खनिजों का अवैध उत्खनन व परिवहन धड़ल्ले से,शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
रतनपुर ! ग्रामीण अंचल बिल्हा ब्लाक के नेवसा ग्राम पंचायत में मिट्टी मुरूम का खुलेआम अवैध उत्खनन चल रहा है, जिस पर अधिकारी कर्मचारी कोई कार्रवाई करना मुनाशिब नही समझ रहे हैं,;
पूरे इलाके में मिट्टी, रेत, मुरुम के लिए मशीनों से खुदाई
रतनपुर ! ग्रामीण अंचल बिल्हा ब्लाक के नेवसा ग्राम पंचायत में मिट्टी मुरूम का खुलेआम अवैध उत्खनन चल रहा है, जिस पर अधिकारी कर्मचारी कोई कार्रवाई करना मुनाशिब नही समझ रहे हैं, यह सब सरपंच सचिव राजस्व अधिकारीयो की साठ गांठ से चल रहा है, वही खनिज विभाग भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। बड़ी मात्रा में गांव में मुरूम का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। मामले को लेकर ग्रामीणो ने इसकी शिकायत दूरभाष पर बिलासपुर कलेक्टर, तहसीलदार के साथ खनिज विभाग और राजस्व पटवारी से किया है, पर किसी ने इस ओर कोई ध्यान नही दिया। जब की यह अवैध उत्खनन पिछले तीन महिने से खुलेआम चल रहा है।
बिल्हा ब्लाक के नेवसा ग्राम पंचायत में पिछले तीन महिना से लगातार मिट्टी मुरूम की खुलेआम अवैध उत्खनन किया जा रहा है, जिसकी ग्रामीण स्थानीय स्तर पर शिकायत कर रहे हैं लेकिन सरपंच सचिव इस ओर कोई ध्यान नही दे रहे हैं, जिसके कारण पंचायत को लगातार राजस्व की हानि हो रही है। वही राजस्व अधिकारी भी मौन बैठे है ,जिसके कारण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन चल रहा है, और यह सब सरपंच सचिव के साथ राजस्व अधिकारियो की साठ गांठ से चल रहा है, जिसके प्रति अधिकारी कोई कार्रवाई के लिए ध्यान नही दे रहे हैं, जिसकी शिकायत ग्रामीणो ने बिलासपुर कलेक्टर ,खनिज विभाग के साथ, तहसीलदार से किया है। वही चेतावनी दिया है कि कार्रवाई नही होने की स्थिति में ग्रामीण जन आन्दोलन के लिए बाध्य होते है तो सम्पूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र के नेवसा, खैरा डंगनिया के साथ आस पास के ग्रामीण अंचलों में बिल्हा ब्लाक के अंतर्गत ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव की मिली भगत से मिट्टी मुरूम का अवैध उत्खनन किया जा रहा है जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों में जन आक्रोश व्याप्त है। मामले में विभागीय अमला खनिज विभाग के द्वारा कार्रवाई के लिए कोई रूची नहीं लिया जा रहा है,जिससे क्षेत्र में बे खौफ मिटटी मुरूम का अवैध उत्खनन जारी है।
खनिज विभाग सिर्फ एक अफसर और तीन निरीक्षक के भरोसे चल रहा है, बिलासपुर जिले में बहुमूल्य संपदा का प्रतिदिन अवैध उत्खनन माफियाओ के द्वारा किया जा रहा है, जिले में जितना राजस्व मिलता है, उससे कही अधिक खनिज माफिया अपनी जेब में डाल कर रख रहे है। इधर खनिज विभाग कार्रवाई करने के बजाय राजस्व विभाग के सहारे कार्रवाई का इंतजार करता है, बिलासपुर जिले में बहुमूल्य खनिज संपदा छिपा हुआ है, इसमें प्रमुख रूप से रेत, पत्थर मुरूम सहित अन्य संपदा है। प्रशासन खदान व लीज पंजीकृत ठेकेदारों के माध्यम से ठेका देकर उत्खनन व विक्रय किया जाता है। ठेकेदारों से रायल्टी व अन्य कर वसूली करता है, जिसमें प्रशासन को राजस्व की प्राप्ति होती है, खनिज संपदा का अवैध उत्खनन रोकने के लिए, जिम्मेदारी खनिज विभाग को दिया गया है, लेकिन खनिज विभाग अवैध कारोबारीयो पर अंकुश लगाने के बजाय, उसका सहयोग करती हैं जिसके कारण क्षेत्र में बेख़ौफ अवैध उत्खनन चल रहा है, माफियाओं की लम्बी पहुंच के कारण भी कई बार विभाग कार्रवाई करने में असहाय नजर आता है।
