ठगी के हाईफ्रोफाइल रैकेट का भंडाफोड़: दो शातिर गिरफ्तार
नयी दिल्ली ! दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने भाजपा और कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों में ऊंचे ओहदे वाले पदाधिकारी बनकर मंत्रियों ,नेताओं और सरकारी अधिकारियों से ठगी
नयी दिल्ली ! दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने भाजपा और कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों में ऊंचे ओहदे वाले पदाधिकारी बनकर मंत्रियों ,नेताओं और सरकारी अधिकारियों से ठगी करने वाले दो शातिर लोगों को गिरफ्तार कर दिल्ली में कई दिनाें से चल रहे एक हाईप्रोफाइल रैकेट का भंडाफोड़ करने का दावा किया है।
अपराधा शाखा के संयुक्त आयुक्त रवीन्द्र यादव ने आज बताया कि ये लोग बड़े अधिकारियों,मंत्रियों और नेताओं को अपना निशाना बनाते थे जिनसे इन्हें मोटी रकम मिलेने की उम्मीद होती थी। ये अपने ठगी के धंधे को इतने आत्मविश्वास के साथ अंजाम देते थे कि सामने वाले को इन पर तनिक संदेह भी नहीं होता था। आरोपियों की पहचान मयूर विहार निवासी संजय कुमार तिवारी और गौरव शर्मा के रुप में की कई है।
श्री यादव ने बताया कि 24 जनवरी को झारखंड के राजस्व मंत्री के निजी सचिव अमर कुमार बउरी ने पुलिस मे दर्ज करायी गई शिकायत में कहा था कि पिछले तीन दिनों से कोई अज्ञात शख्स लगातार उनके मोबाइल पर फोन करके खुद को भाजपा का राष्ट्रीय सचिव राम माधव बताकर पार्टी के लिए चंदा मांग रहा था। उसने अपना एक आदमी भी चंदा लेने के लिए उनके पास भेजा था। श्री बउरी ने यह भी बताया कि जब उन्होंने भाजपा कार्यालय में फोन कर इस शख्स के के बारे में पता लगाया तो जानकारी मिली कि श्री राम माधव ने कभी किसी को इस तरह का कोई फोन नहीं किया है।
इसके बाद पुलिस को यह समझते देर नहीं लगी कि शातिर लोगों का एक संगठित गिरोह यह हाईप्रोफाइल रैकेट चला रहा है। पुलिस उपायुक्त मधुर वर्मा के देखरेख में पुलिस की एक विशेष टीम इन आरोपियों को पकड़ने के लिए सक्रिय हो गई। कई जगह से इनके बारे में खुफिया जानकारी जुटाई गई। इसी दौरान इनमें से एक आरोपी की पहचान संजय कुमार तिवारी के रूप में हुई। इसी बीच 25 जनवरी को किसी मुखबिर ने संजय के आईटीओ पर अपने किसी साथी से मिलने आने की खुफिया जानकारी पुलिस को मुहैया कराई। बताई गयी जगह पर जाल बिछाकर संजय को उसके साथी गौरव शर्मा के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों के पास से अपराध के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस पूछताछ में पता चला कि गिरोह का सरगना संजय ही था। वह अपने साथियों के साथ मिलकर बड़े अधिकारियों और नेताओं को यह कहकर जाल में फंसाता था कि वह भाजपा या फिर कांग्रेस में बड़ा रसूख रखता है उनका कोई भी काम करवा सकता है कई लोगों को उसने यह झांसा भी दिया कि वह उन्हें विधानसभा चुनाव के लिए टिकट भी दिलवा सकता है। यह कहकर इन लोगों ने कई को अपना शिकार बनाया और उनसे काफी पैसे एेंठे।