुए। हम आसानी से जीत की तरफ बढ़ रहे थे। हर ओवर में 10-12 रन बहुत अच्छे से आ रहे थे। रेड्डी और तिलक दबाव वाली स्थिति में अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे। उस समय तक हम मैच में थे। पांच विकेट गंवाने के बाद इस तरह का नियंत्रण होना—दो युवा क्रिकेटरों का इस तरह दबाव में खेलना, सच में बहुत अच्छी बात है।"
248 रन के टारगेट का पीछा करते हुए भारत ने 12वें ओवर में 130 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे, लेकिन तिलक और नीतीश रेड्डी की जोड़ी मैच को करीब लेकर गई। तिलक के आउट होने के समय भारत को 19 गेंदों पर 48 रन की जरूरत थी। सैमसन ने पारी की शुरुआत करते हुए 23 गेंदों पर 56 रन बनाकर भारत को तेज शुरुआत दिलाई थी।
उन्होंने कहा, "जब आप हारने वाली टीम में होते हैं तो आप जो भी करते हैं, वह बहुत अलग लगता है, इसलिए मैं इस समय थोड़ा निराश हूं। मैं निश्चित रूप से जीतने वाली टीम में होना चाहता था। मुझे वहां बल्लेबाजी करने में बहुत मजा आया। जब आप इस तरह के स्कोर का पीछा कर रहे होते हैं, तो कोई दूसरी बात नहीं होती—आपको बस अपनी सूझबूझ, अपने पावर गेम पर भरोसा करना होता है और मैंने वही किया। मैंने सच में उस पारी का मजा लिया, लेकिन मैं जीतने वाली टीम में होना पसंद करता।"
क्या इंडिया को गेंद से जसप्रीत बुमराह की कमी खल रही थी? इस सवाल के जवाब में सैमसन ने कहा, "जसप्रीत बुमराह का कोई रिप्लेसमेंट नहीं है। वह एक पीढ़ी में एक बार आने वाले गेंदबाज हैं। हम बहुत लकी हैं कि वह हमारे पास हैं। हमारे पास कुछ बहुत अच्छे टैलेंट भी आए हैं। अर्शदीप बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। प्रिंस यादव ने पिछले कुछ मैचों में जिस तरह से बॉलिंग की है, वह बहुत प्रभावी है। मुझे लगता है कि हमारे पास कुछ बहुत अच्छे टैलेंट हैं। हम उन्हें जितना ज्यादा खिलाएंगे, जितना ज्यादा उनका साथ देंगे, वे उतने ही बेहतर बनेंगे।"