त्रिपुरा भाजपा ने धर्मनगर घटनाक्रम को लेकर एक प्रमुख नेता को कारण बताओ नोटिस जारी किया

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने त्रिपुरा राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष बरनाली गोस्वामी को उत्तरी त्रिपुरा जिले के धर्मनगर में हुई हालिया घटनाओं में उनकी कथित भूमिका को लेकर सात दिन का कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी के एक नेता ने शनिवार को यह जानकारी दी।;

Update: 2026-09-26 22:40 GMT

अगरतला। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने त्रिपुरा राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष बरनाली गोस्वामी को उत्तरी त्रिपुरा जिले के धर्मनगर में हुई हालिया घटनाओं में उनकी कथित भूमिका को लेकर सात दिन का कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी के एक नेता ने शनिवार को यह जानकारी दी।

गोस्वामी भाजपा के धर्मनगर से मौजूदा विधायक जहर चक्रवर्ती की पत्नी हैं।

25 सितंबर को जारी यह नोटिस भाजपा की अनुशासनात्मक समिति की ओर से समरेंद्र चंद्र देब द्वारा गोस्वामी को सौंपा गया।

नोटिस के अनुसार, उत्तरी त्रिपुरा जिले के धर्मनगर मंडल क्षेत्र में हाल ही में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों से जुड़ी एक अप्रिय घटना घटी, जिसके बाद गोस्वामी का नाम सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रसारित खबरों में आया।

नोटिस में कहा गया कि भाजपा के जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारी द्वारा प्रतिकूल घटनाक्रम के संबंध में प्रस्तुत रिपोर्ट भी राज्य अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय के संज्ञान में आ चुकी हैं। इसमें आगे कहा गया है कि हाल के घटनाक्रमों ने भाजपा के भीतर और जनता दोनों के बीच नकारात्मक प्रतिक्रिया उत्पन्न की है।

नोटिस में कहा गया कि भाजपा किसी भी उत्तेजक गतिविधि या पार्टी अनुशासन के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करती और न ही उसका समर्थन करती है।

गोस्वामी को नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर घटनाक्रम में अपनी भूमिका और स्थिति स्पष्ट करने और लिखित रूप में यह बताने को कहा गया है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।

नोटिस में चेतावनी दी गई कि निर्धारित समय सीमा के भीतर स्पष्टीकरण न देने पर पार्टी के नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

यह कारण बताओ नोटिस भाजपा के धर्मनगर संगठन में तनाव के बीच आया है, जो 22 सितंबर को धर्मनगर सरकारी डिग्री कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों के विरोध प्रदर्शन के बाद पैदा हुआ है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान, जब गोस्वामी कॉलेज पहुंचीं तो एबीवीपी सदस्यों ने 'वापस जाओ' के नारे लगाए। छात्रों ने शिक्षकों की कमी, पीने के पानी की सुविधा और शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा सहित कई मुद्दे उठाए थे।

इन घटनाक्रमों के बाद धर्मनगर में भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच झड़पों की खबरें आईं।

कॉलेज की घटना के बाद एबीवीपी के एक छात्र नेता के पिता पर हमले के अलग आरोप भी सामने आए। 24 सितंबर को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने धर्मनगर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और हमले के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने गोस्वामी का पुतला भी जलाया।

खबरों के मुताबिक, इन घटनाओं के संबंध में शिकायतें और जवाबी शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।

हालांकि, भाजपा के कारण बताओ नोटिस में गोस्वामी की किसी भी हमले या झड़प में संलिप्तता साबित नहीं की गई है। इसमें उनसे घटनाक्रम के संबंध में उनकी भूमिका और स्थिति के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है और उन रिपोर्टों का हवाला दिया गया है जिनमें उनका नाम आया है।

गोस्वामी की नोटिस पर प्रतिक्रिया और भाजपा के राज्य नेतृत्व द्वारा आगे लिए जाने वाले किसी भी निर्णय का अब इंतजार है।

धर्मनगर की घटनाओं पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा था कि भाजपा की अनुशासन समिति मामले की जांच कर रही है।

साहा ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या अप्रिय गतिविधि को पार्टी द्वारा बर्दाश्त या अनुमोदित नहीं किया जाएगा।

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