कोलकाता के पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत

कोलकाता के एक पूजा पंडाल के बाहर मची भगदड़ में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई है और दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हैं.;

Update: 2026-10-18 06:09 GMT

कोलकाता के एक पूजा पंडाल के बाहर मची भगदड़ में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई है और दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हैं.

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के मुताबिक मरने वालों में एक सात साल की लड़की भी है. उन्होंने बताया कि 25 लोग घायल भी हुए हैं. हादसा दुर्गापूजा के लिए बने पंडाल के बाहर हुआ. सुवेंदु अधिकारी का कहना है, "अब तक 6 शवों की पहचान हुई है."

घटनास्थल पर मौजूद एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि रात में बारिश शुरू होने पर लाउड स्पीकर से एक घोषणा के बाद भगदड़ शुरू हुई. पंडाल के बाहर इंतजार में खड़ी भीड़ आगे बढ़ने के लिए धक्का देने लगी. इसी दौरान कुछ लोग जमीन पर गिर गए और भगदड़ मची."

इसके बाद घटनास्थल पर स्वास्थ्यकर्मियों को घायलों को स्ट्रेचर पर वहां से एक स्थानीय अस्पताल ले जाते देखा गया. इनमें एक पुलिस अधिकारी भी शामिल थे. पीड़ितों के परिजन रोने बिलखने लगे और एक दूसरे को सहारा दे रहे थे.

प्रधानमंत्री ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुख जताते हुए सोशल मीडिया पर बयान जारी किया है, "कोलकाता की भगदड़ दुखद है. पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं. घायलों के जल्दी ठीक होने की कामना करते हैं. पश्चिम बंगाल की सरकार प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता करने की कोशिश कर रही है."

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पहले 17 लोगों के मरने की बात कही थी. बाद में समाचार एजेंसी पीटीआई ने मुख्यमंत्री के बाद के बयान का हवाला देकर मरने वालों की बढ़ी संख्या 19 बताई. पीटीआई ने 9 शवों को परिजनों को सौंपे जाने की भी जानकारी दी है.

पीटीआई ने यह भी खबर दी है कि पुलिस ने पंडाल में लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज हासिल कर लिया है. पुलिस के मुताबिक जिन लोगों पर भीड़ को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी थी उसमें नाकाम रहने वालों की पहचान की जा रही है.

घटनास्थल पर भगदड़ से पहले शूट किए वीडियो में पंडाल के बाहर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ दिख रही है जो अंदर घुसने के इंतजार में हैं. इंडियन एक्सप्रेस अखबार के मुताबिक अंदर घुसने का रास्ता संकरा था जिसमें से एक बार में कुछ ही लोग प्रवेश कर सकते थे.

पश्चिम बंगाल का सबसे बड़ा त्यौहार

दुर्गापूजा पश्चिम बंगाल का सबसे बड़ा त्यौहार है. इसके लिए बड़े बड़े पूजा पंडाल बनाए जाते हैं. 9 दिन तक चलने वाले त्यौहार के आखिरी तीन दिन सबसे अहम हैं जिनकी शुरुआत सप्तमी यानी सातवें दिन से होती है.

भारत में भीड़ जुटने के दौरान भगदड़ की घटनाएं अकसर सामने आती हैं. पिछले साल कुंभ मेले के दौरान मची भगदड़ में 30 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे. इसी तरह बेंगलुरू में प्रीमियर लीग के मुकाबले में स्थानीय टीम की जीत के जश्मन में भी 11 क्रिकेट प्रेमियों की भीड़ में कुचल कर मौत हुई थी. उसी साल तमिलनाडु में एक राजनीतिक रैली में मची भगदड़ में 36 लोगों की मौत हुई थी. 2024 में उत्तर प्रदेश के एक धार्मिक जलसे में मची भगदड़ ने 121 लोगों की जान ले ली.

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