सिम्स में निजी अस्पतालों के दलाल सक्रिय

बिलासपुर ! सिम्स में निजी अस्पतालों के दलाल खुलेआम घूम रहे हैं, जो प्राइवेट अस्पतालों के एजेंट के तौर पर सिम्स में भर्ती मरीजों को बहकाकर डिस्चार्ज कराकर निजी अस्पताल ले जाते हैं।;

Update: 2017-02-13 22:47 GMT

ग्रामीणों को इलाज में भय दिखाकर करा रहे प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती
बिलासपुर !   सिम्स में निजी अस्पतालों के दलाल खुलेआम घूम रहे हैं, जो प्राइवेट अस्पतालों के एजेंट के तौर पर सिम्स में भर्ती मरीजों को बहकाकर डिस्चार्ज कराकर निजी अस्पताल ले जाते हैं। जहां मरीजों को भर्ती कर मोटी रकम इलाज के नाम पर वसूली जाती है।
सिम्स में आज ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला जहां निजी अस्पताल के ड्रायवर व दलाल वार्ड में गये और मरीज के परिजन को इलाज की अव्यवस्था का हवाला देकर डिस्चार्ज कराकर लाईफ केयर हॉस्पिटल ले गये। सिम्स के मेल सर्जिकल वार्ड 1 में मस्तूरी के सुभाष कुमार 13 वर्षीय बच्चे को आज दोपहर 2 बजे निजी हास्पिटल के दलाल डिस्चार्ज कराकर ले गये।
मेडिकल वार्ड में भर्ती सुभाष कुमार के परिजनों ने बताया कि 9 फरवरी को बच्चे ने कृमिनाशक दवा का सेवन कर लिया था, जिसे उपचार के लिए सिम्स लाया गया था। यहां उपचार चल रहा था। लेकिन आज सुबह दो आदमी आये और सिम्स में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव बताते रहे जिससे परिवार वालों ने डिस्चार्ज कराने की बात कही और दोपहर 2 बजे डिस्चार्ज करा लिये हैं। अब लाईफ केयर हास्पिटल लेकर जा रहे हैं।
सिम्स में हर दिन निजी हास्पिटलों के एजेंट गांव से आये मरीजों के परिजनों को अपने जाल में फांसते हैं तथा सिम्स की बदइंतजामी व इलाज का अभाव बताकर भोलेभाले ग्रामीण मरीजों को निजी हास्पिटल ले जाते हैं जिसके एवज में उन्हें कमीशन मिलता है। सिम्स में प्राइवेट अस्पतालों के दलाल खुलेआम सभी वार्डों में घूमते रहते हैं और किसी भी मरीज के परिजनों को यह सिम्स के खामियों का हवाला देते हुए अपने जाल में फंसा लेते हैं और प्राइवेट हास्पिटल के स्वास्थ्य सुविधा का गुणगान करते हुए डिस्चार्ज कराकर निजी अस्पताल ले जाते हैं। सिम्स में प्राइवेट हास्पिटल गाड़ी, एम्बुलेंस पार्किंग कर खड़ी रहती है व उनके ड्रायवर व एजेंट वार्ड से लेकर सिम्स के बाहर परिसर तक मौजूद रहते हैं जबकि नियम यह है कि किसी भी हास्पिटल के वाहन सरकारी अस्पतालों के मुख्य द्वार पर नहीं रखा जा सकता है।

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