‘आप बचेंगे नहीं’, चुनाव आयोग पर खुलासे को लेकर राहुल गांधी बोले- ये संविधान पर हमला

कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर भी कई आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि चुनाव आयोग के दो अन्य सदस्यों की ओर से पिछले कुछ महीनों में कई शिकायतें की गईं और महत्वपूर्ण फैसलों को लेकर उन्हें पर्याप्त जानकारी या परामर्श नहीं दिया गया।;

Update: 2026-09-23 08:07 GMT

नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से जुड़ी एक रिपोर्ट को लेकर केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा, RSS और निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राहुल गांधी ने कथित ‘वोट चोरी’ को भारतीय नागरिकों और संविधान के खिलाफ अपराध बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा, RSS और चुनाव आयोग ने मिलकर इस प्रक्रिया को अंजाम दिया है। राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में कहा कि कथित वोट चोरी संविधान पर सीधा हमला है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होगी। उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो कुछ किया जा रहा है, वह गलत है और समय आने पर इसके लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी।

कांग्रेस ने भी चुनाव आयोग पर साधा निशाना

राहुल गांधी के आरोपों के बाद कांग्रेस ने भी अपने आधिकारिक X हैंडल से उनका वीडियो साझा किया। पार्टी ने दावा किया कि भाजपा और निर्वाचन आयोग मिलकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने तथा लोगों की आवाज प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस ने ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जोड़ते हुए निर्वाचन आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची, वोटर रजिस्ट्रेशन और नाम जोड़ने-हटाने जैसी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और सभी चुनाव आयुक्तों की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।

ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस के सवाल

कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर भी कई आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि चुनाव आयोग के दो अन्य सदस्यों की ओर से पिछले कुछ महीनों में कई शिकायतें की गईं और महत्वपूर्ण फैसलों को लेकर उन्हें पर्याप्त जानकारी या परामर्श नहीं दिया गया। कांग्रेस के मुताबिक, कथित शिकायतों में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR, फॉर्म-6 में बदलाव, नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और जोड़ने, नाम बहाल करने के आदेशों के खिलाफ अपील तथा मतदाता सूची की सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं। हालांकि, इन आरोपों और शिकायतों के संबंध में संबंधित दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के आधार पर नहीं की गई है। कांग्रेस ने इन कथित शिकायतों को चुनाव आयोग के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताओं के समर्थन में पेश किया है।

‘मोदी को खुश करने के लिए वोट चोरी’ का आरोप

कांग्रेस ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग के बीच कथित राजनीतिक नजदीकी का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। पार्टी ने दावा किया कि चुनाव आयोग में निर्णय लेने की प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है। कांग्रेस ने यह भी कहा कि वह लंबे समय से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाती रही है। पार्टी के अनुसार, इन मुद्दों पर जवाबदेही और पारदर्शिता जरूरी है।

राहुल गांधी पहले भी उठा चुके हैं सवाल

राहुल गांधी पिछले कुछ समय से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाते रहे हैं। वह कई मौकों पर ‘वोट चोरी’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग कर चुके हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने पूर्व में राहुल गांधी की ओर से लगाए गए वोट चोरी संबंधी आरोपों को खारिज किया है और उन्हें गलत तथा निराधार बताया है। इसलिए मौजूदा विवाद में कांग्रेस के आरोपों और निर्वाचन आयोग के पक्ष को अलग-अलग देखना जरूरी है।

चुनाव आयोग की भूमिका पर जारी राजनीतिक बहस

मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस लगातार जारी है। कांग्रेस जहां इन प्रक्रियाओं में अधिक पारदर्शिता और निगरानी की मांग कर रही है, वहीं चुनाव आयोग पहले राहुल गांधी के ऐसे आरोपों को खारिज कर चुका है। फिलहाल राहुल गांधी की ताजा प्रतिक्रिया ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक विवाद को फिर तेज कर दिया है। आगे इस मामले में निर्वाचन आयोग की ओर से आने वाला आधिकारिक जवाब और संबंधित रिपोर्ट में बताए गए दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

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