टीएसआरटीसी के हड़ताल से यात्री बुरी तरह प्रभावित
राज्य सड़क परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के पांचवें दिन भी सरकार के कड़े रुख को देखते हुए इस मामले का तत्काल कोई समाधान होता नहीं दिखाई दे रहा है
हैदराबाद । तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के पांचवें दिन भी सरकार के कड़े रुख को देखते हुए इस मामले का तत्काल कोई समाधान होता नहीं दिखाई दे रहा है और इससे आम यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पूरे राज्य के डिपो में 10 हजार से अधिक बसों के खड़ा हो जाने के बाद बस यात्रियों को अपने कार्यालयों या अपने काम के स्थानों पर पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
हड़ताल को देखते हुए निगम ने निजी ऑपरेटरों और अस्थायी चालकों एवं कंडक्टरों की मदद से अस्थाई सेवाओं का संचालन कर रहा है लेकिन यह भारी मांग का सामना नहीं कर पा रहा है। राज्य की राजधानी में दफ्तर जाने वालों को सबसे ज्यादा इसका नुकसान उठाना पड़ रहा है।
हड़ताली कर्मचारियों की मुख्य मांगों में कर्ज में डूबे टीएसआरटीसी का सरकार के साथ विलय और वेतनमान में संशोधन शामिल हैं।
इस बीच, विभिन्न विपक्षी दलों और हड़ताल का नेतृत्व कर रहे टीएसआरटीसी की संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) की एक बैठक हुई जिसमें भविष्य की कार्रवाई का फैसला करने के प्रगति पर विचार-विमर्श किया गया।
जेएसी नेता अश्वथामा रेड्डी ने बैठक में कहा कि हड़ताल का मुख्य उद्देश्य निगम को बचाना है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि हड़ताल को लोगों का समर्थन प्राप्त है।
इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी, तेलंगाना जन समिति, तेलुगू देशम पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता शामिल थे।