होर्मुज में भारतीय की मौत पर भारत सख्त, ईरानी अधिकारियों को विदेश मंत्रालय ने किया तलब
होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय नागरिक की मौत और कई लोगों के घायल होने के बाद भारत ने ईरानी अधिकारियों को तलब किया। विदेश मंत्रालय ने समुद्री सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई।;
नई दिल्ली। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों में एक भारतीय नागरिक की मौत और कई अन्य भारतीयों के घायल होने के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने इस मामले को लेकर ईरानी अधिकारियों को तलब कर अपनी चिंता और आपत्ति दर्ज कराई। अधिकारियों के अनुसार, भारत ने क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया है।
विदेश मंत्रालय ने ईरानी अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण
सूत्रों के मुताबिक, विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें डिप्टी चीफ ऑफ मिशन मोहम्मद जवाद होसैनी भी शामिल थे, को तलब किया। हालांकि आधिकारिक तौर पर बैठक के विस्तृत एजेंडे की जानकारी साझा नहीं की गई, लेकिन माना जा रहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हाल ही में हुए हमलों और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया गया।
भारत ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर होने वाले हमले वैश्विक व्यापार और नागरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं।
तेल टैंकरों पर हमले में भारतीय की मौत
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो तेल टैंकरों पर कथित मिसाइल हमले हुए, जिनमें एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई। इस घटना में आठ अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों में छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल बताए गए हैं, जबकि चार लोगों की हालत गंभीर बताई गई है।
यूएई रक्षा मंत्रालय ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती पैदा करती है।
ओमान तट के पास भी हुआ था हमला
इससे पहले ओमान के तट के पास साइप्रस के ध्वज वाले एक वाणिज्यिक जहाज पर भी हमला हुआ था। उस जहाज पर 11 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इनमें से 10 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक भारतीय नागरिक के लापता होने की सूचना मिली थी।
भारत ने इस घटना की भी कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया जाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
समुद्री सुरक्षा पर भारत की चिंता
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए। भारत ने दोहराया कि व्यापारिक जहाजों, नागरिक बुनियादी ढांचे और निर्दोष नागरिकों को किसी भी संघर्ष का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
सरकार ने यह भी कहा कि क्षेत्र में कार्यरत भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा आवश्यक होने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच बढ़ी चिंता
पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने समुद्री सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंताएं बढ़ा दी हैं। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच तीखी बयानबाजी और सैन्य गतिविधियों में तेजी देखी गई है।
भारत ने सभी पक्षों से तनाव कम करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील करते हुए कहा है कि क्षेत्रीय स्थिरता वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। फिलहाल सरकार पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।