चैत्र नवरात्र प्रारंभ,देवी मंदिरों में श्रद्घालुओं की उमड़ी भीड़
रायपुर ! आज से चैत्र नवरात्र प्रारंभ हो गई है। लोग मां आदिशक्ति की आराधना में लीन हो गए हैं। मंदिरों में शाम को गोधुलि बेला में आस्था की ज्योत प्रज्जवलित की गई।
चैत्र नवरात्रि प्रारंभ, आकर्षक विद्युत सज्जा के साथ जगमगाए मंदिर
रायपुर ! आज से चैत्र नवरात्र प्रारंभ हो गई है। लोग मां आदिशक्ति की आराधना में लीन हो गए हैं। मंदिरों में शाम को गोधुलि बेला में आस्था की ज्योत प्रज्जवलित की गई। इस दौरान माता का दर्शन करने के लिए उपासक देवी मंदिर भी पहुंचे। जहां सुबह से लेकर देर रात तक भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। देवी मंदिरों को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया है। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र के लिए भक्ति पूर्ण माहौल बनने लगा है। शहर की प्रमुख देवी मंदिरों काली माई, महामाया, दंतेश्वरी, बंगुली आदि देवी मंदिरों में कल ही चैत्र नवरात्रि को अंतिम रुप दे दिया गया था। इस वर्ष भी हजारों की संख्या में मनोकामना ज्योत प्रज्जवलित किए गए है। शहर की प्रमुख देवी मंदिरों काली माई, महामाया, बंजारी, दंतेश्वरी, कंकालीपारा, नरहेश्वर, टिकरापारा सहित अन्य देवी मंदिरों में मनोकामना ज्योत प्रज्जवलित की गई। देवी मंदिरों में आदिशक्ति की आराधना में आस्था रखते हुए भक्तों ने घी और तेल की मनोकामना ज्योत प्रज्जवलित करवाई है। बताया गया कि मनोकामना ज्योत प्रज्जवलित करवाने के लिए पंजीकरण एक से डेढ़ सप्ताह पूर्व ही शुरु कर दिया गया था। हरवर्ष की भांति इस वर्ष भी शहर की प्रमुख देवी मंदिरों महामाया, शीतला, काली माई, बंजारी तथा कंकाली मंदिर में सबसे अधिक मनोकामना ज्योत प्रज्जवलित की गई है। मंदिरों में ज्योतिकलश की स्थापना गोधूली बेला में की गई। मंदिरों में ज्योत कलश प्रज्जवलन भी विधि विधानपूर्वक किया गया। मंदिरों में पुजारी और भक्त इसके चलते दिनभर व्यस्त नजर आए।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी ज्योत कलश की स्थापना की गई। इस दौरान भक्तों ने बड़ी संख्या में जंवारा भी बोया है। मंदिरों में भी ज्योति कलश के अलावा जवारा बोया गया है। इधर आस्था की ज्योत के प्रज्जवलित होते ही देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमडऩा शुरु हो गई। देर रात मंदिरों में श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ी रही। शहर के देवी मंदिर जसगीत से गुंजायमान होने लगे है। इस दौरान यह सिलसिला पूरे नौ दिनों तक चलता रहेगा। पंडित विश्वास के अनुसार कल सुबह सूर्य उगने के साथ प्रतिपदा भी प्रारंभ हो रही है। उन्होंने बताया गया कि महाराष्ट्र आदि क्षेत्रों में गुड़ी पाड़वा को आज धूमधाम से मनाया गया। श्री विश्वास ने बताया कि शारदीय नवरात्रि और चैत्र नवरात्र का अपना अपना महत्व है। चैत्र नवरात्र में श्री राम जी का जन्म हुआ था तथा शारदीय नवरात्र के समय भगवान श्री राम ने रावण का वध किया था। चैत्र नवरात्र में भी लोग पूरे नौ दिन तक उपवास करते है। इस अवसर पर जगह-जगह भंडारा का आयोजन भी किया जाता है।
पूजा सामग्री की दुकाने सजी
चैत्र नवरात्र के प्रारंभ होते ही देवी मंदिरों के सामने पूजन सामग्री की दुकाने सज गई। जहां भक्त इन दुकानों से पूजन सामग्री में नारियल, फूल, अगरबत्ती, मिठाई आदि खरीदकर देवी मां को अर्पण करते है।
दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र के प्रारंभ होते ही भक्तों की भीड़ उमडऩी शुरु हो गई है। इस दौरान प्रमुख देवी मंदिरों में मां के दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था बनाई गई है। भक्तों को आने जाने के लिए बांस और रस्सी से महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग मार्ग बनाया गया है। ताकि भक्तों की भीड़ उमडऩे और सभी को मां के दर्शन आसानी हो सके।
डोंगरगढ़-रतनपुर के लिए आज से एसी बस
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल चैत्र नवरात्रि के अवसर पर राज्य के श्रद्धालुओं को प्रसिद्ध शक्तिपीठ डोंगरगढ़ (मां बम्लेश्वरी) तथा रतनपुर ( मां महामाया) तक पहुंचने यात्रियों की सुविधा को देखते हुए विशेष वातानुकूलित बसें रियायती दर पर चलाएग। यह बसें यहां 29 मार्च से महंत घासीदास संग्रहालय सिविल लाईन स्थित छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के सूचना केन्द से प्रात: 09 बजे से शक्तिपीठ के लिए रवाना होगी। पर्यटन मंडल द्वारा इसका सम्पूर्ण पैकेज देगा, जिसमें चाय, दोपहर का भोजन, शाम की चाय नाश्ता शामिल होगा। इसके लिए प्रति व्यक्ति चार सौ रूपए रियायत दर निर्धारित की गई है।पर्यटन मंडल के अधिकारियों ने बताया कि रायपुर से डोंगरगढ़ जाने वाले दर्शनार्थियों को रायपुर से डोंगरगढ़ मां बम्लेश्वरी दर्शन के लिए आने जाने एवं चाय नाश्ता की सुविधा होगी। इसके लिए चार सौ रूपए प्रति व्यक्ति शुल्क निर्धारित है। इसी तरह से रायपुर से रतनपुर (मां महामाया) दर्शन के लिए आनेजाने तथा चाय, नाश्ता दोहपर भोजन एवं शाम की चाय नाश्ता की सुविधा होगी। इसके लिए भी चार सौ रूपए शुल्क निर्धारित है। बुकिंग के लिए महंत घासीदास संग्रहालय स्थित सूचना केन्द्र छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल सम्पर्क किया जा सकता है, इसके अलावा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के मुख्यालय (उद्योग भवन, द्वितीय तल रिंग रोड नं-1 रायपुर) से सम्पर्क किया जा सकता है।