कुनकुनी जमीन घोटाला में कई निलंबित

रायपुर ! खरसिया तहसील के ग्राम कुनकुनी में आदिवासियों की जमीन बड़े पैमाने पर गैर आदिवासियों द्वारा खरीदकर रेल्वे साइडिंग बनाने का मामला आज विधान सभा में कांग्रेस सदस्यों ने उठाया।;

Update: 2017-03-24 05:09 GMT

रायपुर !  खरसिया तहसील के ग्राम कुनकुनी में आदिवासियों  की जमीन बड़े पैमाने पर गैर आदिवासियों द्वारा खरीदकर रेल्वे साइडिंग बनाने का मामला आज विधान सभा में कांग्रेस सदस्यों ने उठाया। प्रकरण की जांच विधान सभा की समिति या मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी से कराने मांग की गई। राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने कहा इस मामले में कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। तहसीलदार व नायब तहलीसदार को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा मामले की सुनवाई एसडीएम कोर्ट में चल रही है। आगे की  कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। दोषी अधिकारियों को बचाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेसी सदस्य नारेबाजी व हंगामा करने लगे। मंत्री के जवाब में असंतुष्ट होकर सदन से बर्हिगमन कर गए। स्वतंत्र विधायक अमित जोगी भी इसके बाद बर्हिगम कर गए।
प्रश्रकाल में यह मामला उमेश पटेल ने उठाया था। उन्होंने जानना चाहा राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पण्डेय ने अपने जवाब में कहा गलत तरीके से जमीन आबंटण हुआ है। जो नहीं हो सकता था। इसे निरस्त करने की प्रक्रिया चल रही है उन्होंने कहा यह विवादग्रस्त जमीन है। उद्योग विभाग ने इसका अधिग्रहण किया है। मुआवजा वितरण के दौरान यह गडबडी मामले आई यह धारा 170 ख का मामला नहीं है। दोषी पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव, पंजीयक को निलंबित कर दिया गया है। नायब तहसीलदार व तहसीदार को नोटिस जारी किया गया है। भूपेश बघेल ने मंत्री को घेरते हुए सवाल किया कि विवादित भूमि पर रेलवे साइडिंग बनाने की अनुमति देने वाले कलेक्टर-कमिश्रर के खिलाफ जांच कराएंगे। मंत्री ने कहा सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है। कोर्ट का निर्णय आने के बाद आगे की कार्ररवाई की जाएगी लेकिन कांग्रेस संतुष्ट नहीं हुए।
 उमेश पटेल ने कहा आदिवासियों की 300 एकड़ जमीन बेनामी से कैसे खरीदी गई । इस मामले में जमीन खरीदी करने वाला एक व्यक्ति बीपीएल राशनकार्ड का हितग्राही है।  शासन की  जानकारी के बगैर उस जमीन पर रेलवेे साइंडिग का निर्माण भी हो गया । इस पूरे मामले में  दोषी  अधिकारियों के ऊपर क्या कार्यवाही की गई। मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने अपने जवाब में बताया इस मामले में कुछ पटवारियों एवं उपपंजीयक को निलंबित कर दिया गया है।ं तहसीलदार एवं नायब  कार्यवाही की गई है। कुछ कर्मचारियों को  नोटिस जारी होने के साथ कार्यवाही जारी है। इस जवाब से असंतुष्ट होकर प्रतिपक्ष के नेता टीएस सिंहदेव, धनेंद्र साहू, भूपेश बघेल समेत और भी विधायकों ने  इसकी जांच सचिव स्तर के किसी अधिकारी या विधानसभा समिति से कराने मांग की। मंत्री के द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं देने के कारण विपक्ष के द्वारा सदन में नारेबाजी की गई। राजस्व मंत्री द्वारा यह घोषणा किये जाने पर की शासन आदिवासियों के हित के लिए कठोर से कठोर कार्यवाही करने तैयार है। विपक्ष ने दोषी अधिकारियों को बचाने का आरोप लगाते हुए विरोध स्वरूप सदन से बर्हिगमन कर गए।
अमित को लगाई फटकार राय को किया निलंबित
इस मामले में चर्चा के दौरान स्वतंत्र सदस्य अमित जोगी आसंदी कीे अनुमति के बिना सवाल करने लगे।वे इस दौरान उत्तेजित हो गए। विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें बिना अनुमति बोलने व उतेजित होने पर फटकार लगाई। कांग्रेस सदस्य प्रश्र पूछ रहे थे, वहीं बिना अनुमति के खड़े होकर प्रश्र कर रहे विधायक आर के राय को फटकार लगाते हुये अध्यक्ष ने निलंबित कर दिया और उन्हें सदन से बाहर जाने को कहा। इसके बाद विधायक सदन से बाहर चले गये ।
 बृहस्पत सिंह को नसीहत
 इस मामले के दौरान सदन में गहमा गहमी के बीच कांग्रेस विधायक  बृहस्वत सिंह ने अपने जगह पर बैठे-बैठे यह कहा की मंत्री को प्रश्रों का जवाब देना पड़ेगा। विधानसभा अध्यक्ष ने इस पर नाराजगी जताते हुये विधायक को फटकार लगाई और भविष्य में इस तरह बैठकर न बोलने की हिदायत दी।

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