तमीम इकबाल को ‘भारत का एजेंट’ बताने पर बांग्लादेश क्रिकेट में बवाल, पूर्व और मौजूदा खिलाड़ियों का बीसीबी अधिकारी पर तीखा हमला

तमीम इकबाल ने हाल ही में बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में बांग्लादेश क्रिकेट टीम को लेकर एक संतुलित और भविष्यपरक सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि अगले महीने भारत में होने वाले टी-20 विश्व कप में हिस्सा लेने या न लेने का फैसला भावनाओं में बहकर नहीं, बल्कि दूरगामी परिणामों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

Update: 2026-01-10 10:01 GMT
ढाका। बांग्लादेश क्रिकेट इस समय एक बड़े विवाद के केंद्र में है। देश के पूर्व कप्तान और सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल तमीम इकबाल को “भारत का एजेंट” कहे जाने पर क्रिकेट जगत में जबरदस्त नाराजगी देखने को मिल रही है। यह विवाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) की वित्त समिति के चेयरमैन और निदेशक नजमुल के एक फेसबुक पोस्ट से शुरू हुआ, जिसके बाद पूर्व और मौजूदा बांग्लादेशी क्रिकेटर खुलकर सामने आ गए हैं।

मामला इतना बढ़ गया है कि बांग्लादेश क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन (BCWA) ने भी आधिकारिक तौर पर इस बयान की निंदा करते हुए बीसीबी अध्यक्ष को पत्र लिखकर संबंधित अधिकारी से सार्वजनिक माफी और कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला
दरअसल, तमीम इकबाल ने हाल ही में बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में बांग्लादेश क्रिकेट टीम को लेकर एक संतुलित और भविष्यपरक सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि अगले महीने भारत में होने वाले टी-20 विश्व कप में हिस्सा लेने या न लेने का फैसला भावनाओं में बहकर नहीं, बल्कि दूरगामी परिणामों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। तमीम के इस बयान के बाद बीसीबी के निदेशक और वित्त समिति के चेयरमैन नजमुल ने सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट लिख दी। फेसबुक पर उन्होंने तमीम पर निशाना साधते हुए लिखा, “इस बार बांग्लादेश के लोगों ने अपनी आंखों से एक भारतीय एजेंट का उदय होते हुए देखा है।” यह पोस्ट सामने आते ही बांग्लादेश क्रिकेट जगत में तूफान आ गया।

क्रिकेटरों का फूटा गुस्सा

नजमुल के इस बयान पर न केवल प्रशंसकों, बल्कि बांग्लादेश के मौजूदा और पूर्व क्रिकेटरों ने भी कड़ी आपत्ति जताई। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो, तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद, पूर्व कप्तान मोमिनुल हक और स्पिनर ताइजुल इस्लाम समेत कई खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया और निजी बयान के जरिए नाराजगी जाहिर की। क्रिकेटरों का कहना है कि तमीम इकबाल जैसे खिलाड़ी, जिन्होंने डेढ़ दशक से ज्यादा समय तक देश की सेवा की हो, उनके खिलाफ इस तरह की भाषा न सिर्फ अपमानजनक है बल्कि पूरे क्रिकेट समुदाय का मनोबल तोड़ने वाली है।

बांग्लादेश की टेस्ट टीम के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने अब इस बयान पर नाराजगी जताई है। शांतो ने कहा, 'बहुत दुखद… बहुत दुखद कि इस तरह का बयान एक पूर्व कप्तान और बांग्लादेश के सबसे सफल क्रिकेटरों में से एक के बारे में दिया गया. यह अस्वीकार्य है। एक खिलाड़ी, चाहे वह पूर्व कप्तान हो या नहीं, सम्मान का हकदार होता है, अंततः एक क्रिकेटर सम्मान की आशा रखता है।


