उत्तराखंड में मुस्लिम मतदाताओं को भाजपा के पक्ष में लाने के लिए आरएसएस का अभियान

उत्तराखंड में लगातार दूसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य को लेकर उतरी भाजपा मतदाताओं के हर वर्ग को साधने की कोशिश कर रही है

Update: 2022-01-27 23:38 GMT

नई दिल्ली। उत्तराखंड में लगातार दूसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य को लेकर उतरी भाजपा मतदाताओं के हर वर्ग को साधने की कोशिश कर रही है। पहाड़ी राज्य में जहां भाजपा एक ओर अपने कोर वोट बैंक को मजबूती से अपने पाले में बनाए रखने का प्रयास कर रही है तो वहीं दूसरी ओर अल्पसंख्यक मतदाताओं को भी लुभाने का प्रयास लगातार जारी है। भाजपा के इन प्रयासों को कामयाब बनाने के लिए संघ भी पूरी मेहनत कर रहा है। भाजपा की मदद करने के इसी अभियान में लगे आरएसएस से जुड़े संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के महिला प्रकोष्ठ ने गुरुवार को हरिद्वार में मुस्लिम महिलाओं के साथ एक बड़ी बैठक कर उन्हे भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया।

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय संयोजिका शालिनी अली के साथ-साथ उत्तराखंड सरकार के अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य सीमा जावेद और फातिमा देवी ने कार्यक्रम में मौजूद मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक को खत्म करने सहित केंद्र की मोदी सरकार द्वारा उनके कल्याण के लिए उठाए गए तमाम कदमों की जानकारी दी, प्रदेश सरकार की उपबल्धियों के बारे में बताया।

शालिनी अली ने कार्यक्रम में भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच एकता, सद्भावना और भाईचारे का प्रतीक है। विधानसभा चुनाव में सभी मुस्लिम बहनों और मुस्लिम भाईयों को अपने मताधिकार का प्रयोग निस्वार्थ भाव से देश के हित में करना चाहिए। उन्होने विरोधी दलों पर जाति और धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए मुस्लिम मतदाताओं से इससे बचने की अपील भी की।

मुस्लिम मतदाताओं के बीच मुस्लिम राष्ट्रीय मंच द्वारा चलाए जा रहे जनजागरण अभियान के बारे में बताते हुए मंच के राष्ट्रीय संयोजक एवं मीडिया प्रभारी शाहिद सईद ने बताया कि उत्तराखंड के मुस्लिम मतदाता भी यह मान रहे हैं कि भाजपा सरकार ने उनकी भलाई के लिए कई ऐतिहासिक काम किए हैं, वो ये भी मान रहे हैं कि भाजपा ने प्रदेश के साथ-साथ देश का विकास भी किया है और मंच उनकी इन्ही भावनाओं को प्रमुखता से बाहर लाने का काम कर रहा है।

शाहिद सईद ने कांग्रेस को मुद्दा विहीन पार्टी बताते हुए कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार के कामकाज और विकास की रफ्तार से संतुष्ट और खुश है। उन्होने कहा कि जब कांग्रेस के नेताओं को ही उस पर भरोसा नहीं रहा है तो जनता उस पर कैसे भरोसा कर सकती है ?

दरअसल, उत्तराखंड विधानसभा की 70 सीटों में से 20 से ज्यादा सीटों पर मुस्लिम मतदाता प्रभावी भूमिका में है। हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल जिले में एक दर्जन से ज्यादा सीटें ऐसी है जहां मुस्लिम मतदाता अन्य समूहों खासकर दलितों के साथ मिलकर उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करते हैं। यही वजह है कि मुस्लिम मतदाताओं को भाजपा के पक्ष में लाने के लिए आरएसएस के मुस्लिम संगठन ने हरिद्वार का चयन इस तरह की बैठक के लिए किया। राज्य में 14 फरवरी को सभी 70 सीटों पर विधानसभा चुनाव होना है।

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