छत्तीसगढ़: सुरक्षा बलों ने माओवादियों के शवों की पहचान की, तलाशी अभियान जारी
सुरक्षा बलों ने चलाए गए एक व्यापक तलाशी अभियान में मारे गए दो कुख्यात माओवादियों के शवों की पहचान कर ली है।
रायपुर/बीजापुर। सुरक्षा बलों ने गुरुवार को चलाए गए एक व्यापक तलाशी अभियान में मारे गए दो कुख्यात माओवादियों के शवों की पहचान कर ली है।
उनकी पहचान एसीएम (एरिया कमेटी मेंबर) प्रदीप उर्फ जोगा और भीमा वेको के रूप में हुई है। उनके शव छत्तीसगढ़ के दक्षिण बीजापुर के कवरगट्टा क्षेत्र में मुठभेड़ स्थल से बरामद किए गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये दोनों माओवादी पामेद क्षेत्र समिति से संबंधित थे और उन पर क्रमशः 5 लाख रुपए और 2 लाख रुपए का घोषित इनाम था।
ये दोनों पामेद क्षेत्र समिति क्षेत्र में विभिन्न हिंसक घटनाओं में शामिल थे, जिनमें कवरगट्टा ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच भीमा मदकम की हत्या भी शामिल है।
सुरक्षा बलों ने घटनास्थल से एक एके-47 राइफल, एक 9 मिमी पिस्तौल, गोला-बारूद, विस्फोटक और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की है।
क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान जारी है, जिसमें डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और सीआरपीएफ की टीमें सक्रिय रूप से शामिल हैं।
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि पामेद जिला के पामेद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कवरगट्टा-गुंडराजगुडेम वन और पहाड़ी इलाकों में पामेद क्षेत्र समिति के सशस्त्र माओवादी कैडरों की मौजूदगी की विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर, डीआरजी टीम ने 28 जनवरी की शाम को तलाशी अभियान शुरू किया।
29 जनवरी की सुबह लगभग 7:00 बजे डीआरजी कर्मियों और माओवादियों के बीच गोलीबारी शुरू हुई। गोलीबारी के बाद, तलाशी अभियान में दो वर्दीधारी माओवादी कैडरों के शव बरामद किए गए।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि दोनों कैडर क्षेत्र में नागरिकों की कई हिंसक घटनाओं और हत्याओं से जुड़े थे, जिनमें हाल ही में पूर्व सरपंच की हत्या भी शामिल है।
जितेंद्र कुमार यादव ने इस बात पर जोर दिया कि जिले में माओवादियों के खिलाफ लगातार खुफिया जानकारी पर आधारित अभियानों से सुरक्षा बलों को लगातार सफलता मिल रही है।