तरुण तेजपाल मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली: अब 5 नवंबर को होगी अगली सुनवाई, हाईकोर्ट से बरी किए जाने के खिलाफ अपील का मामला लंबित

सहयोगी के यौन शोषण मामले में दोषी तहलका पत्रिका के पूर्व मुख्य संपादक तरुण तेजपाल की सजा को चुनौती देने वाली याचिका और गोवा सरकार की सजा बढ़ाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है। अब सुप्रीम कोर्ट 5 नवंबर को इस मामले में सुनवाई करेगा।;

Update: 2026-11-03 08:33 GMT

नई दिल्ली। सहयोगी के यौन शोषण मामले में दोषी तहलका पत्रिका के पूर्व मुख्य संपादक तरुण तेजपाल की सजा को चुनौती देने वाली याचिका और गोवा सरकार की सजा बढ़ाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है। अब सुप्रीम कोर्ट 5 नवंबर को इस मामले में सुनवाई करेगा।

सुनवाई के दौरान तरुण तेजपाल के वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट से मांग की कि तेजपाल को दीपावली में घर जाने की इजाजत दी जाए। सिब्बल की इस मांग का गोवा सरकार की तरफ से विरोध किया गया।

बता दें कि 25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने तेजपाल को तीन हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया था। इससे पहले 6 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने वर्ष 2013 के एक होटल की लिफ्ट में जूनियर सहयोगी के साथ दुष्कर्म के मामले में निचली अदालत के बरी करने के फैसले को पलट दिया था। हाईकोर्ट ने तेजपाल को दोषी ठहराते हुए 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।

इससे पहले 15 अक्टूबर की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 3 नवंबर तक के लिए टाल दी थी। गोवा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि उसने तरुण तेजपाल की याचिका पर अपना जवाब दाखिल कर दिया है।

25 सितंबर को भी सहयोगी के यौन शोषण मामले में दोषी तरुण तेजपाल की सजा को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया था। तरुण तेजपाल ने बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से दी गई 10 साल की सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए गोवा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। तेजपाल के वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तेजपाल ने सरेंडर कर दिया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए कहा था कि वह अगली सुनवाई की तारीख जल्द तय करेगा।

14 सितंबर को तहलका के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल ने गोवा की एक अदालत में सरेंडर किया था। इसके बाद उन्हें उत्तरी गोवा के कोलवाले सेंट्रल जेल ले जाया गया था। उन्होंने हाईकोर्ट की सजा के कुछ हफ्ते बाद सरेंडर किया था।


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