अंजुम चोपड़ा बोलीं- टीम इंडिया के फैसलों पर सवाल, हरमनप्रीत के साथ खड़ी हूँ
नई दिल्ली, महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम का सफर समाप्त हो गया है। रविवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली हार के साथ टीम टूर्नामेंट से ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गई। भारत की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा ने टीम के कई फैसलों पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, उन्होंने कप्तान हरमनप्रीत कौर का बचाव किया है।;
नई दिल्ली, महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम का सफर समाप्त हो गया है। रविवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली हार के साथ टीम टूर्नामेंट से ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गई। भारत की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा ने टीम के कई फैसलों पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, उन्होंने कप्तान हरमनप्रीत कौर का बचाव किया है।
अंजुम चोपड़ा के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया टीम के बल्लेबाजी क्रम को देखते हुए नॉकआउट मुकाबले में 170 रनों का स्कोर काफी नहीं था। अंजुम ने जियोस्टार संग बात करते हुए कहा, "सबसे पहले, बोर्ड पर रन काफी नहीं थे। 170 एक अच्छा टोटल है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ असल में वर्ल्ड कप नॉकआउट में यह थोड़ा कम था। फिर आपको शुरुआत में विकेट चटकाकर इस स्कोर का बचाव करना होता है। ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम के खिलाफ एक या दो विकेट से काम नहीं चलता। ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम को रोकने के लिए आपको अतिरिक्त रन बनाने होते हैं, ताकि आपके गेंदबाज को कुछ सहारा मिल सके।"
भारत की पूर्व कप्तान ने ऋचा घोष को देरी से भेजने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "इसके साथ ही मुझे लगा कि ऋचा घोष को 17वें ओवर तक भेज देना चाहिए था। ऋचा को एक ओवर देर से भेजने से आपको फिनिशिंग किक नहीं मिली। वहीं, पांचवीं गेंदबाज की समस्या हमेशा की तरह इस बार भी टीम के लिए एक इश्यू बना रहा।" मैच के नतीजे पर बात करते हुए अंजुम ने भारतीय बल्लेबाजी क्रम में निरंतरता की कमी की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि लगातार फेरबदल ने खिलाड़ियों को तय रोल में सेट नहीं होने दिया।
अंजुम ने कहा, "अगर यास्तिका भाटिया आपकी नंबर 3 बैटर थीं, तो उन्होंने इस मैच में उस पोजीशन पर बैटिंग क्यों नहीं की? अगर जेमिमा रोड्रिग्स इंग्लैंड सीरीज में नंबर 3 पर खेल रही थीं, तो उन्होंने वर्ल्ड कप में ऐसा क्यों नहीं किया? मेरा निजी तौर पर मानना है कि हरमनप्रीत को नंबर 3 पर बैटिंग करनी चाहिए और नंबर 4 पर आपके पास एक ऐसी बल्लेबाज होनी चाहिए जो मैच पर सकारात्मक असर डाल सके, और वह हैं ऋचा घोष।"
उन्होंने कहा, "बांग्लादेश वाले मैच के अलावा, ऋचा ने पूरे टूर्नामेंट में नंबर 4 पर बल्लेबाजी नहीं की। गेंदबाजी भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत नहीं है, यह बात हर कोई जानता है, यहां तक कि विरोधी टीम भी जानती है। इसी वजह से अगर बैटिंग भारत की ताकत है, तो उन्हें वह असर डालने दें जिसकी आपको जरूरत है और उम्मीद करें कि गेंदबाजी बाकी काम कर दे। ऑस्ट्रेलिया एक अच्छी टीम है और उनके खिलाफ सात प्रति ओवर से रन बनाने से आप मैच नहीं जीतेंगे, आपको 9 पर जाना होगा।"
हालांकि, अंजुम ने हरमनप्रीत का बचाव किया। उन्होंने कहा, "मुझे अब भी लगता है कि वह भारत को लीड करने के लिए हरमनप्रीत सबसे अच्छी कप्तान हैं। मुझे नहीं लगता कि इस समय कोई और खिलाड़ी कप्तानी के लिए तैयार है। अगर हम कप्तानी से लेकर बल्लेबाजी और गेंदबाजी तक, काम करने के एरिया के बारे में बात करना शुरू करें, तो यह होमवर्क की एक लंबी लिस्ट होगी। सबसे अहम फोकस एरिया टी20 फॉर्मेट के लिए जरूरी अप्रोच होना चाहिए। हम इसे महिला प्रीमियर लीग में ही पूरी तरह से देखते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "जैसे ही वे भारतीय टीम में वापस आते हैं, वे अपनी भूमिका में पूरी तरह ढल जाते हैं और पूरी ऊर्जा के साथ खेलते हैं। अगर 200 रन नहीं तो कम से कम 180 रन तक पहुंचना चाहिए। उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए खिलाड़ियों को खुद पर भरोसा रखना होगा। हालांकि, टॉप ऑर्डर ने उतना आत्मविश्वास नहीं दिखाया। मुझे लगता है कि इस समय हरमनप्रीत कौर आपकी सबसे अच्छी कप्तान हैं, लेकिन जब निडर बल्लेबाजी की बात आती है तो टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज कौन हैं? अंजुम ने कहा कि इसका जवाब ढूंढने की शुरुआत अगले ही दिन से कर देनी चाहिए।"