मुंबई क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन लोन ऐप से ठगी करने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़
मुंबई क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन लोन ऐप के जरिए लोगों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर वसूली करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है;
मुंबई। मुंबई क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन लोन ऐप के जरिए लोगों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर वसूली करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी लोगों को ऑनलाइन लोन देने के बाद उन्हें और उनके परिजनों को धमकाकर लगातार पैसे वसूलते थे।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने 25 मई 2025 को एक ऑनलाइन लोन ऐप से 22 हजार 50 रुपए का लोन लिया था। लोन प्रक्रिया के दौरान आरोपियों ने एक एपीके फाइल के जरिए शिकायतकर्ता के मोबाइल फोन का डेटा एक्सेस हासिल कर लिया था। शिकायतकर्ता ने ब्याज सहित पूरा लोन चुका दिया था, इसके बावजूद आरोपी लगातार फोन और मैसेज कर उन्हें परेशान करने लगे।
आरोपियों ने शिकायतकर्ता के रिश्तेदारों, दोस्तों और उनके कार्यस्थल पर फोन कर बदनामी शुरू कर दी। साथ ही धमकी दी गई कि यदि परिवार की सुरक्षा चाहते हो और इस तरह के कॉल बंद करवाने हैं, तो फिर से अलग-अलग ऐप से लोन लेकर ब्याज की रकम चुकानी होगी। डर और मानसिक दबाव के चलते शिकायतकर्ता को 18 अलग-अलग ऑनलाइन लोन ऐप्स से कुल 7 लाख 5 हजार 570 रुपए तक का लोन लेने पर मजबूर किया गया।
इतना ही नहीं, सभी लोन और ब्याज चुकाने के बाद भी आरोपी 'वन टाइम सेटलमेंट' के नाम पर अतिरिक्त रकम की मांग करते रहे। लगातार फोन कॉल, धमकियां और बदनामी से परेशान होकर शिकायतकर्ता की मानसिक स्थिति बिगड़ गई थी।
इस मामले में प्राप्त शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच ने 25 मई 2026 को जाल बिछाकर शिकायतकर्ता से वसूली की रकम लेने पहुंचे छह आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना की तलाश में जुटी हुई है। जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह ने ऑनलाइन लोन ऐप्स के जरिए कई अन्य लोगों को भी मानसिक रूप से प्रताड़ित कर भारी रकम वसूली है।
गिरफ्तार आरोपियों में सुदेश चंद्रकांत वाघरे (27), पवेश नारायण गोरीवले (28), प्रविण पांडुरंग जाधव (49), प्रविण सुखदेव थोरात (28), रवि मदनलाल जैवाल (28) और वाल्मिकी गेनालाल गुप्ता (21) का समावेश है।
गिरफ्तार सभी छह आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें 30 मई 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।