एनसीआर में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज
नोएडा, दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के मुताबिक 6 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।;
नोएडा, दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के मुताबिक 6 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके साथ तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर तूफानी गतिविधियां होने का अनुमान है। मौसम में बदलाव के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी। 5 अक्टूबर को जहां अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री रहने का अनुमान है, वहीं 6 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम 22 डिग्री तक पहुंच सकता है।
इसके बाद 7 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री तक आने का अनुमान है। यानी दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान करीब चार डिग्री तक नीचे जा सकता है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 5 अक्टूबर को मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है और तापमान 36/24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 6 अक्टूबर को मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दिन गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है और तापमान 34/22 डिग्री रहने का अनुमान है।
7 अक्टूबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है और अधिकतम तापमान 32 तथा न्यूनतम 22 डिग्री रह सकता है। 8 अक्टूबर को 33/22 डिग्री, 9 अक्टूबर को 32/23 डिग्री और 10 अक्टूबर को 32/22 डिग्री तापमान रहने का अनुमान है। इन दिनों भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम में बदलाव के बीच एनसीआर की हवा की गुणवत्ता चिंता बढ़ा रही है।
नोएडा के चार सक्रिय मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों में प्रदूषण का स्तर काफी ऊंचा दर्ज किया गया है। सेक्टर-116 में एक्यूआई 350 दर्ज किया गया, जो रेड जोन में है। सेक्टर-125 में एक्यूआई 299, सेक्टर-1 में 261 और सेक्टर-62 में 187 दर्ज किया गया। यानी नोएडा के चारों सक्रिय स्टेशनों में सबसे खराब स्थिति सेक्टर-116 की रही। गाजियाबाद में भी प्रदूषण का स्तर कई इलाकों में गंभीर बना हुआ है। चार सक्रिय स्टेशनों में लोनी का एक्यूआई 340 दर्ज किया गया, जो रेड जोन में है। इसके बाद संजय नगर में एक्यूआई 248, इंदिरापुरम में 186 और गोविंदपुरम में 156 दर्ज किया गया। इस तरह गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में हवा सबसे ज्यादा खराब रही।
दिल्ली के मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़े भी प्रदूषण की बढ़ती स्थिति दिखा रहे हैं। अलीपुर में एक्यूआई 238, बवाना में 222, मथुरा रोड में 225 और बुराड़ी क्रॉसिंग में 210 दर्ज किया गया। चांदनी चौक में एक्यूआई 198 और आनंद विहार में 179 रहा। अशोक विहार में 146 तथा आया नगर में 140 एक्यूआई दर्ज किया गया। इससे साफ है कि एनसीआर में प्रदूषण का असर एक समान नहीं है बल्कि अलग-अलग इलाकों में हवा की गुणवत्ता में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। खासतौर पर नोएडा सेक्टर-116 और गाजियाबाद के लोनी में एक्यूआई 300 के पार पहुंचने से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
प्रदूषण बढ़ने के बीच धूल और निर्माण गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। एनसीआर के अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण और धूल के हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इनमें 14 हॉटस्पॉट पर निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों, जबकि सड़कों पर उड़ने वाली धूल को प्रदूषण बढ़ने की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
मौसम शुष्क रहने और हवा में धूल के कण बढ़ने से स्थिति और खराब हो सकती है। ऐसे में 6 अक्टूबर को संभावित बारिश और तेज हवाएं एक ओर जहां तापमान में राहत दे सकती हैं, वहीं बारिश के बाद वातावरण में मौजूद धूल के कण कुछ समय के लिए नीचे बैठने से वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद भी बन सकती है।