क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन का सख्त रुख

बांग्लादेश क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन (BCWA) ने इस पूरे मामले पर बेहद कड़ा और आधिकारिक बयान जारी किया। एसोसिएशन ने कहा, “बीसीबी निदेशक नजमुल द्वारा पूर्व कप्तान तमीम इकबाल के बारे में दिया गया बयान स्तब्ध करने वाला है। इससे हम बेहद आक्रोशित हैं।” एसोसिएशन ने आगे कहा कि तमीम बांग्लादेश के सबसे सफल ओपनर रहे हैं और उन्होंने 16 वर्षों तक देश का प्रतिनिधित्व किया है। यह केवल तमीम जैसे खिलाड़ी के बारे में नहीं है। देश के किसी भी क्रिकेटर के खिलाफ ऐसी टिप्पणियां पूरी क्रिकेटिंग समुदाय के लिए अस्वीकार्य और अपमानजनक हैं।

आचार संहिता पर उठे सवाल
क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने नजमुल के बयान को बीसीबी अधिकारियों की आचार संहिता से जोड़ते हुए गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि जब एक जिम्मेदार बोर्ड निदेशक सार्वजनिक मंच पर इस तरह की टिप्पणियां करता है, तो यह बोर्ड की गरिमा और निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। BCWA ने यह भी स्पष्ट किया कि वह पहले ही बीसीबी अध्यक्ष को एक विरोध पत्र सौंप चुकी है, जिसमें संबंधित निदेशक से सार्वजनिक माफी की मांग की गई है और उन्हें जवाबदेह ठहराने की अपील की गई है। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि बीसीबी अध्यक्ष जल्द ही इस मामले में उचित कार्रवाई करेंगे।

भारत में टी-20 विश्व कप और बीसीबी की चिंता
इस विवाद की पृष्ठभूमि में टी-20 विश्व कप भी अहम भूमिका निभा रहा है। गौरतलब है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) को दो बार पत्र लिखकर बांग्लादेश के मैच भारत से किसी अन्य देश, विशेष रूप से श्रीलंका, स्थानांतरित करने की मांग की थी। बीसीबी का तर्क था कि मौजूदा हालात को देखते हुए भारत में खेलने को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं हैं। हालांकि, ICC ने इस मांग को साफ तौर पर खारिज कर दिया। आईसीसी ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश टीम को भारत में किसी तरह का खतरा नहीं है और फिलहाल मैचों के आयोजन स्थल में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

तमीम इकबाल ने क्या कहा था
तमीम इकबाल के बयान को कई लोग तोड़-मरोड़कर पेश किए जाने का आरोप लगा रहे हैं। दरअसल, तमीम ने बीबीसी से बातचीत में कहा था कि बांग्लादेश को टी-20 विश्व कप में भागीदारी को लेकर भावनात्मक नहीं, बल्कि व्यावहारिक फैसला लेना चाहिए। उन्होंने कहा, “ऐसे फैसलों का असर सिर्फ आज पर नहीं, बल्कि 10 साल बाद तक पड़ता है।” तमीम ने यह भी माना था कि मौजूदा स्थिति नाजुक है और तुरंत कोई टिप्पणी करना आसान नहीं है, लेकिन संवाद ही हर समस्या का समाधान हो सकता है। उन्होंने कहा, अगर सभी लोग एक साथ आएं, तो कई मुद्दों को बातचीत से सुलझाया जा सकता है।

भविष्य पर नजर रखने की सलाह

तमीम ने आगे कहा कि बांग्लादेश क्रिकेट को यह सोचना होगा कि वह विश्व क्रिकेट में किस स्थान पर खड़ा है और उसका भविष्य किस दिशा में जाना चाहिए। तमीम ने कहा था, आपको यह देखना होगा कि बांग्लादेश क्रिकेट का भविष्य क्या हो सकता है और फिर उसी के अनुसार फैसले लेने होंगे। यही संतुलित सलाह अब विवाद का कारण बन गई है।

बांग्लादेश क्रिकेट में बढ़ती खाई

इस पूरे घटनाक्रम ने बांग्लादेश क्रिकेट के भीतर प्रशासन और खिलाड़ियों के बीच बढ़ती खाई को उजागर कर दिया है। जहां खिलाड़ी इसे सम्मान और गरिमा से जुड़ा मुद्दा मान रहे हैं, वहीं बोर्ड के भीतर की बयानबाजी ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। अब सबकी नजरें बीसीबी अध्यक्ष पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या तमीम इकबाल को लेकर दिए गए विवादित बयान पर कोई औपचारिक कार्रवाई होती है या नहीं।

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