राजा वडिंग की जगह किसे मिलेगी पंजाब कांग्रेस की कमान? इस नाम पर बनी सहमति की चर्चा

पंजाब कांग्रेस में बदलाव की चर्चा के बीच प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट की रिपोर्ट को भी अहम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पायलट ने करीब तीन सप्ताह तक पंजाब के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों से अलग-अलग स्तर पर बातचीत की।;

Update: 2026-10-01 07:17 GMT

चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में एक बार फिर संगठनात्मक बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को बदलने को लेकर बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान की बैठकों का दौर चला। सूत्रों के मुताबिक, विजय इंदर सिंगला को पंजाब कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर सहमति बन गई है। हालांकि, पार्टी की ओर से इस संबंध में अभी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। इसी बीच सोशल मीडिया पर सिंगला को बधाई देने वाले संदेश भी सामने आने लगे हैं।

वड़िंग ने फिर जताई पद छोड़ने की इच्छा

प्रदेश अध्यक्ष और लुधियाना से कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी इस बीच एक बार फिर पद छोड़ने की पेशकश की है। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में वड़िंग ने कहा कि वह पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि उन्हें अध्यक्ष पद का कोई लालच नहीं है। उनके मुताबिक, पार्टी हाईकमान ने उन्हें यह जिम्मेदारी दी है और यदि नेतृत्व किसी दूसरे नेता को यह जिम्मेदारी सौंपना चाहता है तो वह पद छोड़ने के लिए तैयार हैं। पार्टी के भीतर चर्चा है कि हाईकमान की ओर से वड़िंग को संभावित संगठनात्मक बदलाव के बारे में जानकारी दी जा चुकी है। हालांकि, अंतिम निर्णय और उसकी औपचारिक घोषणा कांग्रेस नेतृत्व की ओर से ही की जानी है।

सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद तेज हुई हलचल

पंजाब कांग्रेस में बदलाव की चर्चा के बीच प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट की रिपोर्ट को भी अहम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पायलट ने करीब तीन सप्ताह तक पंजाब के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों से अलग-अलग स्तर पर बातचीत की। बताया जा रहा है कि इन बैठकों के बाद उन्होंने अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को सौंपी। रिपोर्ट में प्रदेश संगठन से जुड़े कई मुद्दों के साथ मौजूदा नेतृत्व को लेकर पार्टी के भीतर मौजूद असंतोष और नेताओं को एक मंच पर लाने की चुनौतियों का भी उल्लेख होने की बात कही जा रही है।

दिल्ली में हुई अहम बैठक

बुधवार को पंजाब कांग्रेस के संगठनात्मक मामलों को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश के बीच भी बैठक होने की जानकारी सामने आई। सूत्रों के अनुसार, इसी दौरान प्रदेश अध्यक्ष के लिए विजय इंदर सिंगला के नाम पर सहमति बनने की चर्चा है। हालांकि, इस पद के लिए सिर्फ सिंगला का नाम ही चर्चा में नहीं था। नेतृत्व ने राणा केपी, सुखजिंदर सिंह सरकारिया, प्रताप सिंह बाजवा और चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई वरिष्ठ नेताओं के नामों पर भी विचार किया। ऐसे में अंतिम निर्णय की आधिकारिक घोषणा पर सबकी नजर बनी हुई है।

संगठनात्मक ढांचे में भी हो सकता है बदलाव

प्रदेश अध्यक्ष बदलने के साथ पंजाब कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में भी फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी चुनाव समितियों और संगठन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पदों में बदलाव कर सकती है। पंजाब में पार्टी के भीतर अलग-अलग नेताओं के बीच समन्वय और संगठन को एकजुट रखने की चुनौती लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। ऐसे में हाईकमान की ओर से संभावित बदलाव को केवल प्रदेश अध्यक्ष तक सीमित रखने के बजाय व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन के तौर पर भी देखा जा रहा है।

बाजवा ने भी दिए थे बदलाव के संकेत

पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष बदलने की चर्चा को बुधवार को नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के बयान से भी हवा मिली। चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब उनसे प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जिस तरह मौसम बदलता है, उसी तरह कांग्रेस में पंजाब अध्यक्ष कब बदल जाए, यह कहा नहीं जा सकता। बाजवा के इस बयान के बाद प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही चर्चाओं को और बल मिला। अब पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की नजर हाईकमान की आधिकारिक घोषणा पर है। यदि बदलाव होता है तो नए प्रदेश अध्यक्ष के सामने संगठन को एकजुट करने, नेताओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने और पार्टी की चुनावी तैयारियों को गति देने की जिम्मेदारी होगी।

Tags:    

Similar News