पीएम मोदी ने डॉ. बालासाहेब विखे पाटिल की आत्मकथा का विमोचन किया, पढें बड़ी बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए डॉ. बालासाहेब विखे पाटिल की आत्मकथा 'देह वीचवा करणी' का विमोचन किया;
By : देशबन्धु
Update: 2020-10-13 13:19 GMT
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए डॉ. बालासाहेब विखे पाटिल की आत्मकथा 'देह वीचवा करणी' का विमोचन किया और प्रवर रूरल एजुकेशन सोसाइटी का नाम बदलकर 'लोकनेते डॉ. बालासाहेब विखे पाटिल प्रवर रूरल एजुकेशन सोसाइटी' रखा,इस दौरान कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस सहित कई अन्य नेता मौजूद रहे
प्रधानमंत्री के संबोधन की बड़ी बातें
- कोरोना का खतरा अब भी बरकरार है लेकिन हम इसके खिलाफ जरूर जंग जीतेंगे
- गांवों की आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था में माइक्रो फाइनेंस का विशेष रोल है। मुद्रा जैसी योजना से गांव में स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ी हैं। यही नहीं बीते सालों में देश में सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी करीब 7 करोड़ बहनों को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक का ऋण दिया गया हैप्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत महाराष्ट्र में बरसों से लटकी 26 परियोजनाओं को पूरा करने के लिए तेजी से काम किया गया। इनमें से 9 योजनाएं अब तक पूरी हो चुकी हैं। इनके पूरा होने से करीब-करीब 5 लाख हेक्टेयर ज़मीन को सिंचाई की सुविधा मिली है
- व्यक्ति कितना ही पढ़ा-लिखा क्यों न हो, अगर उसमें खेती का कौशल नहीं हो तो वो कभी खेती नहीं कर पाएगा, जब ऐसी बात है तो हमें खेती को एंटरप्राइज क्यों नहीं कहते? बालासाहेब विखे पाटिल जी के मन में ये प्रश्न ऐसे ही नहीं आया। ज़मीन पर उन्होंने जो अनुभव किया, उसके आधार पर ये बात कही
- गाँव गरीब के विकास के लिए, शिक्षा के लिए, उनका योगदान हो, महाराष्ट्र में कॉपरेटिव की सफलता का उनका प्रयास हो, ये आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देगा, इसलिए बालासाहेब वीखे पाटिल के जीवन पर ये किताब हम सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है
- नए और पुराने तौर तरीकों के मेल का बहुत सटीक उदाहरण है गन्ने की फसल। अब गन्ने से एथेनॉल निकालने के लिए भी उद्योग लगाए जा रहे हैं। महाराष्ट्र में भी 100 के करीब ऐसे उद्योग चल रहे हैं और दर्जनों ऐसे उद्योगों को स्वीकृति मिल चुकी है।
- कोल्ड चेन, मेगा फूड पार्क और एग्रो प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी अभूतपूर्व काम हुआ है। गांव के हाटों से लेकर बड़ी मंडियों के आधुनिकीकरण से भी किसानों को लाभ होने वाला है।
- पीएम किसान सम्मान निधि योजना से किसानों को छोटे छोटे खर्चे के लिए दूसरों के पास जाने से मुक्ति दिलाई है। इस योजना के तहत एक लाख करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं।
- किसानों, पशुपालकों और मछुआरों, तीनों को बैंकों से आसान ऋण मिल पाए, इसके लिए सभी को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी गई है।
- डॉक्टर बालासाहेब विखे पाटिल ने गांव, गरीब और किसानों के दुख को, दर्द को नजदीक से देखा, समझा। इसलिए वो किसानों को एक साथ लाए, उन्हें सहकार से जोड़ा। ये उन्हीं का प्रयास है कि जो इलाका कभी अभाव में जीने को मजबूर था, आज उसकी तस्वीर बदल गई है।
- डॉक्टर बालासाहेब विखे पाटिल की आत्मकथा का विमोचन आज भले हुआ हो लेकिन उनके जीवन की कथाएं आपको महाराष्ट्र के हर क्षेत्र में मिलेंगी।