नई दिल्ली: चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से फोन पर बातचीत की है। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान ममता बनर्जी ने INDIA ब्लॉक की बैठक जल्द बुलाने का आग्रह किया, ताकि चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष की साझा रणनीति पर चर्चा की जा सके।
ममता और सीपीआई (एम) के बीच भी बातचीत
इस घटनाक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू पश्चिम बंगाल में लंबे समय से राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे तृणमूल कांग्रेस (TMC) और सीपीआई (एम) के बीच संवाद है। जानकारी के मुताबिक, ममता बनर्जी ने सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी से भी बात की। दोनों नेताओं के बीच SIR को लेकर जारी विवाद और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बताया गया कि बातचीत का केंद्र चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से जुड़े सवाल रहे। दोनों दल INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं, हालांकि पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से एक-दूसरे के विरोधी रहे हैं।
राहुल गांधी से बैठक बुलाने का आग्रह
ममता बनर्जी ने राहुल गांधी से बातचीत के दौरान INDIA ब्लॉक की बैठक बुलाने की मांग रखी। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने सुझाव दिया कि अगर संभव हो तो अगले सप्ताह सोमवार या मंगलवार को बैठक आयोजित की जाए। इस बैठक में SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों की आगे की रणनीति पर विचार किया जा सकता है। हालांकि बैठक की तारीख और इसमें शामिल होने वाले दलों को लेकर अंतिम जानकारी संबंधित दलों की ओर से औपचारिक रूप से सामने आना बाकी है।
रिपोर्ट के बाद बढ़ी चर्चा
ममता बनर्जी और एमए बेबी के बीच बातचीत तथा विपक्षी दलों के बीच सक्रियता की पृष्ठभूमि में 23 सितंबर को प्रकाशित इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट का भी उल्लेख किया जा रहा है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि चुनाव आयुक्तों में से दो ने मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर CEC ज्ञानेश कुमार के कुछ फैसलों पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। रिपोर्ट में इसे चुनाव आयोग के भीतर मतभेद के संकेत के तौर पर पेश किया गया। हालांकि, ऐसे दावों पर चुनाव आयोग या संबंधित चुनाव आयुक्तों की आधिकारिक प्रतिक्रिया को अलग से देखना जरूरी है।
SIR को लेकर ममता बनर्जी का विरोध
पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर ममता बनर्जी पहले से ही चुनाव आयोग पर सवाल उठाती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल और उन अन्य राज्यों में, जहां SIR के बाद चुनाव हुए हैं, पुराने यानी SIR से पहले के मतदाता आंकड़ों के आधार पर चुनाव कराने की मांग भी उठाई है। उनका दावा है कि मौजूदा प्रक्रिया चुनावी अधिकारों और मतदाता सूची की विश्वसनीयता से जुड़े सवाल पैदा करती है।
CEC पर ममता के तीखे आरोप
ममता बनर्जी ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक रूप से काफी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कुमार पर राजनीतिक पक्षधरता के आरोप लगाए हैं और उन्हें पद से हटाने की मांग की है। उन्होंने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई है। ममता का कहना है कि जब तक मौजूदा CEC पद पर हैं, तब तक चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष अपनी आवाज उठाता रहेगा। TMC और चुनाव आयोग के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न समेत विभिन्न चुनावी मुद्दों पर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं। अब राहुल गांधी से बातचीत और TMC-सीपीआई (एम) के बीच संवाद के बाद SIR का मुद्दा विपक्षी दलों के बीच समन्वय का एक प्रमुख विषय बनता दिखाई दे रहा है।