नये ट्रांसफॉर्मर करेंगे दोगुनी बिजली की आपूर्ति
भीड़-भाड़ वाले इलाकों में बिजली नेटवर्क के विस्तार के लिए जगह की कमी को देखते हुए अब अनधिकृत कालोनियों व संकरी गलियों वाली कालोनियों में नई टेक्नोलॉजी के 2-एमवीए की क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे
नई दिल्ली। भीड़-भाड़ वाले इलाकों में बिजली नेटवर्क के विस्तार के लिए जगह की कमी को देखते हुए अब अनधिकृत कालोनियों व संकरी गलियों वाली कालोनियों में नई टेक्नोलॉजी के 2-एमवीए की क्षमता वाले अत्याधुनिक, शक्तिशाली वितरण ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। यह बिजली कंपनी बीएसईएस के इंजीनियर्स ने विकसित किए हैं और इन-हाउस ट्रांसफार्मर, 990-केवीए के पारंपरिक ट्रांसफॉर्मरों के मुकाबले दोगुनी बिजली की आपूर्ति करेगा। जबकि, इसे लगाने के लिए पारंपरिक ट्रांसफार्मर के मुकाबले कुछ ही अधिक जगह की जरूरत होगी।
नई टेक्नोलॉजी की मदद से तैयार किया गया यह ट्रांसफार्मर लगभग मेंटेनेेंस फ्री होगा व रखरखाव के लिए इसे बार-बार बंद भी नहीं करना पड़ेगा, और लोगों को पहले के मुकाबले बेहतर बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने बाटला हाउस इलाके में दिल्ली के पहले 2-एमवीए वितरण ट्रांसफार्मर का उद्घाटन करते हुए कहा कि इससे दिल्ली में बिजली आपूर्ति में आमूल चूल सुधार आएगा। कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन और विधायक अमानातुल्लाह खान के साथ साथ बीएसईएस के सीईओ अमल सिन्हा आदि मौजूद थे।
बाटला हाउस इलाके के जोगा बाई एक्सटेंशन में आज दिल्ली का पहला 2-एमवीए वितरण र्टंसफॉर्मर लगाया गया। वर्तमान में यहां बिजली का लोड करीब 3.8 एमवीए है। यहां स्थित बिजली वितरण ट्रांसफार्मर ओवर लोडेड था, क्योंकि नेटवर्क विस्तार के लिए जगह की कमी थी। इस चुनौती से निपटने के लिए बीएसईएस ने यह ट्रांसफार्मर विकसित किया और लाभ दिखाई दिए। अनाधिकृत और गैर योजनाबद्ध तरीके से बसीं कॉलोनियों में बिजली नेटवर्क के विस्तार के लिए जगह नहीं मिल पा रही है और बढ़ती आबादी के कारण बिजली की मांग में तो बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन जगह की कमी के कारण, उस बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए जरूरी नेटवर्क विस्तार में दिक्कतें आ रही हैं।