किरीट सोमैया ने महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी को लिखा पत्र, एसआईआर में ध्वस्त गरीब नगर के वोटरों की 'अवैध मैपिंग' का दावा
भाजपा नेता किरीट सोमैया ने महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोकलिंगम को पत्र लिखकर बांद्रा ईस्ट विधानसभा क्षेत्र में 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (एसआईआर) प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि तोड़ी गई गरीब नगर बस्ती के निवासियों की वोटर मैपिंग गैर-कानूनी तरीके से की गई थी।;
नई दिल्ली। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोकलिंगम को पत्र लिखकर बांद्रा ईस्ट विधानसभा क्षेत्र में 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (एसआईआर) प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि तोड़ी गई गरीब नगर बस्ती के निवासियों की वोटर मैपिंग गैर-कानूनी तरीके से की गई थी।
मंगलवार को सोमैया ने एक पत्र लिखकर 'गरीब नगर' के वोटरों की मैपिंग और उन्हें शामिल करने पर चिंता जताई। गरीब नगर मुंबई में रेलवे की जमीन पर बसी एक अनधिकृत बस्ती है, जिसे रेलवे अधिकारियों ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) और मुंबई पुलिस की मदद से गिरा दिया था।
सोमैया ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के पहले दौर में संबंधित ब्लॉक-स्तरीय अधिकारियों ने बांद्रा ईस्ट के गरीब नगर के 2,412 वोटरों में से 1,296 वोटरों की मैपिंग को मंजूरी दे दी, जबकि उन्हें पता था कि यह बस्ती पहले ही गिराई जा चुकी है।
सोमैया ने पत्र में लिखा, "हमें हैरानी है कि एसआईआर के पहले राउंड में ब्लॉक-लेवल के अधिकारियों ने बांद्रा ईस्ट के गरीब नगर के 2,412 वोटरों में से 1,296 वोटरों की मैपिंग को मंज़ूरी दे दी है।"
उन्होंने आगे दावा किया कि बस्ती को गिराए जाने की बात बांद्रा ईस्ट के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ) और संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) के ध्यान में पहले ही लाई गई थी, लेकिन अधिकारियों ने कथित तौर पर इस जानकारी को नजरअंदाज किया और मैपिंग की प्रक्रिया जारी रखी।
सोमैया ने कहा, "कृपया ध्यान दें कि रेलवे की जमीन पर गरीब नगर के अनधिकृत कब्जे को कुछ हफ्ते पहले रेलवे अधिकारियों ने मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और मुंबई पुलिस की मदद से हटा दिया था।"
मैपिंग प्रोसेस को जारी रखने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने लिखा, "जब बीएलओ और ईआरओ समेत सभी को पता है कि गरीब नगर को गिरा दिया गया है और वहां कोई नहीं रह रहा है, तब भी एसआईआर के पहले राउंड में उन्होंने मैपिंग का काम पूरा कर लिया।"
सोमैया ने यह भी आरोप लगाया कि तोड़ी गई बस्ती से जुड़े वोटरों के नाम हटाने के बजाय, स्थानीय अधिकारियों ने इलाके में कैंप लगाए और गरीब नगर के वोटरों के नाम मैपिंग प्रोसेस में शामिल कर लिए।
उन्होंने कहा, "हमने ब्लॉक लेवल के अधिकारियों और इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के ध्यान में यह बात लाई थी कि गरीब नगर बस्ती, जो गैर-कानूनी और अनधिकृत थी, उसे कुछ हफ्ते पहले ही गिरा दिया गया है। उन वोटरों के नाम हटा दिए जाने चाहिए थे।"
कार्रवाई की मांग करते हुए भाजपा नेता ने भारत के चुनाव आयोग से मामले की जांच करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कदम उठाने का आग्रह किया।
सोमैया ने अपने पत्र में लिखा, "हम भारत के चुनाव आयोग से अनुरोध करते हैं कि वह अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करे।"
ये आरोप महाराष्ट्र में चल रहे एसआईआर प्रक्रिया के बीच सामने आए हैं, जहां चुनाव अधिकारी वोटर रिकॉर्ड को अपडेट करने के लिए वेरिफिकेशन और मैपिंग से जुड़े काम कर रहे हैं।