खनिज विभाग के आकड़ों
के अनुसार
बिलासपुर जिले में 20 रेत खदान,9 मुरूम, 23 गिट्टी, 64 कोलडीपो, व 2 लाइम स्टोन की खदाने है, सैकड़ों खदाने होने के बावजूद भी विभाग का कार्यालय एक है। वही विभाग के सारे अधिकारी कर्मचारी दिन भर मुख्यालय में जमे रहते हैं, अयसे में अवैध उत्खनन करने वाले माफिया इसी का फायदा उठाते हुए। दिन रात खुलेआम अवैध उत्खनन करने में जुटे हुए है, महीना व सप्ताह में एकात बार खाना पूर्ति की कार्रवाई कर विभागीय अमला वाहवाही लूट रही हैं। बिलासपुर जिले का बिल्हा ब्लाक काफी बड़ा है, जिसमें तहसीलदार, एसडीएम नायब तहसीलदार है इसके बाद भी राजस्व विभाग इस ओर कोई ध्यान नही दे रही है, वही खनिज विभाग का मुख्यालय एक है जो कि सिर्फ बिलासपुर में स्थित है, जब की मुख्यालय से कई किलोमीटर की दूरी पर नेवसा ग्राम पंचायत स्थित है, वही विभाग में कर्मचारीयो की कमी भी है, तीन निरीक्षको के भरोसे पूरा बिलासपुर जिला चल रहा है !
जानकारी होने के बावजूद
कार्रवाई नहीं
खनिज संपदा का अवैध उत्खनन करने वालो के खिलाफ विभागीय अमला जानकारी होने बावजूद भी कोई कार्रवाई करने के लिए रूची नही दिखा रहा है अधिकांश मामले सेटींग से ही काम चल रहा है। रसूखदार व दबंग खनिज माफियाओं द्वारा आज भी आस पास के गाँव में अवैध उत्खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है जिसे विभाग रोकने मे असफल और असहाय नजर आता है, वही मुख्यालय से नेवसा गांव कई किलोमीटर दूर है विभाग के अधिकारी कर्मचारी जिसके कारण इस अवैध उत्खनन को रोकने के लिए कोई ध्यान नहीं देते हैं, सिर्फ मुख्यालय में आराम फरमाते नजर आते है, सूचना का और इंतजार करते रहते हैं, कई बार तो सूचना खनिज विभाग से ही लिक हो जाती है जिसके कारण बैरंग उन्हें लौटना पड़ता है। कई बार तो पुलिस विभाग को राजस्व विभाग को इसकी कार्रवाई करना पड़ता है।
अवैध उत्खनन के प्रमुख केंद्र
मिट्टी मुरूम रेत की अवैध उत्खनन बेलतरा के नेवसा, खैरा डंगनिया चोरहा देवरी अकलतरी गढवट मार्ग पर हो रहा है ,इसके साथ ही रतनपुर कोटा मार्ग के तालाबों, पहाड़ों के किनारे ,अरपा नदी, लारी पारा, भैसाझार के आसपास में इन दिनों चल रहा है, जिस पर विभागीय अमला द्वारा कोई कार्रवाई शिकायत के बावजूद नही किया जा रहा है।
तहसीलदार ने फोन रिसीव
नहीं किया
इस मामले की अतिरिक्त तहसीलदार उइके के मोबाइल नंबर 9425002577 पर जानकारी लेने का प्रयास किया गया लेकिन घंटी जाने के बाद भी उन्होंने काल रिसिव नहीं किया।
अतिरिक्त तहसीलदार से बात करें
नेवसा पटवारी भारद्वाज का कहना है कि अभी मंै जाकर देखता हूँ। अतिरिक्त तहसीलदार उइके जी देख रहे है उन्हें काल करे !
अमित सिन्हा, तहसीलदार बिलासपुर
रोड में डाली जा रही मुरुम
रोड के कार्य में उत्खनन कर मुरूम डालने का कार्य चल रहा है तो बहुत अच्छा है, चलने दो, सरपंच से अनुमति लिया है या नही पत्ता करो रोड के कार्य में जो मुरूम डालने का काम चल रहा है वह रायल्टी पर्ची बिल से कट रहा है, कोई अवैध उत्खनन कार्य नही हो रहा है, यदी उसके बाद भी हो रहा है तो किसी दिन पकड़ कर कार्रवाई करेंगे।
आर माल्वे
जिला खनिज अधिकारी, बिलासपुर