दिल्ली-एनसीआर मौसम से बेहाल: सुबह धुंध, दिन में तपिश और हर तरफ हवा 'जहरीली'

पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मौसम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। एक तरफ सुबह के समय छाई धुंध ने लोगों को बेचैन कर दिया तो वहीं दिन चढ़ते ही मार्च महीने में ही अप्रैल जैसी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया।

Update: 2026-03-11 05:20 GMT

नोएडा। पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मौसम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। एक तरफ सुबह के समय छाई धुंध ने लोगों को बेचैन कर दिया तो वहीं दिन चढ़ते ही मार्च महीने में ही अप्रैल जैसी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया।

मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, आने वाले दिनों में आसमान साफ रहेगा और मौसम शुष्क बना रहेगा। 11 मार्च को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी का स्तर 88 प्रतिशत से गिरकर 45 प्रतिशत पर आ गया। अगले दो दिनों यानी 12 और 13 मार्च को भी मौसम कुछ ऐसा ही बने रहने की संभावना है, जहां अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री के आसपास रहेगा।

गर्मी और धुंध के बीच एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक स्तर को पार करता जा रहा है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ने लाल निशान को पार कर लिया है, जो लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। शहरों की हवा इतनी जहरीली हो चुकी है कि इसके लंबे समय तक संपर्क में रहने से सांस संबंधी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

सबसे बुरा हाल ग्रेटर नोएडा का है, जहां प्रदूषण ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-V में एक्यूआई 429 दर्ज किया गया, जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है। वहीं नॉलेज पार्क-III का एक्यूआई 301 रहा, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में है। नोएडा में भी हालात नियंत्रण से बाहर होते दिख रहे हैं। यहां सेक्टर-116 में सबसे अधिक 362 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, सेक्टर-125 में 335, सेक्टर-1 में 304 और सेक्टर-62 में 262 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया।

वहीं गाजियाबाद में लोनी क्षेत्र सबसे प्रदूषित रहा, जहां एक्यूआई 358 रहा। इसके अलावा संजय नगर में 334, वसुंधरा में 317 और इंदिरापुरम में 326 एक्यूआई दर्ज किया गया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी प्रदूषण का स्तर बना हुआ है। यहां चांदनी चौक सबसे प्रदूषित इलाका रहा, जहां एक्यूआई 390 दर्ज किया गया। इसके बाद आनंद विहार में 388, बवाना में 312, अलीपुर में 312 और बुराड़ी क्रॉसिंग में 300 एक्यूआई दर्ज किया गया।

आया नगर और कैंटोनमेंट एरिया में 206 और 214 एक्यूआई दर्ज किया गया, जो अन्य इलाकों की तुलना में बेहतर है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मार्च में ही तापमान तेजी से बढ़ रहा है और हवा में नमी कम होने से प्रदूषक तत्व सतह के करीब ही जमा हो रहे हैं, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और विशेष रूप से बुजुर्ग और बच्चे इस दौरान सतर्क रहें।

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