सडक़, स्कूल, कॉलोनियां, बहुमंजिले भवन व अस्पताल बनेंगे स्मार्ट

नई दिल्ली ! साल 2017-18 में राजधानी को स्मार्ट सिटी बनाने से संबंधित तमाम योजनाओं को सिरे चढ़ाने, बहुमंजिली इमारतों को चमकाने;

Update: 2017-01-14 01:30 GMT

नई दिल्ली !  साल 2017-18 में राजधानी को स्मार्ट सिटी बनाने से संबंधित तमाम योजनाओं को सिरे चढ़ाने, बहुमंजिली इमारतों को चमकाने और अन्य अनिवार्य सेवाओं पर करीब 3621 करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद नई दिल्ली नगरपालिका परिषद् (एनडीएमसी) के खाते में करीब साढ़े पांच करोड़ रुपए सरप्लस रहेंगे। दरअसल, एनडीएमसी अध्यक्ष नरेश कुमार ने अगले वित्तीय वर्ष के लिए पेश बजट अनुमान में करीब 3627 करोड़ रुपए से अधिक राजस्व प्राप्त करने का अनुमान लगाया है। वहीं, परिषद् मुख्यालय भवन को आधुनिक फसाड पैनल लाइटों से सुसज्जित करने का काम शुरू कर दिया गया है जो गणतंत्र दिवस से पूर्व जगमगाने लगेगा।

 अध्यक्ष के मुताबिक परिषद् का पूरा फोकस सुशासन और समग्र विकास पर है। इसलिए परिषद् से संबंधित सभी सेवाएं और सुविधाएं आसानी से लोगों तक पहुंचाने के लिए सार्वजनिक सेवाओं को डिजिटल किया जाएगा। यानि नई दिल्ली इलाके के सडक़ों, स्कूलों, कॉलोनियों, भवनों, अस्पतालों, पार्किंग स्थलों आदि को स्मार्ट बनाया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों के लिए प्ले स्कूल भी खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि परिषद् का लक्ष्य स्मार्ट सिटी के नागरिकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मुहैया कराना है। वहीं, नई दिल्ली इलाके में मुफ्त वाई-फाई उपलब्ध कराने के लिए एनडीएमसी ने इस बार सरकारी उपक्रम महानगर टेलीफोन निगम (एमटीएनएल) की सहयोगी कंपनी मिलेनियम टेलीकॉम लिमिटेड (एमटीएल) से करार करने का फैंसला किया है। आगामी वित्त वर्ष में परिषद द्वारा संचालित स्कूलों की सभी कक्षाएं स्मार्ट कक्षाओं में तब्दील हो जाएंगी। अभी तक कुल 444 कक्षाओं को स्मार्ट बनाया जा चुका है। बची हुई 333 कक्षाओं को इस वित्त वर्ष में ई-लर्निंग के साधनों से लैस किया जाएगा। वहीं, परिषद् के सभी अस्पतालों को इंटरनेट के माध्यम से जोडऩे के चलते मरीज को किसी तरह का कागज साथ रखने की जरूरत नहीं रहेगी।
सभी जांच रिपोर्ट आदि ऑनलाइन उपलब्ध होगी और मरीज का पूरा डाटा रहने से उसके इलाज में सुविधा होगी। शुक्रवार को पेश बजट प्रस्तावों के मुताबिक परिषद् इलाके में 130 किलोमीटर क्षेत्रफल में फैली तमाम सडक़ों को भी स्मार्ट बनाया जाएगा। इन सडक़ों पर वाहनों की आसान और सुरक्षित आवाजाही के साथ-साथ साइकिल सवारों व पैदल चलने वालों के लिए भी रास्ता बनाया जाएगा। सडक़ों पर बेहतर साइन बोर्ड लगाए जाएंगे, पैदल सडक़ पार करने के अलग स्थान बनाए जाएंगे, थ्री डी जेब्रा क्रासिंग बनाई जाएगी।
 इन सडक़ों के आसपास की भूदृश्यावलि भी सुंदर और विश्वस्तरीय बनाई जाएगी। इसके साथ ही 149 स्थानों पर सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से करीब सौ शौचालय स्मार्ट टायलेट होंगे। इनमें बैंक एटीएम, वाईफाई और वाटर एटीएम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

 

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