राहुल गांधी करेंगे रैली का नेतृत्व ,कृषि कानून के विरोध में आज निकाली जाएगी रैली
कृषि कानून को लेकर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पंजाब से ट्रैक्टर रैली निकाल रहे हैं
कृषि कानून को लेकर विरोध की गति थोड़ी मद्धम तो पड़ी है लेकिन खत्म नहीं हुई है , इस कानून की मुखलाफत अभी भी किसान कर रहे हैं और इसमें उनका साथ दे रहा है विपक्ष , जी हाँ एक बार फिर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस विरोध का चेहरा बन रहे हैं और पंजाब से ट्रैक्टर रैली निकाल रहे हैं. ऐसे में साफ़ है कि सरकार चारों तरफ से घिर चुकी है, तो क्या कृषि कानून पर नरम होगा सरकार का रवैया, मौजूदा सरकार की निंदा हर तरफ हो रही है, चाहे वो मुद्दा महिलाओं की सुरक्षा का हो , अन्नदाताओं का हो या समाज के निचले तबके का, सरकार की प्राथमिकता में ये मुद्दे तो हैं ही नहीं। एक तरफ देश में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठ रहा है वहीं दूसरी ओर देश का अन्नदाता भी सरकार से परेशान हो चुका है ! और अब मुखालफत के हर मुमकिन तरीके अपना कर सरकार को ये एहसास दिलाना चाहता है कि वो किसी भी सूरत में कृषि कानून को स्वीकृति नहीं देने वाला। सरकार चाहे कितनी भी कोशिश कर ले अन्नदाताओं को इस नए कृषि कानून पर राज़ी करने की, लेकिन किसान भी अपनी ज़िद पर अड़े हुए हैं उनका कहना है कि - इस क़ानून की वजह से उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए अच्छा बाज़ार नहीं मिलेगा. क्योंकि नये कानून के तहत किसान अपनी फ़सल को खुले मार्केट में बेच सकता है. मंडियां ख़त्म हो जाने से पूंजीपति और प्राइवेट कंपनियां मनमानी क़ीमत में फसलें खरीदने का दबाव बनाएगी. वैसे इस मुद्दे पर अन्नदाताओं को विपक्षी पार्टियों का खूब साथ मिल रहा है. आज किसान बिल के ख़िलाफ़ राहुल गांधी ट्रैक्टर रैली निकालेंगे. पंजाब में राहुल गांधी एक बड़ी ट्रैक्टर रैली निकालने की तैयारी में हैं जिसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है. इस रैली में करीब 3 हज़ार लोग शामिल होंगे कि यह रैली 5 अक्टूबर को हरियाणा में भी दाखिल होगी. राहुल की ट्रैक्टर रैली में उनके साथ हज़ारों किसान भी शिरकत करेंगे। दावा किया जा रहा है कि हज़ारों की तादाद में ट्रेक्टर रैली में शामिल होंगे। बता दें कि ना केवल कांग्रेस बल्कि अन्य विपक्षी पार्टियां भी किसानों का इस मुहिम में साथ दे रही हैं. सपा, बसपा, आम आदमी पार्टी , टीएमसी समेत कई संगठन और दल भी सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं. बीते दिनों तेजस्वी यादव भी किसान बिल का ट्रेक्टर रैली निकल कर विरोध करते नज़र आये ,यानी ये मुद्दा बिहार चुनाव में पासा पलट सकता है। ऐसे में साफ़ है कि ये मुद्दा अभी इतने जल्दी शांत होने वाला नहीं है. सरकार को अपने फैसले को लेकर पुनर्विचार करना पड़ सकता है. क्योंकि एक साथ सरकार के खिलाफ कई मुद्दे सामने आ खड़े हुए हैं. ऐसे में अन्नदाताओं की नाराजगी सरकार को भारी पड़ सकती है !