पार्किंग अग्निकांड : रेलवे प्रबंधन ने मुआवजा प्रकरण से झाड़ा पल्ला
रायपुर ! रेलवे स्टेशन के पार्किंग में विगत दिनों भीषण आग में दो सौ से अधिक दुपहिया वाहनें जलकर खाक हो गई।
रायपुर ! रेलवे स्टेशन के पार्किंग में विगत दिनों भीषण आग में दो सौ से अधिक दुपहिया वाहनें जलकर खाक हो गई। जिसका मुआवजा पाने वाहन मालिक रेलवे प्रबंधन एवं पार्किंग स्टैंड ठेकेदार के आगे पीछे घूम रहे हैं लेकिन उन्हें अभी तक राहत नहीं मिली है। पीडि़तों को मुआवजा देने के मामले में रेलवे प्रबंधन ने अपना पल्ला झाड़ लिया है। रायपुर रेल मण्डल ने साफ कर दिया है कि, अग्निकांड जिन लोगों के मोटर साइकल जले हैं उन्हे पार्किंग ठेकेदार ही मुआवज़ा देगा। लेकिन इसमें भी सभी केवल उन्ही को मुआवज़ा दिया जायेगा जिनका पहले से बीमा है।
उल्लेखनीय है कि आठ अप्रैल को रेलवे स्टेशन के पार्किंग में भयानक आग लगी थी। इस अगजनी में सैकड़ों की संख्या में वाहन जलकर खाक़ हो गये थे। इस हादसे के बाद जिन लोगों के मोटर साइकिल जल गये थे उनके द्वारा लगातार मुआवजे की मांग की जा रही थी। लेकिन ठेकेदार और रेल प्रबंधन के गोलमोल जवाब के कारण प्रभावितों को अब तक मुआवजा नहीं मिल पाया है। इसी बीच रायपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम आर.सुदर्शन ने स्पष्ट किया कि मुआवज़ा देने की जिम्मेदारी पूरी तरह से स्टेशन के भीतर पार्किंग चलाने वाले ठेकेदार की होगी। वहीं उन्होने ये कहते हूए मामले में लोगों की परेशानी बढ़ा दी की, मुआवज़ा केवल उनको ही मिलेगा जिनके वाहनों का पहले से बीमा है।
आठ अप्रैल को हूए इस अगजनी में कुल 236 मोटरसाइकल पूरी तरह जल गई थी। इस फरमान के बाद लोगों को मुआवजा मिलना मुश्किल नजर आ रहा है क्योंकि अधिकांश वाहनों का वर्तमान में बीमा होयह संभव नहीं है। लेाग केवल वाहन खरीदते समय बीमा कराते हैं इसके अधिकांश वाहनें बिना बीमा सडक़ों पर चलती है। जिसके चलते पीडि़तों को मुआवजा मिले यह संभव नहीं। वही ठेकेदार को रेलवे प्रबंधन के इस फरमान से मुआवजा देने से राहत मिलेगी।