यूपी के मंत्रियों ने की प्रदेश के पीडीएस की तारीफ

रायपुर ! खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री पुन्नूलाल मोहले ने आज सवेरे यहां नवीन विश्राम भवन में उत्तर प्रदेश के खाद्य मंत्री अतुल गर्ग और कृषि मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण का आत्मीय;

Update: 2017-04-01 22:25 GMT

पीडीएस से छत्तीसगढ़ मॉडल से प्रभावित उत्तर प्रदेश के दो मंत्री पहुंचे रायपुर, खाद्य मंत्री मोहले के साथ बैठक
रायपुर ! खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री पुन्नूलाल मोहले ने आज सवेरे यहां नवीन विश्राम भवन में उत्तर प्रदेश के खाद्य मंत्री अतुल गर्ग और कृषि मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण का आत्मीय स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के ‘छत्तीसगढ़ मॉडल’ से प्रभावित उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के प्रतिनिधि के रूप में वहां के खाद्य मंत्री अतुल गर्ग और कृषि मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण रायपुर प्रवास पर आए हैं। उत्तर प्रदेश के दोनों मंत्रियों ने आज दोपहर यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में खाद्य मंत्री श्री मोहले और छत्तीसगढ़ सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक में दोनों मंत्रियों ने छत्तीसगढ़ सरकार के पीडीएस के तहत धान उपार्जन और राशन वितरण की सम्पूर्ण प्रक्रिया के बारे में एक प्रस्तुतिकरण भी देखा। मंत्री द्वय श्री अतुल गर्ग और चौधरी लक्ष्मी नारायण ने छत्तीसगढ़ सरकार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली की प्रशंसा की।
बैठक में श्री मोहले ने उत्तर प्रदेश के मंत्रियों को बताया कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने अपनी विधानसभा में वर्ष 2012 में खाद्य सुरक्षा और पोषण सुरक्षा कानून बनाकर अपने राज्य के गरीबों को भोजन का अधिकार दिलाया है। उन्होंने बताया - राशन वितरण के साथ-साथ समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन भी इस प्रणाली में किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य में इस प्रणाली के तहत 12 हजार 348 उचित मूल्य दुकानों के जरिये 58 लाख से ज्यादा गरीब परिवारों को हर महीने सिर्फ एक रूपए किलो में चावल दिया जा रहा है। इनमें से प्राथमिकता वाले नीले राशन कार्डधारक परिवारों को एक रूपए किलो में प्रति सदस्य सात किलो और अन्त्योदय श्रेणी के गुलाबी राशन कार्ड धारक परिवारों को एक रूपए किलो में 35 किलो चावल हर महीने दिया जाता है। आदिवासी क्षेत्रों में प्रति परिवार दो किलो और गैर अनुसूचित क्षेत्रों में प्रति परिवार एक किलो नि:शुल्क आयोडाइज्ड नमक भी दिया जा रहा है। इसी तरह आदिवासी क्षेत्रों में हर महीने  में सिर्फ पांच रूपए किलो में दो किलो चना भी वितरित किया जा रहा है। हमारे यहां के खाद्य सुरक्षा कानून में राशन कार्ड को खाद्य अधिकार पुस्तिका का नाम दिया गया है। प्रत्येक राशन कार्ड परिवार की वरिष्ठ महिला मुखिया के नाम पर जारी करने का प्रावधान है।
श्री मोहले ने उत्तर प्रदेश के मंत्रियों को यह भी बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने नये वित्तीय वर्ष 2017-18 से राज्य के लगभग आठ हजार दिव्यांगों को नि:शुल्क चावल देने का भी ऐलान किया है। राशन वितरण और धान उपार्जन में पारदर्शिता के लिए सम्पूर्ण सार्वजनिक वितरण प्रणाली का वर्ष 2008 से कम्प्यूटरीकरण किया जा चुका है। इसके जरिये सम्पूर्ण प्रणाली को ऑन लाइन किया गया है।
खाद्य विभाग की जनभागीदारी वेबसाइट में पंजीयन करवाने पर नागरिकों को ई-मेल के जरिये अपनी समस्या और अपने सुझाव भेजने की सुविधा  मिलने लगती है। नागरिक इसमें अपना पंजीयन एसएमएस सुविधा के लिए भी करवा सकते हैं, जिसमें उन्हें उनके मोबाइल नम्बर अथवा ई-मेल आईडी पर नागरिक आपूर्ति निगम के प्रदाय केन्द्र से संबंधित उचित मूल्य दुकान को राशन सामग्री पहुंचाने वाले ट्रक नम्बर और उस ट्रक के द्वारा राशन दुकान में सामग्री पहुंचाने की पुष्टि भी की जाती है।  इतना ही नहीं बल्ेिक इस प्रणाली में खाद्य विभाग द्वारा जनवरी 2008 से नि:शुल्क कॉल सेन्टर का भी संचालन किया जा रहा है।
 इसमें कोई भी नागरिक टोल फ्री नम्बर 1800-233-3663 अथवा टोल फ्री नम्बर 1967 डायर करके अपनी शिकायत या समस्या दर्ज करवा सकता है, जिसका यथा संभव त्वरित निराकरण किया जाता है। कॉल सेन्टर में 25 जनवरी 2017 तक 14 हजार 098 शिकायतें दर्ज हुई। इनमें से 13 हजार 269 शिकायतों का निराकरण कर दिया गया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत राज्य में इस वित्तीय वर्ष 2016-17 में दस लाख परिवारों को महिलाओं के नाम पर सिर्फ 200 रूपए के पंजीयन शुल्क में नि:शुल्क रसोई गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पहले ही पूर्ण कर लिया गया है। इतना ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ पहला राज्य है, जिसके द्वारा इस योजना में अपने यहां के हितग्राहियों को केवल 200 रूपए का अंशदान (पंजीयन शुल्क) लेकर डबल बर्नर चूल्हा और पहला भरा हुआ सिलेण्डर मुफ्त दिया जा रहा है।

 

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