मप्र चुनाव: टिकट लेने पर नेताओं को जमा कराने होंगे पचास हजार

कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई ने इस वर्ष के अंत में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव में टिकट की चाह रखने वाले नेताओं को संबंधित क्षेत्र में सक्रिय रहने के साथ ही आवेदन के साथ पचास हजार रूपए जमा कराने होंगे।

Update: 2018-02-26 12:35 GMT

भोपाल। कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई ने इस वर्ष के अंत में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव में टिकट की चाह रखने वाले नेताओं को संबंधित क्षेत्र में सक्रिय रहने के साथ ही आवेदन के साथ पचास हजार रूपए पार्टी कोष में जमा कराने होंगे।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में कल यहां प्रदेश पदाधिकारियों, जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों, विधायकों और अन्य नेताओं के साथ चली बैठक के बाद पार्टी महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने पत्रकारों से चर्चा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टिकट के इच्छुक नेताओं को आवेदन के साथ डिमांड ड्राफ्ट के जरिए यह राशि जमा करवाना होगी और यह वापस नहीं की जाएगी। 
उन्होंने कहा कि महिला और अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों पच्चीस पच्चीस हजार रूपए जमा कराने होंगे।  इसके पहले बैठक को संबोधित करते हुए श्री बावरिया ने कहा कि जो व्यक्ति चुनाव लड़ना चाहता है कि वह पूरी तैयारी के साथ कम से कम एक माह पहले अपने क्षेत्र में भाजपा सरकार के खिलाफ मुद्दों को उठाए। सभी स्तर पर पार्टीजनों को साथ लेकर चले और बूथ स्तर तक अपने सक्रिय एजेंट तैयार करे।

उन्होंने हिदायत भी दी कि चुनाव लड़ने के इच्छुक किसी की सिफारिश, शक्ति प्रदर्शन, ढोल पीटने और नारेबाजी से परहेज करें। 

बावरिया ने कहा कि इच्छुक नेता आगामी रंगपंचमी से आवेदन दे सकते हैं। लेकिन ईमानदार उम्मीदवार जो आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होगा, उसकी मदद पार्टी करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा के बजट सत्र के दौरान 12 मार्च को कांग्रेस यहां विधानसभा का घेराव भी करेगी। 
वहीं प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने एक बयान में कहा कि केंद्र की पूर्ववर्ती कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के दौरान हुए करोड़ों के घोटालों के बाद अब यह पार्टी टिकट के नाम पर धन उगाही कहीं काले धन को सफेद करने का कोई उपाय तो नहीं है।

उन्होंने कहा कि नोटबंदी और चुनावी चंदों में पारदर्शिता लाने के कानून के कारण अब राजनीतिक दलों के काले कारोबार संकट से जूझ रहे हैं। 

Tags:    

Similar News