नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की सीनियर पुरुष चयन समिति में बदलाव को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने चयनकर्ता पद के लिए आवेदन नहीं किया है। पश्चिम क्षेत्र के प्रतिनिधि के लिए आवेदन करने की समयसीमा 14 अक्टूबर को समाप्त हो गई। पार्थिव को इस पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा था, लेकिन उनके दौड़ से बाहर रहने के कारण प्रज्ञान ओझा के मुख्य चयनकर्ता बने रहने की संभावना बढ़ गई है। हालांकि, अंतिम फैसला बीसीसीआई की चयन प्रक्रिया और आगे होने वाले घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।
पार्थिव पटेल ने क्यों नहीं किया आवेदन?
पार्थिव पटेल का नाम पश्चिम क्षेत्र से सीनियर चयनकर्ता के पद के संभावित उम्मीदवारों में सबसे आगे माना जा रहा था। ऐसे में उनके आवेदन नहीं करने के फैसले ने चयन समिति में संभावित बदलाव को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। बीसीसीआई के एक अधिकारी के हवाले से आई जानकारी के मुताबिक, आवेदन जमा करने की अंतिम समयसीमा 14 अक्टूबर को शाम पांच बजे थी। तब तक पार्थिव की ओर से आवेदन नहीं किया गया था। अधिकारी ने यह भी कहा कि बोर्ड आवेदन की समयसीमा बढ़ाएगा या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है। यदि समयसीमा बढ़ाई जाती है या पार्थिव अपना फैसला बदलते हैं, तो स्थिति में बदलाव संभव है। फिलहाल पार्थिव के चयन प्रक्रिया से दूर रहने के कारण पश्चिम क्षेत्र की खाली जगह के लिए दूसरे उम्मीदवारों की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
प्रज्ञान ओझा को मिल सकता है फायदा
पश्चिम क्षेत्र के पद पर चयन की प्रक्रिया का असर मुख्य चयनकर्ता की जिम्मेदारी पर भी पड़ सकता है। दक्षिण क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रज्ञान ओझा के कार्यकाल के शेष समय तक इस पद पर बने रहने की संभावना जताई जा रही है। मौजूदा चयन समिति में ओझा के पास सबसे अधिक टेस्ट मैच खेलने का अनुभव बताया जा रहा है। यही वजह है कि मुख्य चयनकर्ता की जिम्मेदारी के लिए उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। हालांकि, इस पद को लेकर अंतिम निर्णय बीसीसीआई की आधिकारिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा। चयन समिति में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सदस्यों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए बोर्ड को आगे की रणनीति तय करनी होगी। ऐसे में पश्चिम क्षेत्र से उपयुक्त उम्मीदवार का चयन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रमेश पोवार और समीर दिघे के नाम भी चर्चा में
पार्थिव पटेल के आवेदन नहीं करने के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर रमेश पोवार और समीर दिघे के नाम भी चर्चा में हैं। पोवार को जूनियर पुरुष चयन समिति का अध्यक्ष बनने का संभावित दावेदार माना जा रहा था। अब वह सीनियर चयन समिति में पश्चिम क्षेत्र के प्रतिनिधि के पद के लिए भी विकल्प बन सकते हैं। पूर्व विकेटकीपर समीर दिघे का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल है। इससे पहले जब चयनकर्ता पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे, तब पोवार और दिघे दोनों ने आवेदन किया था। हालांकि, पश्चिम क्षेत्र से सीनियर चयनकर्ता बनने के लिए योग्य और प्रमुख दावेदारों की संख्या सीमित मानी जा रही है। ऐसे में बोर्ड के सामने उपयुक्त उम्मीदवार चुनने की चुनौती हो सकती है।
क्या बीसीसीआई बढ़ाएगा आवेदन की समयसीमा?
अब सभी की नजरें बीसीसीआई के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि बोर्ड आवेदन की समयसीमा बढ़ाने का फैसला करता है, तो पार्थिव पटेल के पास दोबारा विचार करने और आवेदन करने का विकल्प हो सकता है। हालांकि, अभी तक समयसीमा बढ़ाए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। यदि प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आगे बढ़ती है, तो पोवार और दिघे जैसे नामों पर विचार किए जाने की संभावना बनी रहेगी। चयन समिति में पश्चिम क्षेत्र का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड को उम्मीदवारों की योग्यता और अनुभव के आधार पर फैसला लेना होगा।
गुजरात टाइटंस और कमेंट्री से जुड़े रह सकते हैं पार्थिव
पार्थिव पटेल के चयनकर्ता पद के लिए आवेदन नहीं करने के बाद माना जा रहा है कि वह फिलहाल अपनी मौजूदा पेशेवर जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। वह गुजरात टाइटंस के कोचिंग स्टाफ से जुड़े हैं और कमेंट्री के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। यदि वह चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं होते हैं, तो क्रिकेट से जुड़ी इन भूमिकाओं को जारी रखने की संभावना रहेगी।