रूस से तेल आयात और टैरिफ धमकी पर ट्रंप की टिप्पणी: कांग्रेस ने बताया भारत का अपमान

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री के “अच्छे दोस्त” का भारत के प्रति रवैया ‘कभी नरम, कभी गरम’ बना हुआ है।

Update: 2026-01-06 10:46 GMT
नई दिल्ली : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत के रूस से तेल आयात को लेकर की गई टिप्पणी और टैरिफ बढ़ाने की धमकी पर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने ट्रंप के बयान को देश का खुला अपमान बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच बताई जा रही ‘दोस्ती’ पर तीखा तंज कसा है। पार्टी का कहना है कि बार-बार सार्वजनिक मंचों पर भारत को निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से इसका कोई ठोस जवाब नहीं दिया जा रहा।


भारत को धमकी दे रहे

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री के “अच्छे दोस्त” का भारत के प्रति रवैया ‘कभी नरम, कभी गरम’ बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप एक बार फिर भारत को धमकी दे रहे हैं कि यदि रूस से तेल खरीद बंद नहीं किया गया तो भारत से अमेरिका जाने वाले सामान पर और अधिक टैरिफ लगाए जाएंगे। जयराम रमेश ने कहा कि “नमस्ते ट्रंप” और “हाउडी मोदी” जैसे बड़े आयोजनों, जबरन गले मिलने और अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रशंसा में की गई इंटरनेट मीडिया पोस्ट से देश को कोई वास्तविक लाभ नहीं मिला।


‘दोस्ती’ से नहीं बढ़ा भारत का सम्मान: कांग्रेस

कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप के बीच व्यक्तिगत तालमेल को देश के हितों से ऊपर रखा गया, लेकिन इसका परिणाम भारत के पक्ष में नहीं दिखा। पार्टी नेताओं का कहना है कि ट्रंप लगातार भारत को सार्वजनिक रूप से चेतावनी देते रहे हैं—चाहे वह व्यापार, टैरिफ या ऊर्जा नीति का मुद्दा हो और यह दर्शाता है कि तथाकथित मित्रता का भारत के सम्मान या रणनीतिक हितों पर सकारात्मक असर नहीं पड़ा।

जयराम रमेश ने कहा कि भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और उसकी ऊर्जा जरूरतें, खासकर तेल आयात जैसे निर्णय, राष्ट्रीय हितों और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए किए जाते हैं। ऐसे मामलों में किसी दूसरे देश की धमकी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार इन बयानों पर कड़ा और स्पष्ट जवाब देगी।


सुप्रिया श्रीनेत का तीखा हमला

कांग्रेस के इंटरनेट मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने भी ट्रंप के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति सार्वजनिक रूप से भारत का मजाक उड़ा रहे हैं। श्रीनेत ने कहा कि ट्रंप के बगल में खड़े एक अमेरिकी सीनेटर यह दावा करते दिखे कि भारतीय राजदूत राष्ट्रपति को खुश रखने के लिए उनसे मिन्नतें कर रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने इसे देश के राजनयिक सम्मान के खिलाफ बताते हुए कहा कि ऐसे दृश्य भारत की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं।

उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति और सीनेटर की ओर इशारा करते हुए कहा कि “ऐसे बेशर्म गुंडे मेरे देश का मजाक उड़ा रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री की ओर से एक शब्द भी नहीं आया।” सुप्रिया श्रीनेत ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वह भारत के सम्मान की रक्षा के लिए मजबूती से खड़े नहीं हो पा रहे हैं।


सरकार की चुप्पी पर सवाल

कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि और सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए और किसी भी देश की ओर से धमकी या अपमानजनक टिप्पणी का तत्काल और कूटनीतिक तरीके से जवाब दिया जाना चाहिए। पार्टी ने मांग की है कि सरकार स्पष्ट करे कि रूस से तेल आयात पर भारत का रुख क्या है और अमेरिकी दबाव के आगे झुकने का सवाल ही क्यों उठ रहा है।


गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत ने वैश्विक बाजार में उपलब्धता और कीमतों को देखते हुए रूस से तेल आयात बढ़ाया है। अमेरिका और कुछ पश्चिमी देशों ने इस पर आपत्ति जताई है। ट्रंप की हालिया टिप्पणी ने इसी मुद्दे को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है, जिस पर भारत की घरेलू राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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