पंजाब सरकार ने हरभजन सिंह की सिक्योरिटी वापस ली, घर के बाहर से हटे सुरक्षाकर्मी

हाल ही में भाजपा में शामिल हुए राघव चड्ढा ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा था कि आम आदमी पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं और भाजपा के संपर्क में हैं। इन संभावित नामों में हरभजन सिंह को प्रमुख माना जा रहा है।;

Update: 2026-04-26 05:49 GMT
चंडीगढ़:आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर जारी सियासी उथल-पुथल के बीच पंजाब की भगवंत मान सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की सरकारी सुरक्षा वापस ले ली है। सूत्रों के अनुसार, पंजाब पुलिस के सुरक्षा कर्मियों को वापस हेडक्वार्टर रिपोर्ट करने के आदेश दे दिए गए हैं। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि हरभजन सिंह जल्द ही पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं।

अचानक हटाई गई सुरक्षा

हरभजन सिंह के निजी सहायक मनदीप सिंह के मुताबिक, पंजाब सरकार ने बिना किसी पूर्व सूचना के उनकी सुरक्षा व्यवस्था को समाप्त कर दिया। जानकारी के अनुसार, उनके आवास के बाहर तैनात 9 से 10 पुलिसकर्मियों को वापस बुला लिया गया है। इतना ही नहीं, उन्हें दी गई सरकारी पायलट गाड़ी भी हटा ली गई है। इस अचानक फैसले ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि इसके राजनीतिक निहितार्थ भी तलाशे जा रहे हैं।

BJP में जाने की अटकलें क्यों तेज हुईं?

दरअसल, हाल ही में भाजपा में शामिल हुए राघव चड्ढा ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा था कि आम आदमी पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं और भाजपा के संपर्क में हैं। इन संभावित नामों में हरभजन सिंह को प्रमुख माना जा रहा है। हरभजन सिंह की चुप्पी भी इन चर्चाओं को और मजबूत कर रही है।

आवास के बाहर लिखा ‘गद्दार’

इस सियासी विवाद के बीच शनिवार को हरभजन सिंह के घर के बाहर एक विवादित घटना भी सामने आई। कुछ लोगों ने उनके आवास के बाहर काले रंग से ‘पंजाब का गद्दार’ लिख दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में देखा गया कि कुछ लोग स्प्रे पेंट से दीवार पर नारे लिख रहे हैं, जबकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी उन्हें रोकने के लिए सक्रिय नजर नहीं आए। इस घटना ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

AAP कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन

इसी दिन आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने काली पट्टी बांधकर पार्टी के भीतर कथित ‘बगावत’ के खिलाफ रोष जाहिर किया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जो नेता पार्टी और जनता के भरोसे को तोड़ते हैं, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। इस विरोध प्रदर्शन ने यह संकेत दिया कि पार्टी के अंदर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है।

भगवंत मान का सख्त रुख: ‘गद्दार’ बताया

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पार्टी छोड़ने की बात करने वाले नेताओं को ‘गद्दार’ करार दिया। मान ने कहा कि ऐसे नेताओं ने सिर्फ पार्टी ही नहीं, बल्कि पंजाब की जनता के भरोसे के साथ भी विश्वासघात किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी को पंजाब और यहां के लोगों से समस्या है और वह राज्य के हितों के खिलाफ काम करती है।

‘AAP किसी एक व्यक्ति से बड़ी’

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं के जाने से पार्टी पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा और न ही पंजाब की राजनीति में कोई बड़ा बदलाव आएगा। मान के इस बयान को पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने और संभावित बगावत को रोकने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
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