नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसने उन्हें विश्व क्रिकेट में चर्चा का विषय बना दिया है। महज 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले वैभव अब भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन चुके हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ शॉट्स ने जहां क्रिकेट प्रशंसकों को प्रभावित किया है, वहीं उनकी उम्र को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने इस बहस पर अपनी राय रखी है। उन्होंने वैभव की उम्र पर चर्चा करने के बजाय उनके क्रिकेटिंग टैलेंट और प्रदर्शन पर ध्यान देने की बात कही।
‘उम्र से ज्यादा जरूरी उसकी काबिलियत’
एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान ब्रेट ली ने कहा कि वैभव की उम्र चाहे 15, 16, 17 या 18 साल हो, इससे उनकी प्रतिभा कम नहीं हो जाती। उनके मुताबिक, महत्वपूर्ण यह है कि युवा बल्लेबाज उच्चतम स्तर पर खेलने की क्षमता और आत्मविश्वास दिखा रहा है। ब्रेट ली ने कहा कि भारत के बाहर कुछ लोग उनकी उम्र को लेकर सवाल जरूर उठा सकते हैं, लेकिन अगर वैभव की उम्र 17 या 18 साल भी हो, तब भी वह असाधारण प्रतिभा वाले खिलाड़ी हैं। ली ने उनके खेल और मानसिक मजबूती की सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में इस स्तर का क्रिकेट खेलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
तेज गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ अंदाज ने किया प्रभावित
ब्रेट ली ने वैभव की पावर-हिटिंग और तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनके आत्मविश्वास की खास तौर पर तारीफ की। उन्होंने यह भी बताया कि अगर अपने खेल के दिनों में उन्हें वैभव जैसे बल्लेबाज के सामने गेंदबाजी करनी पड़ती तो उन्हें अपनी रणनीति पर विशेष ध्यान देना पड़ता। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज के मुताबिक, वैभव सिर्फ ताकत के दम पर शॉट नहीं लगाते, बल्कि उनकी बल्लेबाजी में क्रिकेटिंग शॉट्स की समझ भी नजर आती है। यही वजह है कि उन्होंने युवा बल्लेबाज को भारतीय क्रिकेट का भविष्य बताया।
IPL की उस पारी का भी किया जिक्र
ब्रेट ली ने वैभव सूर्यवंशी की आईपीएल में खेली गई एक तूफानी पारी को भी याद किया। उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ वैभव की 97 रन की पारी का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा बल्लेबाज ने तेज गेंदबाजी के सामने जिस तरह आत्मविश्वास के साथ शॉट खेले, वह खास था। उस पारी ने वैभव को कम उम्र में ही बड़े क्रिकेट मंच पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी बल्लेबाजी में तेज रन बनाने की क्षमता और गेंद की गति का इस्तेमाल करने की काबिलियत ने क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान खींचा।
जिम्बाब्वे दौरे पर भी दिखाया दम
वैभव का शानदार प्रदर्शन सिर्फ घरेलू क्रिकेट या आईपीएल तक सीमित नहीं रहा है। हाल ही में जिम्बाब्वे दौरे पर भी उन्होंने प्रभावशाली बल्लेबाजी की। सीरीज में सबसे ज्यादा 151 रन बनाने के बाद उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। इस उपलब्धि के साथ वैभव ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। 15 साल 121 दिन की उम्र में प्लेयर ऑफ द सीरीज बनने वाले वह दुनिया के सबसे युवा क्रिकेटर बने। इससे पहले यह रिकॉर्ड अफगानिस्तान के मुजीब उर रहमान के नाम था, जिन्होंने 16 साल 328 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।
सबसे कम उम्र में भारत के लिए T20I डेब्यू
इंग्लैंड दौरे पर तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज में मौका मिलते ही वैभव ने भारत के लिए सबसे कम उम्र में टी20 इंटरनेशनल डेब्यू करने का रिकॉर्ड बनाया। उनकी एंट्री ने भारतीय क्रिकेट में एक नई पीढ़ी की दस्तक का संकेत दिया है। उम्र को लेकर बहस के बीच ब्रेट ली का बयान वैभव के प्रदर्शन पर फोकस करने की बात करता है। आने वाले समय में इस युवा बल्लेबाज पर उम्मीदों का दबाव भी बढ़ेगा। अब देखना होगा कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बड़े मंच पर अपने आक्रामक अंदाज और तकनीक को किस तरह लगातार प्रदर्शन में बदलते हैं।