भारत-अमेरिका ट्रेड डील की उम्मीदों से शेयर बाजार में जोरदार तेजी, ट्रंप ने दिया भरोसा

Update: 2026-01-22 06:13 GMT
दावोस/नई दिल्ली/मुंबई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement –BTA) को लेकर दिए गए सकारात्मक बयान ने न केवल कूटनीतिक हलकों में उत्साह बढ़ाया, बल्कि इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। बीते कुछ दिनों से लगातार गिरावट झेल रहे घरेलू बाजारों में गुरुवार को जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स करीब 800 अंकों की मजबूती के साथ खुला, जबकि एनएसई निफ्टी ने भी शुरुआती कारोबार में तेज छलांग लगाई। निवेशकों का भरोसा ट्रंप के उस बयान से मजबूत हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच एक “अच्छी डील” होने जा रही है।

वर्ल्ड इकोनामिक फोरम से आया भरोसे का संकेत


डोनाल्ड ट्रंप ने यह टिप्पणी वर्ल्ड इकोनामिक फोरम (WEF) के 56वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन के बाद भारतीय मीडिया से बातचीत के दौरान की। जब उनसे भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बेहद सकारात्मक लहजे में जवाब दिया। ट्रंप ने कहा, “मेरे दिल में आपके प्रधानमंत्री के लिए बहुत सम्मान है। वह एक शानदार इंसान हैं, मेरे करीबी दोस्त हैं और हमारे बीच एक अच्छी डील होने वाली है।” इस बयान को भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में एक अहम संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

प्रधानमंत्री को बताया करीबी दोस्त और सम्मानित नेता

ट्रंप का यह बयान केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की खुलकर तारीफ की और उन्हें एक सम्मानित वैश्विक नेता बताया। दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत तालमेल और राजनीतिक समझ को भी इस संभावित डील की बड़ी ताकत माना जा रहा है। कूटनीतिक जानकारों का कहना है कि मोदी और ट्रंप के बीच बनी व्यक्तिगत केमिस्ट्री ने पहले भी कई अहम फैसलों को गति दी है, और बीटीए पर सकारात्मक संकेत उसी का विस्तार हैं।

सेंसेक्स-निफ्टी में तूफानी शुरुआत

ट्रंप के सकारात्मक रुख का असर गुरुवार सुबह बाजार खुलते ही दिखने लगा। बीएसई सेंसेक्स करीब 800 अंकों की बढ़त के साथ ओपन हुआ एनएसई निफ्टी भी मजबूत उछाल के साथ कारोबार की शुरुआत करता नजर आया। पिछले कुछ सत्रों से वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिकी टैरिफ चिंताओं और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण बाजार दबाव में था। ऐसे में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर आई यह खबर निवेशकों के लिए राहत की सांस लेकर आई।

निवेशकों में लौटा भरोसा

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच किसी बड़े व्यापार समझौते की उम्मीद घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए बेहद सकारात्मक मानी जाती है। एक वरिष्ठ बाजार विश्लेषक के मुताबिक, “बीटीए की खबर केवल व्यापार तक सीमित नहीं है। यह विदेशी निवेश, आईटी, फार्मा, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के लिए भी बड़ा बूस्ट हो सकती है।”

बीटीए का लक्ष्य: 500 अरब डॉलर से ज्यादा का व्यापार

इससे पहले भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर अहम बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि बहुप्रतीक्षित बीटीए की पहली किस्त बहुत जल्द सामने आ सकती है, हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई स्पष्ट समय-सीमा तय नहीं की। अग्रवाल के अनुसार, मौजूदा भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार: 191 अरब अमेरिकी डॉलर है। बीटीए का लक्ष्य 2030 तक 500 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा करने का है। यह आंकड़ा बताता है कि दोनों देश व्यापारिक संबंधों को लगभग तीन गुना तक बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

मोदी की वाशिंगटन यात्रा में हुई थी घोषणा

भारत-अमेरिका बीटीए पर बातचीत की औपचारिक घोषणा फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वाशिंगटन यात्रा के दौरान की गई थी। उस समय दोनों देशों ने संकेत दिया था कि वे एक व्यापक, संतुलित और आपसी फायदे वाले व्यापार समझौते की दिशा में आगे बढ़ेंगे। इस यात्रा को भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी में एक नए अध्याय की शुरुआत माना गया था।

फरवरी 2024 से चल रही है बातचीत

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और अमेरिका 13 फरवरी 2024 से ही इस द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत के लिए प्रतिबद्ध हैं। मंत्रालय ने हाल ही 9 जनवरी को जारी बयान में कहा था कि दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था, “हम कई मौकों पर डील के काफी करीब थे।” इस बयान से यह संकेत मिला था कि दोनों पक्षों के बीच अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और केवल कुछ संवेदनशील बिंदुओं पर अंतिम बातचीत बाकी है।

किन मुद्दों पर अटकी रही बातचीत?

सूत्रों के मुताबिक, बीटीए की राह में कुछ अहम मुद्दे रहे हैं, जिनमें शामिल हैं— कृषि उत्पादों पर शुल्क, डेटा लोकलाइजेशन और डिजिटल ट्रेड, मेडिकल डिवाइसेज और फार्मा सेक्टर,  औद्योगिक टैरिफ और बाजार पहुंच। हालांकि दोनों देशों ने इन मुद्दों पर लचीला रुख अपनाने के संकेत दिए हैं, जिससे समझौते की संभावना और मजबूत हुई है।

क्यों अहम है भारत-अमेरिका ट्रेड डील?

भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता केवल व्यापारिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है। यह रणनीतिक और भू-राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार—

-इससे भारत में विदेशी निवेश बढ़ सकता है

-मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा
-वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भूमिका मजबूत होगी
-चीन पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी

शेयर बाजार के लिए क्यों पॉजिटिव है बीटीए?

बीटीए की उम्मीद से खासतौर पर आईटी, फार्मा, ऑटो, मेटल और एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड सेक्टर्स में खरीदारी देखने को मिली। अमेरिका में भारतीय कंपनियों की बाजार पहुंच आसान होने से कॉरपोरेट आय में सुधार की संभावना जताई जा रही है।

बातचीत अंतिम दौर में


हालांकि ट्रंप और भारतीय अधिकारियों के बयान उम्मीद जगाने वाले हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े व्यापार समझौते में समय लगता है। बातचीत अंतिम दौर में जरूर है, लेकिन अंतिम हस्ताक्षर से पहले कई तकनीकी और राजनीतिक पहलुओं को सुलझाना होगा। 

बयान से संकेत, डील से दिशा

डोनाल्ड ट्रंप का भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर भरोसा जताना और प्रधानमंत्री मोदी की सार्वजनिक सराहना यह संकेत देती है कि दोनों देशों के रिश्ते मजबूत आधार पर खड़े हैं। इसका असर सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शेयर बाजार में भी साफ दिखाई दिया। अब बाजार और निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि बीटीए की पहली किस्त कब और किस रूप में सामने आती है, और क्या यह उम्मीदें जमीन पर भी उतनी ही मजबूत साबित होती हैं, जितनी बयानबाजी में दिख रही हैं।

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