शिवरीनारायण मेले में शराब की बिक्री रोकने प्रशासन नाकाम
जांजगीर ! छत्तीसगढ़ के सबसे ख्याति प्राप्त मेले का शुभारम्भ 10 फरवरी से हो गया है जो 24 फरवरी महाशिवरात्री तक चलेगा। शिवरीनारायण मेले में भीड़ दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।;
जांजगीर ! छत्तीसगढ़ के सबसे ख्याति प्राप्त मेले का शुभारम्भ 10 फरवरी से हो गया है जो 24 फरवरी महाशिवरात्री तक चलेगा। शिवरीनारायण मेले में भीड़ दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। लेकिन मेले के माहौल को बिगाडऩे का काम अवैध शराब के सौदागर कर रहे है। शराब माफियाओं द्वारा मदिरा को मेले के जगह-जगह अपने एजेंटो तक पंहुचा कर मदिरा की बिक्री करायी जा रही है। जगह-जगह शराब की बिक्री से मेले का माहौल दूषित हो रहा है। मेला का संचालन सुचारू रूप से चल सके। इसके लिए प्रशासन को मेले के अंदर एवं शिवरीनारायण के अन्य क्षेत्रो में जो अवैध शराब के जो केंद्र शराब माफियाओं ने खोल रखे है उन सब ठिकानों को शील कर ठोस तरीके से इन पर कार्यवाही की जाए। नगर की गरिमा को ध्यान में रखते हुए शिवरीनारायण में पूर्णत: शराब बंदी की जाये ताकि नगर की गरिमा कायम रहे। शराब माफियाओं द्वारा मेले में अपने एजेंट नियुक्त कर शराब की बिक्री कराई जा रही है। जिसका आज प्रत्यक्ष उदाहरण देखने को मिला जब पुलिस बल की कार्यवाही में शराब माफिया का एजेंट शराब की बिक्री करते रंगे हाथ पकड़ाया। जिसके पास देशी शराब की 102 नग बोतल जप्त की गई। पुलिस आबकारी की संयुक्त टीम द्वारा मेले में लगातार छापामार कार्यवाही की जा रही है। लेकिन फिर भी शराब की बिक्री पर अंकुश नहीं लग पा रही है। जिसके लिए प्रशासन और ज्यादा मेहनत की आवश्यकता है। जब तक शराब माफियाओं के केंद्र पर वार नहीं होगा तब तक मेले में बिकने वाली शराब पर अंकुश नहीं लग पायेगा। मेला शुभारंभ होने से पहले समीक्षा बैठक में जिले प्रशासनिक अमले ने ठोस शब्दों में कहा था कि मेला अवधि तक मेले में शराब पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगी। लेकिन ताज्जुब की बात है आज वही प्रशासनिक अमले के समक्ष शराब की धार मेले में बह रही जिस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। बड़ी बिडम्बना है की शासन प्रशासन अपनी कथनी के साथ न्याय नहीं कर पा रहा है।
कार्रवाई जारी पर अंकुश लगाने में नाकाम
नगर तथा मेले में बिकने वाली अवैध शराब पर पुलिस तथा आबकारी टीम की सयुंक्त कार्यवाही जारी है। इसके बाद भी शराब की बिक्री में कमी नहीं आ पा रही है। मेले के अंदर मेले के बाहर शराब माफियाओं द्वारा अपने एजेंटो के माध्यम से शराब का कारोबार किया जा रहा है। शराब की बिक्री मेला अवधि में ज्यादा होगी। इसके लिए शराब माफियाओ ने पहले से ही ज्यादा मात्रा में शराब का स्टॉक रख लिया है। जिसे एक निर्धारित समय पर निर्धारित एजेंट तक माल पहुंच जाता है।
प्रतिबंध का नहीं दिखता कोई असर
शिवरीनारायण नगर की महत्ता को ध्यान में रख कर नगर में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इसके बाद भी नगर का कोई ऐसा कोना नहीं बचा है जहां अवैध शराब की बिक्री नहीं होती हो। शराब माफियाओ द्वारा नगर के हर कोने में अवैध शराब की बिक्री बिना रोक टोक के कराई जाती है। जिस पर शासन द्वारा लगाये गए प्रतिबंध का कोई असर नहीं दिखता। यह पूरा खेल शासन-प्रशासन के सामने होता है। शासन प्रशासन की मौन धर्मिता का ही परिणाम कहे की नगर में अवैध शराब की नदी बह रही है, जिस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।