चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक बदलाव के बीच पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने राहुल गांधी को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद वडिंग ने कहा कि उनके नेता राहुल गांधी हैं और वह किसी दूसरे नेता को अपना नेता नहीं मानते। उन्होंने यह भी दावा किया कि पंजाब में कांग्रेस को वोट राहुल गांधी के नाम पर मिलता है। उनके बयान को प्रदेश कांग्रेस में चल रही नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
‘मेरे नेता राहुल गांधी हैं, कोई दूसरा नहीं’
राजा वडिंग ने राहुल गांधी के प्रति अपने भरोसे का खुलकर इजहार करते हुए कहा कि उनके लिए पार्टी में नेतृत्व का सवाल स्पष्ट है। उन्होंने कहा, “मेरे नेता राहुल गांधी हैं और कोई दूसरा नहीं।” वडिंग के मुताबिक पंजाब में कांग्रेस को मिलने वाला समर्थन राहुल गांधी के नाम से जुड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर राहुल गांधी नहीं होते तो पंजाब की राजनीतिक परिस्थितियां अलग होतीं। हालांकि, पंजाब में कांग्रेस के समर्थन और वोट को लेकर वडिंग का यह आकलन उनका राजनीतिक बयान है।
प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए गए वडिंग
पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ समय से संगठन में बदलाव की चर्चा चल रही थी। इसी बीच 1 अक्टूबर को अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपना बायो बदलकर खुद को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बताया। इसके बाद उनके पद से हटाए जाने की स्थिति स्पष्ट हो गई। वडिंग अप्रैल 2022 से पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके कार्यकाल के दौरान पार्टी के भीतर कई स्तरों पर मतभेद और संगठनात्मक चुनौतियां भी सामने आती रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ उनके राजनीतिक मतभेदों की चर्चा भी लंबे समय से होती रही है।
भूपेश बघेल का किया शुक्रिया
प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बाद वडिंग ने पूर्व पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल का भी आभार जताया। वडिंग के मुताबिक बघेल ने उनके कार्यकाल के दौरान उनका समर्थन किया था। उन्होंने बघेल के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि वह उनके सहयोग को नहीं भूलेंगे। वहीं, पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट की भूमिका को लेकर भी वडिंग ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पायलट को लगा होगा कि प्रदेश अध्यक्ष को बदला जाना चाहिए। वडिंग ने यह भी कहा कि उन्होंने पार्टी में अपनी जिम्मेदारी निभाई और इसके बाद इस्तीफा दे दिया।
सचिन पायलट के फीडबैक के बाद बदलाव की चर्चा
सचिन पायलट ने 5 सितंबर को पंजाब कांग्रेस प्रभारी की जिम्मेदारी संभालने के बाद राज्य के पार्टी नेताओं और सांसदों से बातचीत की थी। इस दौरान संगठन की स्थिति और पार्टी को मजबूत करने को लेकर फीडबैक लिए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष पद पर बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हुईं। वडिंग ने पायलट की भूमिका को लेकर कोई सीधा आरोप लगाने के बजाय कहा कि नए प्रभारी को लगा होगा कि प्रदेश अध्यक्ष को बदला जाना चाहिए। उनके मुताबिक उन्होंने पार्टी के फैसले को स्वीकार करते हुए अपना कर्तव्य निभाया।
‘राजनीति में सौदेबाजी नहीं करता’
वडिंग ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वह राजनीति में सौदेबाजी नहीं करते, जबकि कुछ लोग ऐसा करते हैं। हालांकि, उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम लेकर यह आरोप नहीं लगाया। अब पंजाब कांग्रेस के सामने सबसे बड़ा सवाल नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन का है। पार्टी के भीतर कई नेताओं के नाम संभावित दावेदारों के तौर पर चर्चा में हैं। इनमें विजय इंदर सिंगला, परगट सिंह, राणा केपी सिंह और सुखबिंदर सिंह सरकारिया के नाम शामिल हैं। पार्टी से जुड़े सूत्रों के हवाले से विजय इंदर सिंगला का नाम भी प्रमुखता से चर्चा में बताया जा रहा है। अंतिम फैसला कांग्रेस नेतृत्व की ओर से लिया जाना है।