शिक्षाकर्मी भर्ती में बड़े पैमाने पर धांधली : बाबूलाल

गरियाबंद ! जिला कॉग्रेस कमेटी अध्यक्ष बाबूलाल साहू ने स्थानीय विश्राम गृह मे आयोजित एक प्रेसवार्ता मे बताया कि भाजपा के भ्रष्ट शासन काल में जनपद पंचायत मैनपुर में वर्ष 2005 से 2007;

Update: 2017-01-14 23:00 GMT

गरियाबंद !   जिला कॉग्रेस कमेटी अध्यक्ष बाबूलाल साहू ने स्थानीय विश्राम गृह मे आयोजित एक प्रेसवार्ता मे बताया कि भाजपा के भ्रष्ट शासन काल में जनपद पंचायत मैनपुर में वर्ष 2005 से 2007 तक के बीच शिक्षाकर्मी वर्ग - 3 के भर्ती में बड़े पैमाने में धॉधली कर फर्जी अंकसूची, अनुभवन प्रमाण पत्र, खेलकुद प्रमाण पत्र, विकालॉगता प्रमाण पत्र एवं अन्य दस्तावेजो के आधार पर अयोग्य व्यक्तियो का चयन किया गया था। इस भर्ती प्रक्रिया मे कुल 454 शिक्षाकर्मी चयन किया गया था, जिसमें फर्जी नियुक्ति होने की शिकायत आने के बाद जॉच उपरांत कलेक्टर गरियाबंद के द्वारा 103 शिक्षाकर्मी को बर्खास्त किया गया था।
103 शिक्षाकर्मी के बर्खास्त किये जाने के बाद भी फर्जी दस्तावेज के आधार अन्य लोगो की भी नियुक्ति किये जाने का लगातार शिकायत स्थानीय लोगों के द्वारा जिला प्रशासन को किया जा रहा था जिस पर जिला प्रशासन एवं जिला पंचायत के द्वारा किसी प्रकार कार्यवाही नही की गई। इसकी जानकारी जिला कांग्रेस कमेटी को मिलने पर कांग्रेस ने मैनपुर मे हुए शिक्षाकर्मी भर्ती की जांच करने की मांग को लेकर कलेक्टर एवं मुख्यकार्यपालन अधिकारी गरियाबंद को ज्ञापन सौपा गया। प्रशासन द्वारा कार्यवाही नही होने पर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा मैनपुर जनपद पंचायत के समक्ष विशाल धरना प्रदर्शन और आंदोलन किया गया। जिसके बाद जिला पंचायत मुख्यकार्यपालन अधिकारी ने जनपद पंचायत मैनपुर में शिक्षाकर्मी की फर्जी नियुक्ति के संबध में तीन सदस्यीय जॉच समिति का गठन कर जांच के आदेश दिए। जॉच समिति ने अपने जॉच में पाया कि जनपद पंचायत मैनपुर स्काउड एनसीसी अनुभव प्रमाण पत्र, खेलकुद, विकलांगता प्रमाण पत्र, बीएड, डीएड एवं अन्य फर्जी दस्तावेज के अनुसार 125 आयोग्य व्यक्तियों का चयन शिक्षाकर्मी वर्ग- 3 में अवैध तरीके से किया गया है। वही 65 शिक्षाकर्मीयों के दस्तावेजो को संबधित संस्था से परीक्षण योग्य माना गया था।
454 शिक्षाकर्मी में से आधे से अधिक चयनित शिक्षाकर्मी चयन के लिये आयोग्य है एवं उनके दस्तावेज फर्जी है, जिसे स्पष्ट है कि भर्ती के समय जनपद पंचायत मैनपुर में पदस्थ अधिकारी एवं जनपद के जिम्मेदार पदाअधिकारियों के द्वारा जानबुझ कर नौजवनों को गुमराह करके नौकरी के झांसा देकर षडयत्रंपूर्वक अयोग्य व्यक्त्यिों का चयन कर बड़े स्तर पर घोटाला किया है, शिक्षाकर्मीयों के चयन में इस कदर भष्ट्राचार किया है कि अवस्यक व्यक्तियों तथा नौकरी के लिये निर्धारित अधिकतम उम्र सीमा पार कर चुके व्यक्तियों का भी चयन कर दिया गया है। जानकारी में आया है कि जनपद पंचायत के तत्कालीन पदाधिकारियों के द्वारा नौकरी लगाने के ठेके लेकर स्वयं फर्जी दस्तावेज संलग्न कर अवैघ तरीके से शिक्षाकर्मीयो का चयन किया है। इसलिए जॉच में अधिकांश शिक्षाकर्मी अपने चयन के लिए संलग्न किए गए दस्तावेज पेश नही कर पायें। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चयन हो चुका है, लेकिन यही फर्जी दस्तावेज शिक्षाकर्मीयों के गली की हड्डी बन गई है।
शिक्षाकर्मियों से पुन: नौकरी बचाने के लिए करोड़ों की वसूली की गई है जिसमें भाजपा के नेतागण भी शामिल है, जिनके दबाव के कारण जिला पंचायत एवं जिला प्रशासन के द्वारा फर्जी नियुक्ति के संबध में जॉच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद भी कार्यवाही की हिम्मत नही जुटा पा रहे है। गलत तरीके से नियुक्ति के कारण स्थानीय योग्य बेरोजगारों को नौकरी नही पाई। आदिवासी विकासखण्ड के बच्चों के भविष्य को षडयंत्रपूर्वक चौपट किया गया है। कहा कि दोषियों के उपर तत्काल कार्यवाही करें अन्यथा कांग्रेस पार्टी नौजवानों के हक एवं अधिकार के लिए सडक़ की लड़ाई लडऩे बाध्य होगी।

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