भ्रष्टाचार के मामले में छत्तीसगढ़ के आईएएस अधिकारी की हिरासत अवधि बढ़ाई

नई दिल्ली ! यहां एक अदालत ने सोमवार को भ्रष्टाचार के एक मामले में छत्तीसगढ़ के आईएएस अधिकारी बी.एल. अग्रवाल और दो अन्य की हिरासत अवधि को बढ़ा दिया।

Update: 2017-02-28 22:13 GMT

नई दिल्ली !   यहां एक अदालत ने सोमवार को भ्रष्टाचार के एक मामले में छत्तीसगढ़ के आईएएस अधिकारी बी.एल. अग्रवाल और दो अन्य की हिरासत अवधि को बढ़ा दिया। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार गोयल ने जांच एजेंसी को अग्रवाल से, उनके रिश्तेदार आनंद अग्रवाल और एक अन्य व्यक्ति भगवान सिंह से आगे की पूछताछ की इजाजत देते हुए 3 मार्च तक के लिए हिरासत की अवधि बढ़ा दी।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मामले में दूसरे सह आरोपियों के सामने इनसे पूछताछ करने के लिए हिरासत अवधि बढ़ाने की मांग की थी।

अदालत ने सोमवार को हैदराबाद के सैयद बुरहानुद्दीन की सीबीआई हिरासत को बढ़ा दिया। बुरहानुद्दीन को 23 फरवरी को गिरफ्तार किया था।

अग्रवाल और उसके साथ दो अन्य व्यक्तियों को 21 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था।

दूसरे आरोपियों को इसलिए गिरफ्तार किया गया क्योंकि इन्होंने एजेंसी की जांच का सामना कर रहे अग्रवाल को एक मामले को निपटाने में मदद पहुंचाने की कोशिश की थी।

एजेंसी ने अग्रवाल, सिंह, बुरहानुद्दीन और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं के तहत 18 फरवरी को प्राथमिकी दर्ज की थी।

सीबीआई ने कहा कि आईएएस अधिकारी जांच एजेंसी द्वारा उनके खिलाफ की जा रही एक जांच में मदद करने बदले में बुरहानुद्दीन को 1.5 करोड़ रुपये देने पर सहमत हो गए थे।

जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि अग्रवाल ने मामले में पहले भगवान सिंह से संपर्क किया, जिसने उनकी बुरहानुद्दीन के साथ दिल्ली में 11 फरवरी को मुलाकात का इंतजाम किया था। बुरहानुद्दीन ने छत्तीसगढ़ के अधिकारी से कहा कि वह प्रधानमंत्री कार्यालय में काम करता है और वह 1.5 करोड़ रुपये के बदले आसानी से मामले को उनके पक्ष में करवा देगा।

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