उज्जवला योजना : इस वर्ष 10 लाख परिवार योजना से जोड़े जाएंगे
रायपुर ! मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज सवेरे यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की समीक्षा की।;
अब तक 6.40 लाख परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन वितरित
रायपुर ! मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज सवेरे यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की समीक्षा की। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि इस योजना के शुरू होने के करीब साढ़े चार माह के भीतर राज्य में लगभग छह लाख 40 हजार गरीब परिवारों को महिलाओं के नाम पर नि:शुल्क रसोई गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं। उन्हें डबल बर्नर चूल्हा और पहला सिलेण्डर नि:शुल्क दिया गया है। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली इस योजना के तहत दो साल में 25 लाख गरीब परिवारों को सिर्फ 200 रूपए के पंजीयन शुल्क पर मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य है। योजना का शुभारंभ 13 अगस्त को राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में केन्द्रीय पेट्रोलियम राज्यमंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने किया था।
मुख्यमंत्री ने आज की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को रसोई गैस कनेक्शनों के वितरण में और भी ज्यादा तेजी लाने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में दस लाख कनेक्शनों के वितरण का लक्ष्य है। इसके विरूद्ध आयल कंपनियों को 10 लाख 53 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार मार्च तक दस लाख कनेक्शनों का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डॉ. सिंह ने कहा - रसोई गैस सिलेंडरों की बॉटलिंग क्षमता बढ़ाने और प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में रसोई गैस वितरकों की नियुक्ति की प्रक्रिया में भी तेजी लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा - बस्तर और सरगुजा संभाग सहित विभिन्न संभागों के दुर्गम क्षेत्रों में कृषि उपज मंडी समितियों, सहकारी समितियों और महिला स्व-सहायता समूहों को भी वितरक बनाया जाए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में से सरगुजा संभाग के सात जिलों में 15 वितरक, सरगुजा संभाग के पांच जिलों में 14, बिलासपुर संभाग के दो जिलों में 9, दुर्ग संभाग के दो जिलों में 6 और रायपुर संभाग के 3 जिलों में 6 नये रसोई वितरक बनाये जाने हैं। मुख्यमंत्री ने इसके लिए सभी जरुरी प्रक्रिया को पूर्ण करने और अप्रैल तक 50 नये वितरकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
खाद्य अधिकारियों ने बैठक में बताया कि रायपुर के तिल्दा में भारत पेट्रालियम कंपनी का नया बाटलिंग प्लांट इस वर्ष माह सितंबर तक काम करना प्रारंभ कर देगा। इसके साथ ही साथ कोरबा जिले के गोपालपुर में इंडियन आयल कंपनी और हिन्दुस्तान पेट्रालियम कंपनी का नया बाटलिंग प्लांट जांजगीर में लगाने की कार्रवाई प्रगति पर है।
वर्तमान में सिलतरा, मंदिर हसौद, रसमड़ा और भिटौली में चार बॉटलिंग प्लांट काम कर रहे हैं। जिनकी प्रति माह कुल बाटलिंग क्षमता पंद्रह लाख गैस सिलेंडरों की है। इस क्षमता को जरुरत के मुताबिक बढ़ाया जा सकता है। वर्तमान में मांग के अनुसार सिलेंडरों की पर्याप्त आपूर्ति की जा रही है।
बैठक में यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना लागू होने के बाद विभिन्न आयल कंपनियों द्वारा माह अगस्त में 28 हजार, 380, माह सितंबर में 83 हजार 775, अक्टूबर माह में एक लाख 14 हजार 461, माह नवंबर में एक लाख 26 हजार 251 और माह दिसंबर में एक लाख 87 हजार 313 रसोई गैस वितरित किए गए। बैठक में मुख्य सचिव विवेक ढांड, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अध्यक्ष अमन कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सुबोध कुमार, खाद्य विभाग के सचिव विकासशील, सहकारिता के सचिव डी.डी. सिंह, संचालक जनसंपर्क राजेश सुकुमार टोप्पो, संस्थागत वित्त के संचालक डॉ. कमलप्रीत सिंह, खाद्य विभाग के विशेष सचिव मनोज सोनी, खाद्य विभाग के संचालक नीलम एक्का, और उप सचिव शिवानंद तायल सहित विभिन्न आयल कंपनियों के अधिकारी उपस्थित थे।