LPG संकट पर राहुल गांधी का केंद्र पर बड़ा हमला, कहा- समाधान देने के बजाय बहाने बना रही मोदी सरकार

Rahul Gandhi On Modi Govt: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। पश्चिम एशिया संकट के बीच गैस की कमी की खबरों के बीच उन्होंने कहा कि सरकार समाधान देने के बजाय बहाने बना रही है।

Update: 2026-03-18 05:09 GMT

नई दिल्ली। देश में रसोई गैस (एलपीजी) को लेकर संकट गहराता दिख रहा है और इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सरकार समाधान देने के बजाय बहाने बना रही है और सवाल पूछने वालों को घेर रही है। राहुल गांधी ने कहा कि एलपीजी की कमी अचानक नहीं आई, बल्कि यह सरकार की कमजोर नीतियों का नतीजा है।

राहुल गांधी ने कहा, भारत की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया गया है और देश को आयात पर ज्यादा निर्भर बना दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे ही सप्लाई में दिक्कत आई, गैस के दाम बढ़ा दिए गए और इसका बोझ सीधे आम जनता पर डाल दिया गया। उनका कहना है कि अगर अभी भी सही कदम नहीं उठाए गए तो आगे हालात और गंभीर हो सकते हैं

सरकार बोली- हालात नियंत्रण में

वहीं दूसरी तरफ सरकार का कहना है कि स्थिति चिंताजनक जरूर है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तरह गैस सप्लाई दी जा रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों में उत्पादन बढ़ाया गया है और कमर्शियल इस्तेमाल (होटल, रेस्टोरेंट आदि) पर पहले कुछ समय के लिए कटौती की गई थी।

होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाली सप्लाई प्रभावित

इस संकट की बड़ी वजह पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को बताया जा रहा है। इस वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाली सप्लाई प्रभावित हुई है, जो भारत के एलपीजी आयात का बड़ा हिस्सा है। सऊदी अरब और यूएई से आने वाली गैस भी प्रभावित हुई है, जिससे देश में दबाव बढ़ गया है। सरकार अब लोगों को वैकल्पिक साधनों की ओर बढ़ने के लिए कह रही है, जैसे इंडक्शन चूल्हा और पाइप्ड गैस (पीएनजी)। शहरों में गैस पाइपलाइन नेटवर्क भी तेजी से बढ़ाया जा रहा है ताकि एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके।

आम लोगों के साथ-साथ कारोबार पर भी दिख रहा असर

इस संकट का असर आम लोगों के साथ-साथ कारोबार पर भी दिख रहा है। कई रेस्टोरेंट ने ऐसे खाने बंद कर दिए हैं जिनमें ज्यादा गैस लगती है। वहीं ईंट, टाइल, कांच जैसे उद्योग भी मुश्किल में हैं। अस्पतालों, श्मशान घाटों और छोटे कारोबारों को भी काम चलाने में दिक्कत आ रही है। एक तरफ सरकार हालात संभालने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे सरकार की बड़ी नाकामी बता रहा है। आने वाले समय में यह मुद्दा और राजनीतिक गरमाहट बढ़ा सकता है।

'सरकार गिग वर्कर्स की सुरक्षा को नहीं दे रही प्राथमिकता'

राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि सरकार गिग वर्कर्स (जैसे डिलीवरी और ऐप आधारित काम करने वाले लोग) की मेहनत, सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने संसद में गिग वर्कर्स के न्यूनतम वेतन, दुर्घटनाओं के आंकड़े और बीमा जैसी सुविधाओं पर सवाल पूछे, लेकिन सरकार ने कोई साफ जवाब नहीं दिया।

राहुल गांधी के अनुसार, देश में गिग वर्कर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन बहुत कम लोग सरकारी योजनाओं में रजिस्टर हैं और उन्हें पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल रही। उन्होंने यह भी कहा कि इन कामगारों को स्थिर आय, बीमा और सम्मानजनक काम की जरूरत है, जबकि महिलाएं और दलित-आदिवासी वर्ग के लोग इस क्षेत्र में ज्यादा शोषण का सामना कर रहे हैं।

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